Question
Easy
"मानुस हों तो वही रसखानि, बसौं ब्रज गोकुल गाँव कि ग्वारिन। जो पसु हौं तो कहा बसु मेरो, चरौं नित नंद कि धेनु मँझारिन।।" उपर्युक्त पद्यांश में सवैया छंद का कौन-सा भेद है ?
1
मदिरा सवैया
2
मालती सवैया
3
सुमुखी सवैया
4
किरिट सवैया
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: छंद
Correct Answer
Option D
Explanation
The correct option is 4: किरिट सवैया एक महत्वपूर्ण वर्णिक छंद है जिसमें प्रत्येक चरण में 24 वर्ण होते हैं। इस छंद की शास्त्रीय संरचना में आठ 'सगण' (II S) का प्रयोग किया जाता है, जो इसे एक विशेष गति और लय प्रदान करता है। रसखान द्वारा रचित इन पंक्तियों में जब हम वर्णों की गणना करते हैं, तो कुल 24 वर्ण प्राप्त होते हैं, जो किरिट सवैया के लक्षणों…Read More
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