निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए। यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है। उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता। यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो खुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे। हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी। मन का तनाव समाप्त हो जाएगा। भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा। प्राण वायु का गहराई और धीमी गति से बहना _ में सहायता करता है ।
प्राण वायु का गहराई और धीमी गति से बहना ध्यान लगाने में सहायता करता है। ध्यान एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी मानसिक स्थिति को स्थिर और शांत करता है। जब हम गहराई और धीमी गति से सांस लेते हैं, तो यह हमारे शरीर और मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिससे मानसिक शांति और एकाग्रता में वृद्धि होती है। यह प्रक्रिया ध्यान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :