Question
Easy
रीतिकाल के संबंध में अनुचित विकल्प चुनिए :
1
आ० रामचंद्र शुक्ल के मत में चिंतामणि रीतिकाल के प्रवर्त्तक हैं।
2
आ० विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने समूचे रीतिकालीन कवियों को तीन श्रेणियों में विभक्त किया है।
3
मतिराम कृत ‘ललितललाम’ छंदशास्त्र से संबंधित महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है।
4
डॉ० बच्चन सिंह के मतानुसार पद्माकर रीतिकाल के अंतिम श्रेष्ठ कवि हैं।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation
रीतिकाल के संबंध में अनुचित विकल्प का चुनाव करना है। आइए प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करें: 1. आ० रामचंद्र शुक्ल के मत में चिंतामणि रीतिकाल के प्रवर्त्तक हैं। यह कथन सही है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने 'हिंदी साहित्य का इतिहास' में स्पष्ट रूप से लिखा है कि "रीतिग्रंथों की परम्परा चिंतामणि से चली, अतः रीतिकाल का आरंभ उन्हीं से मानना चाहिए।" इस प्रकार, चिंतामणि को रीतिकाल का प्रवर्तक मानना…Read More
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