Question
Easy
पद्माकर' के किस ग्रंथ को 'शृंगार रस का सारग्रंथ' कहा जाता है ?
1
हिम्मत बहादुर विरुदावली
2
राम-रसायन
3
जगद्विनोद
4
प्रबोध-पचासा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option C
Explanation
पद्माकर के साहित्य में 'जगद्विनोद' को 'शृंगार रस का सारग्रंथ' कहा जाता है। इसका कारण यह है कि 'जगद्विनोद' में शृंगार रस का अत्यधिक प्रभावशाली और सुंदर वर्णन किया गया है। इस ग्रंथ में प्रेम, सौंदर्य और भावनाओं का ऐसा चित्रण मिलता है जो शृंगार रस की विशेषताओं को पूरी तरह से उजागर करता है। पद्माकर ने इस ग्रंथ में शृंगार रस के विभिन्न पक्षों को गहराई से प्रस्तुत किया…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2019
उसके मुख शशिकर से सौन्दर्य-किरण बरसी।
मन-कुमुद खिला, हर्षित निश्छल उर की सरसी।।'
प्रस्तुत पद में किस शब्द-शक्ति का प्रयोग किया गया है ?
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
शब्द शक्तियाँ
Question 2
Easy
Source :
HTET 2019
मरम वचन जब सीता बोला,
पंचम स्वर में कोकिल बोला।'
प्रस्तुत पद में शब्द प्रयोग संबंधी कौन-सा दोष है ?
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
काव्य के तत्व
Question 3
Easy
Source :
HTET 2020
निम्नलिखित में से 'काकु वक्रोक्ति' का उदाहरण नहीं है :
Chapter :
अलंकार
Topic :
शब्दालंकार
Question 4
Easy
Source :
HTET 2020
सुमेलित कीजिए : (क) कृपादृष्टि हो जाए तो बन जाएँ सब कामा। — (i) दुष्क्रमत्व दोष (ख) लपटी पुष्प पराग रज, सनी स्वेद मकरंद। —…
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
काव्य के तत्व