अधोलिखितान् श्लोकान् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत । केवलं जलपानेन समये स्याद्यथासुखम् । न तथामृतपानेन व्यतीते समये भवेत् ॥ महान्तं प्राप्य सद्बुद्धिः संत्यजेन्न लघुं जनम् । यत्रास्ति सूचिकाकार्यं कृपाणः किं करिष्यति ॥ भविष्यत्कालकार्येषु सदा व्यग्रोऽस्ति यो जनः । विनष्टं कुरुते तेन वर्तमानस्य जीवनम् ॥ पुरतः पर्वतं वीक्ष्य न चिखेद सरिज्जलम् । पथबाधामचिन्त्यैव याति मार्गान्तरं प्रति ॥ खलानां परपीडायां दृश्यते यावती रुचिः । न तथावश्यके कार्ये स्वकीये वर्तते क्वचित् ॥ समये जलपानेन किं भवति ?
इस प्रश्न में जलपान के समय और उसके प्रभाव के बारे में चर्चा की गई है। श्लोक में कहा गया है कि केवल जलपान करने से समय में सुख प्राप्त होता है। इसका अर्थ है कि जब व्यक्ति समय पर जल का सेवन करता है, तो उसे शारीरिक और मानसिक सुख की अनुभूति होती है। Option 3 (सुखम्) सही उत्तर है क्योंकि जल का सेवन शरीर के लिए आवश्यक है…Read More
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