Question
Easy
सुभाष, अष्टमकक्षायाः एकः अध्यापकः खेदं प्रकटयति यत् "भाषा-आकलने सामान्यतः, ग्रहण-कौशलानि (Receptive Skills) आपेक्षित माहात्म्यं न दीयते" ग्रहणकौशलेन तस्य कोऽभिप्राय ?
1
सम्भाषणं, लेखनं च
2
श्रवणं, लेखनं च
3
सम्भाषणं, पठनं च
4
श्रवणं, पठनं च
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option D
Explanation
सुभाष द्वारा प्रकटित खेद का अभिप्राय यह है कि भाषा-आकलन में ग्रहण-कौशलानि (Receptive Skills) को उचित महत्व नहीं दिया जाता। ग्रहण-कौशल में श्रवण (Listening) और पठन (Reading) शामिल होते हैं। विकल्प 4 (श्रवणं, पठनं च) सही है क्योंकि ये दोनों कौशल भाषा सीखने में महत्वपूर्ण हैं। श्रवण कौशल से विद्यार्थी सुनकर जानकारी ग्रहण करते हैं, जबकि पठन कौशल से वे लिखित सामग्री को समझते हैं। ये दोनों कौशल भाषा के…Read More
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