Question
Easy
सरलवाक्यैः एव भाषायाः शिक्षणस्य आरम्भः भवति न तु ध्वनीनां तेषां समष्ट्या वा शिक्षणेन एवं कथनं द्योतयति यत् _____
1
सम्पूर्ण-वाक्यानाम् आधारेण विचारविनिमयः भवति ।
2
भाषायाः अधिग्रहणे उच्चारणस्य किमपि स्थानं नास्ति ।
3
व्याकरणस्य उच्चारणस्य भाषाधिगमे समानं स्थानम् अस्ति ।
4
विचारविनिमयस्य कृते व्याकरणं प्रमुखः आधारः अस्ति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation
Option 1 का सही उत्तर है क्योंकि सरलवाक्य (simple sentences) के माध्यम से भाषा की शिक्षा का आरम्भ होता है। सरलवाक्य में विचारों का स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुतिकरण होता है, जिससे भाषा के मूलभूत तत्वों को समझना आसान होता है। जब हम सम्पूर्ण वाक्यों के आधार पर विचार-विनिमय करते हैं, तो यह भाषा के अधिग्रहण में सहायक होता है। सम्पूर्ण वाक्य विचारों को स्पष्टता और गहराई प्रदान करते…Read More
Similar Questions from CTET Exam - Paper 2 - Year 2019
Question 1
Easy
Source :
CTET 2019
छात्राः भाषायां किं कुर्वन्ति इति दर्शयितुम् अधस्तनेषु किं श्रेष्ठं प्रमाणं स्यात् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
CTET 2019
वायगोत्स्कीमहोदयस्य पृष्ठाश्रय-परिकल्पना-(Scaffolding Hypothesis) नुसारं शिक्षकः भाषायाः छात्रेभ्यः युग्मेन समूहेन वा कार्यं कर्तुम् अवसरं दद्यात् यतः _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
CTET 2019
सप्तमकक्षायाः शिक्षकः चाक्षुषविद्यार्थिनां (Visual Learners) कृते यूट्यूब - इत्यतः दृश्यश्रव्यसामग्रीणाम् श्राविकविद्यार्थिनां (auditory learners) कृते ध्वनिमुद्रितसामग्रीणाम् तथा च गतिसंवेदनशील (Kinesthetic) विद्यार्थिनां कृते आदानप्रदानात्मकक्रीडानाम् (interactive) उपयोगं करोति…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
CTET 2019
ज्ञानवादिनाम् अवधारणानुसारं (Cognitivists' Perspective) भाषाशिक्षकस्य दृष्ट्या बालानां त्रुटयः सन्ति _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching