Question
Easy

छात्रैः प्रयोगार्थ भाषासामर्याः विकासाय अध्यापकः मानक-मानदण्डान् निर्धारितवान् । कतमाः मानदण्डा सर्वप्रमुखा सन्ति तथा सामर्य्याः मूल्यांकने सहायका सन्ति ।

1
सामर्य्याः प्रस्तुतिः, सज्जीकरणं एवं चाभ्यासः
2
प्रयोगार्हता, पुनरावृत्तिः एवं सूक्तीनाञ्च उत्पादनम्
3
निरीक्षणम्, प्रतिपुष्टि सत्राणि एवं लिखित-प्रतिवेदनानि
4
निरीक्षणम्, अवधारणाः तथा शिक्षणस्य परिणामाः
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option C
Explanation

Option 3, "निरीक्षणम्, प्रतिपुष्टि सत्राणि एवं लिखित-प्रतिवेदनानि," सही उत्तर है क्योंकि ये सभी मानदंड शिक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1. निरीक्षणम्: यह प्रक्रिया शिक्षण के दौरान छात्रों के व्यवहार और प्रदर्शन का अवलोकन करने में मदद करती है। इससे अध्यापक को यह समझने में सहायता मिलती है कि छात्र किस प्रकार से सीख रहे हैं और उन्हें किस क्षेत्र में सहायता की आवश्यकता है। 2.…Read More

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