निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
“हिमालय के आँगन में, उसे प्रथम किरणों का दे उपहार । उषा ने हँस अभिनन्दन किया और पहनाया हारक हार । जागो हम, लगे जगाने, विश्वलोक में फैला फिर आलोक । व्योम-तम-पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक । विमल वाणी ने वीणा ली, कमल–कोमल कर में सप्रीत । सप्तस्वर सप्तसिन्धु में उठे, छिड़ा तब मधुर साम संगीत । बचाकर बीज–रूप से सृष्टि, नाव पर झेल प्रलय का शीत ।”
उपर्युक्त काव्यांश में कवि की निम्नलिखित भाव दशा को उद्घाटित किया है :
उपर्युक्त काव्यांश में कवि की भाव दशा को उद्घाटित करने के लिए सही विकल्प 'आशा' है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. आशा (Option 2): - काव्यांश में 'उषा ने हँस अभिनन्दन किया' और 'विश्वलोक में फैला फिर आलोक' जैसे वाक्यांशों का प्रयोग किया गया है, जो एक नई शुरुआत और सकारात्मकता का प्रतीक हैं। - 'अखिल संसृति हो उठी अशोक' का अर्थ है कि पूरी सृष्टि दुखमुक्त हो…Read More
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