Question
Easy
ज्ञानवादिनाम् अवधारणानुसारं (Cognitivists' Perspective) भाषाशिक्षकस्य दृष्ट्या बालानां त्रुटयः सन्ति _
1
अधिगमे बाधकरूपेण ।
2
अधिगमस्य अङ्गरूपेण येन चिन्तने अन्तर्दृष्टिः लभ्यते ।
3
तत्क्षणे एव ताः निवारणीयाः भवन्ति येन तासां पुनरावृत्तिः न भवेत् ।
4
तेषाम् अनवधानकारणात् यस्य निराकरणं शीघ्रतया करणयीयम् भवति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation
Option 2 का सही उत्तर होने का कारण यह है कि यह ज्ञानवादियों के दृष्टिकोण के अनुसार बच्चों की भाषाशिक्षा में त्रुटियों को अधिगम के अङ्ग के रूप में देखता है, जिससे चिंतन में अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। ज्ञानवादियों का मानना है कि जब बच्चे भाषाशिक्षा में त्रुटियाँ करते हैं, तो ये त्रुटियाँ उनके अधिगम प्रक्रिया का एक हिस्सा होती हैं। इन त्रुटियों के माध्यम से बच्चे अपने ज्ञान को…Read More
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