Question
Easy
ससन्दर्भ व्याकरणम् (Language in context) नाम -
1
पुनः पुनः अभ्यासबलेन व्याकरणस्य अधिगमनम् ।
2
पूर्वम् रूपाणाम् ज्ञानम् अनन्तरं प्रयोगं प्रति प्रवृत्तिः
3
स्वाभाविकभाषायाः उदाहरणेषु रूपाणां परिचयः तथा च सन्दर्भ तेषाम् अध्ययनम् ।
4
व्यवस्थितसंरचनामाध्यमेन रूपाणाम् अधिगमनम् येन विद्यार्थी क्रमशः विकासं प्राप्नोति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option C
Explanation
ससन्दर्भ व्याकरणम् (Language in context) का सही उत्तर विकल्प 3 है: "स्वाभाविकभाषायाः उदाहरणेषु रूपाणां परिचयः तथा च सन्दर्भ तेषाम् अध्ययनम्।" विकल्प 3 का समर्थन: 1. स्वाभाविकभाषायाः उदाहरणेषु रूपाणां परिचयः: यह विकल्प इस बात पर जोर देता है कि भाषा का अध्ययन वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से किया जाता है। जब हम भाषा को उसके प्राकृतिक संदर्भ में देखते हैं, तो हम उसे बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
सम्भाषणसमये उचितेन उच्चारणेन सह समुचितशब्दानां समुचितक्रमेण प्रयोगः ।
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
कथाकथनम् एकं शिक्षणशास्त्रीयम् उपकरणम् अस्ति । तस्य उपयोगः क्रियते _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
अधोलिखितेषु कस्य कौशलविकासार्थं लेखनम् इत्यस्मिन् ग्रहणं न भवेत् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
Pedagogy of Sanskrit
पाठ्यपुस्तकनिर्मातारः वृत्तपत्र-पत्रिकादि-मूललेखेभ्यः पाठान्, कविताः वर्णनानि समाहृत्य पाठ्यपुस्तकेषु नियोजयन्ति किमर्थम् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching