Question
Easy
रसावयवों के विषय में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
1
विभाव रस का हेतु, निमित्त या कारण है।
2
अनुभाव को रस का कार्य कहा जाता है। ये विभाव के बाद उत्पन्न होते हैं।
3
भाव के पश्चात् उत्पन्न होने वाली चेष्टाएँ चार प्रकार की होती हैं।
4
व्यभिचारी भाव स्थायीभाव के उपकारक होते हैं और रस की सिद्धि तक स्थिर रहते हैं।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option D
Explanation
रसावयवों के विषय में कथन 4 सही नहीं है, क्योंकि व्यभिचारी भाव स्थायीभाव के उपकारक तो होते हैं, लेकिन वे रस की सिद्धि तक स्थिर नहीं रहते। व्यभिचारी भाव (संचारी भाव) क्षणिक होते हैं और स्थायी भाव को पुष्ट करके विलीन हो जाते हैं। वे पानी के बुलबुले की तरह उठते और मिटते रहते हैं। रस की सिद्धि तक स्थायी भाव ही स्थिर रहता है। अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2021
निम्नलिखित शब्दों की शुद्धता पर विचार कीजिए : (अ) अन्योनाश्रित (ब) सन्नद्ध (स) संप्रभुता (द) पदौन्नति (य) पर्यवसान किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं…
Chapter :
वाक्य रचना
Topic :
वर्तनी शुद्धि
Question 2
Easy
Source :
HTET 2021
किस सामासिक पद का विग्रह सही नहीं है ?
Chapter :
समास एवं मुहावरे
Topic :
समास परिभाषा एवं भेद
Question 3
Easy
Source :
HTET 2021
मियाँ की जूती मियाँ के सिर' – लोकोक्ति का उपयुक्त भावार्थ होगा :
Chapter :
समास एवं मुहावरे
Topic :
मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
Question 4
Easy
Source :
HTET 2021
किन समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का अर्थ-भेद सुमेलित नहीं है ?
Chapter :
शब्द परिचय
Topic :
युग्म शब्द