निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए:
डार द्रुम पलना, बिछौना नव पल्लव के, सुमन झिंगुला सोहै तन छबि भारी दै ।। पवन झुलावै, केकी-कीर बतरावै 'देव', कोकिल हुलावै-हुलसावै कर तारी दै ।। पूरित पराग सों उतारो करै राई नोन । कंजकली नायिका लता न सिर सारी दै ।। मदन महीप जू को बालक बसंत ताहि, प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै ।।
उपर्युक्त काव्यांश को पढ़कर आपके मन में विचार उत्पन्न होता है -
उपर्युक्त काव्यांश में प्रकृति के प्रति प्रेम का भाव स्पष्ट रूप से प्रकट होता है, जो कि विकल्प 4 को सही ठहराता है। इस काव्यांश में कवि ने प्राकृतिक सौंदर्य का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है। 1. प्रकृति के प्रति प्रेम का भाव (विकल्प 4): - काव्यांश में "डार द्रुम पलना, बिछौना नव पल्लव के" जैसी पंक्तियाँ प्रकृति के सौंदर्य और उसके प्रति प्रेम को दर्शाती हैं। यहाँ पेड़ों की…Read More
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