निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए:
डार द्रुम पलना, बिछौना नव पल्लव के, सुमन झिंगुला सोहै तन छबि भारी दै ।। पवन झुलावै, केकी-कीर बतरावै 'देव', कोकिल हुलावै-हुलसावै कर तारी दै ।। पूरित पराग सों उतारो करै राई नोन । कंजकली नायिका लता न सिर सारी दै ।। मदन महीप जू को बालक बसंत ताहि, प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै ।।
कंजकली नायिका, लता न सिर सारी दै ।। रेखांकित शब्दों में प्रयुक्त अलंकार है
कंजकली नायिका, लता न सिर सारी दै ।। इस पंक्ति में "कंजकली नायिका" शब्दों में रूपक अलंकार का प्रयोग किया गया है। रूपक अलंकार वह अलंकार होता है जिसमें उपमेय और उपमान के बीच में कोई भेद नहीं रहता, अर्थात् उपमेय को उपमान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यहाँ "कंजकली" को "नायिका" के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ रूपक अलंकार…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :