Question
Easy
‘अंतरभाषिक पहचान’ क्या है ?
1
शिक्षार्थी के निर्णय कुछ तो सहजात भाषा में और कुछ लक्ष्य भाषा में समान होते हैं।
2
शिक्षार्थी के निर्णय सहजात भाषा में कुछ और लक्ष्य भाषा में कुछ असमान होते हैं।
3
शिक्षार्थी का यह निर्णय कि सहजात भाषा का ज्ञान द्वितीय भाषा के अधिगम में अवरोध पैदा करता है।
4
शिक्षार्थी की यह समझ कि विभिन्न भाषाओं का अधिगम विभिन्न योग्यताओं का आधार/समआश्वासन है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Hindi
Topic: Approaches & Evaluation in Hindi Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation
‘अंतरभाषिक पहचान’ का अर्थ है कि जब कोई व्यक्ति एक नई भाषा सीखता है, तो वह अपनी सहजात भाषा (मातृभाषा) और लक्ष्य भाषा (जिसे वह सीख रहा है) के बीच समानताओं और अंतर को पहचानता है। इस प्रक्रिया में, शिक्षार्थी के निर्णय कुछ तो सहजात भाषा में और कुछ लक्ष्य भाषा में समान होते हैं। Option 1 सही है क्योंकि यह बताता है कि शिक्षार्थी के निर्णय दोनों भाषाओं में…Read More
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