Question
Easy
व्याकरणपाठनस्य निगमनात्मक-उपगमः समर्थयति यद् अस्माभिः प्रथमतः -
1
उदाहरणानि प्रस्तौतव्यानि
2
नियमाः प्रस्तौतव्याः
3
उपयुक्तं सम्प्रेषणं कर्तव्यम्
4
सततं आवृत्तिभिः अभ्यासः करणीयः
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation
व्याकरणपाठनस्य निगमनात्मक-उपगमः समर्थयति यद् अस्माभिः प्रथमतः "नियमाः प्रस्तौतव्याः" इति विकल्पः 2 सही उत्तर है। विस्तृत व्याख्या: 1. विकल्प 2: नियमाः प्रस्तौतव्याः - व्याकरणपाठनस्य निगमनात्मक-उपगमः का मुख्य उद्देश्य यह है कि पहले नियमों को प्रस्तुत किया जाए। नियमों का ज्ञान होने पर विद्यार्थी भाषा की संरचना और उसके उपयोग को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। नियमों के माध्यम से भाषा की मूलभूत संरचना को समझना आसान हो जाता है, जिससे…Read More
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