निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं, सफलता का यह द्वार मेरे लिए है ॥ न अवरोध कोई न बाधा कहीं है, न संदेह कोई न व्यवधान कोई । अटल एक विश्वास मन में भरा है, नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई ॥ हृदय में कहीं कह रहा बात कोई, धरा औ गगन सिर्फ़ तेरे लिए है ॥ नहीं कुछ यहाँ जो मुझे रोक पाए, न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए । अजानी हवा में बहे जा रहा हूँ मुझे आज लगता कि मैं वह नहीं हूँ ॥ रही जगमगा इन्द्रधनुषी दिशाएँ, दिगंतर मदिर रस अलौकिक पिय हैं ॥ व्याकरण की दृष्टि से 'इंद्रधनुषी' शब्द है -
व्याकरण की दृष्टि से 'इंद्रधनुषी' शब्द विशेषण है। विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। 'इंद्रधनुषी' शब्द का प्रयोग किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान के रंग या गुण को दर्शाने के लिए किया जाता है, जैसे 'इंद्रधनुषी रंग', 'इंद्रधनुषी कपड़ा' आदि। यह शब्द उस वस्तु के रंग की विशेषता को दर्शाता है, इसलिए यह विशेषण है। अब अन्य विकल्पों की गलतियों को समझते हैं:…Read More
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