निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए:
डार द्रुम पलना, बिछौना नव पल्लव के, सुमन झिंगुला सोहै तन छबि भारी दै ।। पवन झुलावै, केकी-कीर बतरावै 'देव', कोकिल हुलावै-हुलसावै कर तारी दै ।। पूरित पराग सों उतारो करै राई नोन । कंजकली नायिका लता न सिर सारी दै ।। मदन महीप जू को बालक बसंत ताहि, प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै ।।
निम्नलिखित पंक्ति में अनुप्रास अलंकार का प्रयोग किया है :
अनुप्रास अलंकार का प्रयोग तब होता है जब किसी पंक्ति में एक ही ध्वनि या वर्ण का बार-बार प्रयोग होता है, जिससे एक लयात्मकता उत्पन्न होती है। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं: 1. सुमन झिंगूला सोहै तन छबि भारी दै। इस पंक्ति में कोई विशेष ध्वनि या वर्ण का बार-बार प्रयोग नहीं है जो अनुप्रास अलंकार को दर्शाए। 2. पवन झुलावै, केकी - कीर बतरावैं 'देव'।…Read More
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