Question
Easy
पूर्वतरं साक्षरतां प्रोत्साहयितुं प्रौढजनः, एक बालकश्च उभौ सह एव एकं पुस्तकं पश्यतः । प्रौढः जनः प्रश्नान् पृच्छति वार्तालापम् प्रारब्धुम्, तदनु उभयोः भूमिका परिवर्तते । ततः बालकः प्रौढं प्रश्नान् पृच्छति । इयं पद्धतिः किं कथ्यते ?
1
कथाश्रावणम्
2
आदर्शपठनम् (Model reading)
3
सहपठनम्
4
वार्तालापीय-पठनम्
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option D
Explanation
प्रश्न में वर्णित स्थिति में, एक प्रौढ़ व्यक्ति और एक बालक एक साथ पुस्तक पढ़ रहे हैं और प्रश्न पूछकर वार्तालाप प्रारंभ करते हैं। इसके बाद, उनकी भूमिकाएं बदल जाती हैं और बालक प्रौढ़ व्यक्ति से प्रश्न पूछता है। इस प्रकार की पद्धति को "वार्तालापीय-पठनम्" कहा जाता है। अब हम यह समझते हैं कि क्यों विकल्प 4 सही है और अन्य विकल्प गलत हैं: 1. कथाश्रावणम्: यह विकल्प गलत है…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
भाषायाः विषये चिन्तनस्य वार्तालापस्य च योग्यता अस्ति –
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
एका माता द्वितीयकक्षायाः अध्यापकं कथयति यत् तया निरीक्षितं यत् तस्याः बालकः यदा कदा तादृशं भाषाप्रयोगं करोति यत्तया कस्मादपि प्रौढात् भगिनी भ्रातुः वा कदापि न श्रुतः…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
अध्यापकः भाषा-छात्राणां श्रवणकौशलं केन उपायेन वर्धयितुं समर्थः ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
कथनम् (A) : प्राथमिके स्तरे भाषायाः शुद्धता सर्वाधिका महत्त्वपूर्ण अस्ति । कारणम् (R) : व्याकरणं प्राथमिक पाठ्यक्रमस्य अविभाज्यम् अङ्गमस्ति । निम्नलिखित संकेतेभ्यः शुद्धम् उत्तरं चिनुत…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching