निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वोधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ़ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ़ बहेना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके ज़रिए हम अपने प्राण को रोज़ बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों को रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है। रोग का कारण है :
रोग का कारण प्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन (विकल्प 2) है। यह विकल्प सही है क्योंकि जब शरीर के किसी विशेष अंग में प्राण वायु का संतुलन बिगड़ जाता है, तो उस अंग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। प्राण वायु का असंतुलन शरीर की ऊर्जा प्रणाली को बाधित करता है, जिससे रोग उत्पन्न होते हैं। यह आयुर्वेद और योग के सिद्धांतों के अनुसार भी सही है, जहां प्राण…Read More
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