निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए। यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है। उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता। यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो खुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे। हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी। मन का तनाव समाप्त हो जाएगा। भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा। यदि प्राण वायु व्यवस्थित रूप से बहता है तो क्या नहीं होगा ?
यदि प्राण वायु व्यवस्थित रूप से बहता है, तो इसका अर्थ है कि शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित और सुचारू रूप से हो रहा है। इस स्थिति में, व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आइए अब देखते हैं कि क्यों विकल्प 3 सही उत्तर है और अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: 1. भय से मुक्ति मिलना (विकल्प 1): जब प्राण वायु का प्रवाह व्यवस्थित…Read More
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