Question
Easy
“काव्यशोभायाः कर्तारो धर्माः गुणाः तदतिशयहेतवस्त्वलंकाराः।” अलंकार के संबंध में उपर्युक्त परिभाषा किस आचार्य की है ?
1
आचार्य मम्मट
2
आचार्य भामह
3
आचार्य वामन
4
आचार्य दण्डी
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option C
Explanation
सही विकल्प 3 है: यह परिभाषा आचार्य वामन की है, जो रीति संप्रदाय के प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने अपने ग्रंथ काव्यालंकारसूत्रवृत्ति में गुणों और अलंकारों के बीच स्पष्ट भेद स्थापित किया है। उनके अनुसार, गुण काव्य के शोभाकारक धर्म हैं जो अनिवार्य होते हैं, जबकि अलंकार उस शोभा को बढ़ाने वाले अस्थिर तत्व हैं। यह परिभाषा स्पष्ट करती है कि गुण काव्य के आंतरिक सौंदर्य का निर्माण करते हैं…Read More
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