Question
Easy

निम्नलिखित में से 'काकु वक्रोक्ति' का उदाहरण नहीं है :

1
बल्लभ' विचारि कै सुनु री सयानी अली। ऐसे समय नाथ परदेस तें न आएँगे।।
2
भरतभूप सियराम लखन बन सुनि सानन्द सहौंगो। पुर परिजन अवलोकि मातु सब सुख सन्तोष लहौंगो।।
3
हैं री लाल तेरे ? सखी ऐसी निधि पाई कहाँ ? हैं री खगयान ? कह्यो हौं तो नहीं पाले हौं ?
4
मैं सुकुमारी नाथ बन जोगू। तुमहिं उचित तप मों कहँ भोगू।।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: अलंकार
Topic: शब्दालंकार
Correct Answer
Option C
Explanation

'काकु वक्रोक्ति' का अर्थ है वाणी की वह शैली जिसमें शब्दों के अर्थ को बदलकर या छिपाकर कुछ और ही अर्थ प्रकट किया जाता है। यह एक प्रकार की अलंकारिक शैली है जिसमें वक्ता अपने भावों को अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्त करता है। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं: 1. विकल्प 1: "बल्लभ' विचारि कै सुनु री सयानी अली। ऐसे समय नाथ परदेस तें न आएँगे।।" -…Read More

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