Question
Easy
सम्भाषणकौशलम् उत्कृष्टतया वर्धयितुं शक्यते _
1
यदि छात्राणां कृते दुरुहजटिलपाठान् पठितुम् अवसरः दीयते ।
2
यदि छात्राः शिक्षकेण प्रस्तुतम् आदर्शम् उच्चारणं श्रुणुयुः ।
3
प्रकृतजीवनपरिस्थितौ भावादानप्रदानं यदि छात्रैः क्रियते ।
4
यदि छात्राः सम्भाषणसमये त्रुटीनिवारणं कुर्युः ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option C
Explanation
सम्भाषणकौशलम् उत्कृष्टतया वर्धयितुं विकल्प 3 सही है क्योंकि यह प्राकृतिक जीवन परिस्थितियों में भावों का आदान-प्रदान करने पर केंद्रित है। जब छात्र अपने भावनाओं और विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं, तो वे न केवल अपनी संवाद कौशल को सुधारते हैं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी विकसित करते हैं। यह प्रक्रिया उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में संवाद करने के लिए तैयार करती है, जिससे उनकी बातचीत…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
पाठ्यपुस्तकात् बहिः गन्तव्यम् इति उक्तेः अर्थः _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
भाषायाः एकस्य पाठस्य पाठनसमये शिक्षिका विज्ञानस्य सामाजिक-विज्ञानस्य च पाठस्य उपयोगं कृत्वा तं पाठं पठितुं छात्रान् निर्दिशति यतः इतरविषयस्य पाठस्य सम्बन्ध भाषा-विषयस्य पाठेन सह अस्ति ।…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
व्याकरणस्य अधिगमेन शिक्षार्थिनां लाभः भवति _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
पाश्र्वे स्थिताय सहपाठिने एकस्य वर्षादिनस्य स्वानुभवविषये वर्णनं कर्तुं शिक्षिका छात्रेभ्यः निर्दिशति । एवम्प्रकारकः अभ्यासः _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching