Question
Easy

संदर्भ-व्याकरणशिक्षण-क्रमे (Context grammar teaching) अधोलिखिताः पद्धतयः किं कथ्यन्ते ?
संदर्भेषु भाषा-सामग्र्याः परिचयः छात्रेषु भाषासामग्रीः प्रति अवधानता-जननं, तेषु वास्तविक-जीवन-सन्दर्भ प्रयोगाय सामर्थ्य-निर्माणं, अन्वेषणपूर्वकं रूपं प्रति छात्राणाम् अवधानाकर्षणम्।

1
चैतन्य-उद्बोधनम् (Consciousness raising)
2
रूपरेखा-निर्माणम् (Creating a Schema)
3
निर्गमनात्मक-विधिः (Deductive method)
4
अन्वेषणात्मक-प्रविधिः (Discovery method)
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation

संदर्भ-व्याकरणशिक्षण-क्रमे, चैतन्य-उद्बोधनम् (Consciousness raising) एक महत्वपूर्ण पद्धति है। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भाषा के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना है। जब छात्र वास्तविक जीवन के संदर्भों में भाषा का प्रयोग करते हैं, तो वे न केवल भाषा की संरचना को समझते हैं, बल्कि उसके उपयोग के संदर्भ में भी गहराई से सोचते हैं। यह पद्धति छात्रों को भाषा सामग्री के प्रति ध्यान आकर्षित करने और उनके सोचने…Read More