निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
“हिमालय के आँगन में, उसे प्रथम किरणों का दे उपहार । उषा ने हँस अभिनन्दन किया और पहनाया हारक हार । जागो हम, लगे जगाने, विश्वलोक में फैला फिर आलोक । व्योम-तम-पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक । विमल वाणी ने वीणा ली, कमल–कोमल कर में सप्रीत । सप्तस्वर सप्तसिन्धु में उठे, छिड़ा तब मधुर साम संगीत । बचाकर बीज–रूप से सृष्टि, नाव पर झेल प्रलय का शीत ।”
‘विश्वलोक में फैला आलोक’ पंक्ति में रेखांकित शब्द से आशय है –
‘विश्वलोक में फैला आलोक’ पंक्ति में रेखांकित शब्द से आशय है भारत द्वारा अखिल विश्व में ज्ञान प्रसार से। इस पंक्ति का अर्थ यह है कि भारत ने अपने ज्ञान और प्रकाश को पूरे विश्व में फैलाया है। यह ज्ञान का प्रसार भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और शिक्षा प्रणाली के माध्यम से हुआ है, जिसने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। भारत का योगदान विज्ञान, गणित, दर्शन, और साहित्य…Read More
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