Question
Easy
कथनम् (A) : व्यक्तिगत शिक्षणाय भाषाशिक्षकेण योजना निर्मातव्या । कारणम् (R) : नवीन भाषाणां शिक्षणे छात्रेषु वैविध्यं वर्तते । निम्नलिखितेषु समीचीनम् उत्तरं चिनुत ।
1
(A) सत्यम् अस्ति, परं (R) असत्यम् अस्ति ।
2
(A) तथा (R) उभे सत्ये स्तः, परं (R), (A) इत्यस्य समीचीनं व्याख्यानं नास्ति ।
3
(A) असत्यम् अस्ति, परं (R) सत्यम् अस्ति ।
4
(A) तथा (R) उभे सत्ये स्तः तथा च (R), (A) इत्यस्य समीचीनं व्याख्यानम् अस्ति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation
Option 2 का सही होना इस बात पर आधारित है कि कथन (A) और कारण (R) दोनों ही सत्य हैं, लेकिन उनके बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं है। (A) में कहा गया है कि व्यक्तिगत शिक्षण के लिए भाषाशिक्षक द्वारा योजना बनानी चाहिए। यह एक सामान्य शैक्षणिक सिद्धांत है, जो यह दर्शाता है कि शिक्षण को व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया जाना चाहिए। (R) में कहा गया है कि…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
यदा छात्राः “विचारान् उत्तेजयन्ति, संगठितान् कुर्वन्ति, प्रारूपं निर्मान्ति सम्पादयन्ति तथा संशोधनं कुर्वन्ति”, तदा एषा प्रक्रिया कीदृशं कौशलं कथ्यते ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
छात्राणां अध्ययन-अध्यापन कार्ये निम्नलिखितेषु कक्षायां किं न साधनम् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
कस्मिन् प्रविधौ छात्राणां प्रथमा भाषा पाठने मुख्य भूमिकां निर्वहति ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
चेतनस्य प्रथमा भाषा भोजपुरी आसीत् । यस्मात् कालात् स तमिलनाडू गतवान् स भोजपुरी न ब्रवीति तथा तद्देशीयैः सह आंग्लभाषां भाषते । यदा नवीना द्वितीया भाषा…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching