HTET परीक्षा - Level 1 Prt - अर्थ विज्ञान
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 Prt की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 1
इनमें से किस विकल्प के सभी शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 2
पर्यायवाची शब्द-युग्म का कौन-सा विकल्प अशुद्ध है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 3
किस विकल्प में अशुद्ध विलोम युग्म है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 4
निम्न में कौन-सा शब्द 'टंक' के लिए प्रयुक्त नहीं होता है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 5
‘देने की इच्छा’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 6
“वर्जन” का विलोम है -
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 7
मुमानियत' शब्द का अर्थ है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 8
निम्नलिखित में विलोम शब्द युग्म नहीं है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 9
किस विकल्प में परस्पर पर्यायवाची शब्द नहीं हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 10
कौन-सा वाक्यांश और तत्संबंधी शब्द असंगत हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 11
किस विकल्प के शब्द परस्पर विपरीतार्थी नहीं हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 12
किस विकल्प के सभी शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 13
वाक्यांश के लिए शब्द के संदर्भ में कौन-सा विकल्प असंगत है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 14
निम्न में से कौन-सा विवरण असंगत है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 15
किस विकल्प में सही विलोम युग्म नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 16
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर सबसे उचित विकल्प चुनकर दीजिए :
बुद्धिजीवी वह है, जो विचार के माध्यम से सत्य का अन्वेषण करता है। सत्य की अवधारणा सुन्दर है, किन्तु बहुत अमूर्त और द्वेधात्मक भी है ... शायद समस्त सार्वभौमिक अवधारणाओं की तरह वह थोड़ा अस्पष्ट होती है। बुद्धिजीवी यदि अन्य दार्शनिकों और तत्त्ववेत्ताओं से थोड़ा अलग होता है, तो मेरे विचार में इसलिए कि वह सार्वभौमिक और विशिष्ट के बीच नाजुक और मूल्यवान सन्तुलन बनाने का प्रयास करता है...... समाज की हर विशिष्ट समस्या पर विचार करते समय उसके सामने कुछ ऐसे 'मूल्य' होते हैं, जो 'परम और शाश्वत' होते हैं ...... जरूरी नहीं, वह उन्हें परिभाषित करे - किन्तु उनके आलोक में वह अच्छे और बुरे, नैतिक और अनैतिक, सही और गलत का विवेक अर्जित करता है। वह जो है, उसके यथार्थ का तटस्थ ढंग से यथावत् विश्लेषण करता है...... पूर्ण रूप से वस्तुपरक होना उसकी प्राथमिक शर्त है ...... किन्तु यह ही काफी नहीं है। वस्तुपरक तो वैज्ञानिक, समाजशास्त्री, गणितज्ञ भी होते हैं......... यदि बुद्धिजीवी उनसे अलग है, तो इसलिए कि वह जो है, उसका अवलोकन करते समय, जो 'होना चाहिए' उसके बारे में विचार करता है
........और इस तरह एक नैतिक आयाम स्वतः ही उसके बौद्धिक कार्य-कलाप के साथ जुड़ जाता है। बुद्धि के माध्यम से वह आलोचनात्मक चेतना का संवाहक बन जाता है।
चेतना का यह तत्व ही है, जो भारतीय परम्परा में बुद्धिजीवी को एक मनीषी का गौरव प्रदान करता है। एक ऐसा व्यक्ति ही मनीषी की मर्यादा को प्राप्त करता है - जिसका विचार तन्त्र मनुष्य का समूचा अस्तित्व हो ..... और यह तभी सम्भव हो सकता है, जब वह अपनी बुद्धि को प्रज्ञा में परिलक्षित कर सकने के योग्य हो - प्रज्ञा वह समझदारी है, जहाँ मनुष्य अपने आत्म में रहकर भी समूची सृष्टि से ...... जिसमें चराचर सब शामिल है, एकात्म स्थापित कर लेता है।
'शाश्वत' का विलोम है
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 17
निम्न में से कौन-सा 'कामदेव' का पर्यायवाची शब्द नहीं है ?
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प्रश्न 18
उस शब्द समूह को चुनिए जो ‘श्यामा’ शब्द के विभिन्न अर्थों को व्यक्त करता हो
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 19
क्षणिक' शब्द का विपरीतार्थक है
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
प्रश्न 20
निम्न में से कौन-सा 'अमृत' का पर्याय है ?
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