Question
Easy
"एत एव विपर्यस्ता गुणाः काव्येषु कीर्तिताः।" गुण विषयक उक्त मत किस आचार्य का है ?
1
भरतमुनि
2
वामन
3
भामह
4
आनंदवर्धन
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: काव्य के तत्व
Correct Answer
Option A
Explanation
"एत एव विपर्यस्ता गुणाः काव्येषु कीर्तिताः।" गुण विषयक उक्त मत भरतमुनि का है। Option 1 (भरतमुनि) सही क्यों है: भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में गुणों और दोषों का विवेचन किया गया है। भरतमुनि ने गुणों के विपर्यय (विपरीत) को दोष माना है। "एत एव विपर्यस्ता गुणाः काव्येषु कीर्तिताः।" इस कथन का तात्पर्य है कि गुणों के विपरीत होने पर वे दोष बन जाते हैं। भरतमुनि ने नाट्यशास्त्र में दस गुणों का…Read More
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