निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है । पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है । खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ़ आंकड़ों पर जोर है । उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और ज़रूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है । हम में से हर की ज़िंदगी में गैर ज़रूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है । चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी ज़िंदगी में किस कदर बढ़ चुका है । इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है । मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं । फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेंहू सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है । आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है । पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी ज़रूरतों को कम करने में छिपा है । गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संरक्षण का सबसे उपयुक्त उपाय है__
गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संरक्षण का सबसे उपयुक्त उपाय "आवश्यकताओं में कमी करना" है। इस विकल्प को सही ठहराने के लिए निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किए जा सकते हैं: 1. आवश्यकताओं में कमी करना (Option 1): गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और ज़रूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। यह इंगित करता है कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल…Read More
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