HTET परीक्षा - Level 1 PRT - अर्थ विज्ञान
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 PRT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
10 में से 10 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 81
निस्पृह' शब्द का सही अर्थ है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
'निस्पृह' शब्द का सही अर्थ है 'कामना रहित'।
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विस्तृत व्याख्या:
'निस्पृह' शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है 'कामना रहित'। यह शब्द उस अवस्था या व्यक्ति का वर्णन करता है जो किसी प्रकार की इच्छा, लालसा या आकांक्षा से मुक्त होता है। यह एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति बाहरी वस्तुओं या सुखों के प्रति निर्लिप्त रहता है और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होता है। -
अन्य विकल्पों का खंडन:
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भय रहित (Option 2): 'भय रहित' का अर्थ है 'डर से मुक्त'। यह शब्द 'निस्पृह' के अर्थ से मेल नहीं खाता क्योंकि 'निस्पृह' का संबंध इच्छाओं से है, न कि भय से।
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घर रहित (Option 3): 'घर रहित' का अर्थ है 'जिसका कोई घर नहीं है'। यह शब्द भौतिक स्थिति का वर्णन करता है, जबकि 'निस्पृह' मानसिक स्थिति का वर्णन करता है। इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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आश्रय रहित (Option 4): 'आश्रय रहित' का अर्थ है 'जिसके पास कोई आश्रय नहीं है'। यह भी भौतिक स्थिति को दर्शाता है और 'निस्पृह' के अर्थ से संबंधित नहीं है, जो इच्छाओं की अनुपस्थिति को दर्शाता है।
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इस प्रकार, 'निस्पृह' का सही अर्थ 'कामना रहित' है, और यही कारण है कि विकल्प 1 सही है।
प्रश्न 82
जो समझने योग्य न हो' वाक्यांश के लिए एक शब्द है :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्यांश 'जो समझने योग्य न हो' के लिए सही शब्द 'अबूझ' है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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अबूझ: यह शब्द उन चीजों के लिए प्रयोग किया जाता है जिन्हें समझना या जानना कठिन होता है। 'अबूझ' का अर्थ होता है 'जिसे समझा न जा सके' या 'जो रहस्यमय हो'। इसलिए, 'जो समझने योग्य न हो' के लिए 'अबूझ' एकदम सही शब्द है।
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उद्दाम: इस शब्द का अर्थ होता है 'अत्यधिक उत्साही' या 'उत्तेजित'। यह शब्द किसी व्यक्ति या स्थिति की अत्यधिक ऊर्जा या उत्साह को दर्शाता है, न कि किसी चीज़ के समझ में न आने को। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
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हेय: इसका अर्थ होता है 'निंदनीय' या 'अवमाननीय'। यह शब्द उन चीजों के लिए प्रयोग किया जाता है जिन्हें तुच्छ या निम्न समझा जाता है। यह 'जो समझने योग्य न हो' के अर्थ में फिट नहीं बैठता, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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लोच: इस शब्द का अर्थ होता है 'लचीलापन' या 'समायोजन की क्षमता'। यह किसी वस्तु या व्यक्ति की लचीलेपन की क्षमता को दर्शाता है। यह भी 'जो समझने योग्य न हो' के अर्थ में सही नहीं है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, 'जो समझने योग्य न हो' के लिए सही शब्द 'अबूझ' है, और यही कारण है कि विकल्प 2 सही है।
प्रश्न 83
वाक्यांश के लिए एक शब्द की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्यांश के लिए एक शब्द की दृष्टि से असंगत विकल्प विकल्प 3 है, क्योंकि:
विकल्प 3 सही क्यों है:
- "बिना किसी प्रयास के" के लिए सही शब्द "अनायास" होता है, न कि "आयास"। "आयास" का अर्थ होता है "प्रयास" या "कोशिश"। इसलिए, "बिना किसी प्रयास के" के लिए "आयास" का प्रयोग गलत है, और यह विकल्प असंगत है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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विकल्प 1: "किसी कथा के अन्तर्गत आने वाली कोई दूसरी कथा – अन्तर्कथा" - यह बिल्कुल सही है। "अन्तर्कथा" का अर्थ ही होता है एक कथा के भीतर दूसरी कथा।
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विकल्प 2: "सर्वाधिकार सम्पन्न शासक या अधिकारी – अधिनायक" - यह भी सही है। "अधिनायक" शब्द का प्रयोग ऐसे शासक या अधिकारी के लिए होता है जिसके पास सारे अधिकार हों।
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विकल्प 4: "जिसे शाप दिया गया है – अभिशप्त" - यह भी सही है। "अभिशप्त" का अर्थ होता है जिसे शाप दिया गया हो या जो शापित हो।
इसलिए, केवल विकल्प 3 ही गलत है, क्योंकि "बिना किसी प्रयास के" के लिए सही शब्द "अनायास" है, न कि "आयास"।
प्रश्न 84
‘अनुष्ठान करने वाला’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है :
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उत्तर और व्याख्या
‘अनुष्ठान करने वाला’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है 'अनुष्ठाता'। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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अनुष्ठाता (Option 3): 'अनुष्ठाता' शब्द का अर्थ होता है वह व्यक्ति जो अनुष्ठान करता है या अनुष्ठान का संचालन करता है। यह शब्द 'अनुष्ठान' से बना है और इसमें 'कर्ता' का भाव निहित है। इसलिए, 'अनुष्ठान करने वाला' के लिए 'अनुष्ठाता' सबसे उपयुक्त शब्द है।
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अनुष्ठित (Option 1): 'अनुष्ठित' का अर्थ होता है जो अनुष्ठान किया गया हो। यह एक क्रिया विशेषण है जो कार्य के पूर्ण होने को दर्शाता है, न कि कार्य करने वाले व्यक्ति को। इसलिए, यह विकल्प सही नहीं है।
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अनुसंधायक (Option 2): 'अनुसंधायक' का अर्थ होता है शोधकर्ता या वह व्यक्ति जो अनुसंधान करता है। यह शब्द 'अनुसंधान' से संबंधित है, न कि 'अनुष्ठान' से। इसलिए, यह विकल्प भी सही नहीं है।
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अनुसंधित्सु (Option 4): 'अनुसंधित्सु' का अर्थ होता है जो अनुसंधान करने की इच्छा रखता हो। यह शब्द भी 'अनुसंधान' से संबंधित है और 'अनुष्ठान' से कोई संबंध नहीं रखता। इसलिए, यह विकल्प भी सही नहीं है।
इस प्रकार, 'अनुष्ठान करने वाला' के लिए सही और सार्थक शब्द 'अनुष्ठाता' ही है, जो कि Option 3 है।
प्रश्न 85
जंगल (वन) की अग्नि' के लिए सही शब्द चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: जंगल (वन) की अग्नि' के लिए सही शब्द चुनिए :
सही उत्तर: विकल्प 1 - दावाग्नि
विस्तृत व्याख्या:
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दावाग्नि: 'दावाग्नि' शब्द का अर्थ होता है जंगल की आग या वनाग्नि। यह शब्द विशेष रूप से उन आगों के लिए प्रयोग किया जाता है जो जंगलों में प्राकृतिक या मानव निर्मित कारणों से लगती हैं। जंगल की आग एक प्राकृतिक आपदा हो सकती है जो पेड़ों, वनस्पतियों और जीवों को प्रभावित करती है। इसलिए, 'दावाग्नि' शब्द जंगल की आग के लिए सबसे उपयुक्त और सही विकल्प है।
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बड़वाग्नि: 'बड़वाग्नि' का अर्थ होता है समुद्र की आग। यह एक पौराणिक और अलंकारिक शब्द है जो समुद्र के भीतर की अग्नि को दर्शाता है। यह जंगल की आग के संदर्भ में सही नहीं है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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कामाग्नि: 'कामाग्नि' का अर्थ होता है काम की अग्नि या वासना की आग। यह एक मानसिक और भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है और इसका जंगल की आग से कोई संबंध नहीं है। इसलिए, यह विकल्प भी गलत है।
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जठराग्नि: 'जठराग्नि' का अर्थ होता है पेट की अग्नि या पाचन अग्नि। यह शब्द मानव शरीर में भोजन के पाचन के लिए प्रयोग किया जाता है और इसका जंगल की आग से कोई संबंध नहीं है। इसलिए, यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, 'जंगल (वन) की अग्नि' के लिए सही शब्द 'दावाग्नि' है, जो विकल्प 1 है। अन्य विकल्प इस संदर्भ में सही नहीं हैं।
प्रश्न 86
‘युद्ध करने की इच्छा रखने वाले’ को कहा जाता है :
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उत्तर और व्याख्या
‘युद्ध करने की इच्छा रखने वाले’ को ‘युयुत्सु’ कहा जाता है। यह शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसमें 'यु' का अर्थ होता है 'युद्ध' और 'उत्सु' का अर्थ होता है 'इच्छा रखने वाला'। इसलिए, 'युयुत्सु' का अर्थ होता है 'युद्ध करने की इच्छा रखने वाला'।
अब हम अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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विजीगिषु: यह शब्द 'विजय' से संबंधित है, जिसका अर्थ होता है 'विजय प्राप्त करने की इच्छा रखने वाला'। यह युद्ध करने की इच्छा से अलग है क्योंकि यह विशेष रूप से विजय प्राप्त करने की इच्छा को दर्शाता है।
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युयुत्सा: यह शब्द 'युयुत्सु' का एक रूपांतर हो सकता है, लेकिन यह सही शब्द नहीं है। सही शब्द 'युयुत्सु' है, जो विशेष रूप से युद्ध करने की इच्छा को दर्शाता है।
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मुमूर्षु: यह शब्द 'मृत्यु' से संबंधित है, जिसका अर्थ होता है 'मृत्यु की इच्छा रखने वाला'। यह युद्ध से संबंधित नहीं है और इसलिए इस संदर्भ में गलत है।
इस प्रकार, 'युयुत्सु' (विकल्प 3) सही उत्तर है क्योंकि यह विशेष रूप से युद्ध करने की इच्छा को दर्शाता है।
प्रश्न 87
दूसरे के काम में दखल करना' वाक्यांश के लिए उचित एकल शब्द चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्यांश 'दूसरे के काम में दखल करना' के लिए उचित एकल शब्द 'हस्तक्षेप' है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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हस्तक्षेप (Option 3): 'हस्तक्षेप' का अर्थ होता है किसी के कार्य या मामले में दखल देना या बीच में आना। जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी अन्य व्यक्ति के कार्यों में बिना उनकी अनुमति के शामिल होती है, तो इसे हस्तक्षेप कहा जाता है। इस प्रकार, 'दूसरे के काम में दखल करना' के लिए 'हस्तक्षेप' सबसे उपयुक्त शब्द है।
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उन्मूलन (Option 1): उन्मूलन का अर्थ होता है किसी चीज़ को जड़ से समाप्त करना या नष्ट करना। यह शब्द 'दूसरे के काम में दखल करना' के संदर्भ में उपयुक्त नहीं है क्योंकि यह हस्तक्षेप के अर्थ को व्यक्त नहीं करता।
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षोडशी (Option 2): षोडशी का अर्थ होता है सोलह वर्ष की आयु की लड़की। यह शब्द किसी भी प्रकार से 'दूसरे के काम में दखल करना' के अर्थ से मेल नहीं खाता।
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अध्यूढा (Option 4): अध्यूढा का अर्थ होता है विवाहित स्त्री। यह शब्द भी 'दूसरे के काम में दखल करना' के अर्थ से संबंधित नहीं है।
इस प्रकार, 'दूसरे के काम में दखल करना' के लिए 'हस्तक्षेप' (Option 3) ही सही विकल्प है।
प्रश्न 88
वाक्यांश के लिए एकल शब्द के संबंध में कौन-सा युग्म असंगत है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
The correct option is 1:
विकल्प 1 ("जिसे वहन करना कठिन हो - दुर्विभाव्य") असंगत युग्म है। "दुर्विभाव्य" शब्द का अर्थ होता है जिसे समझना या जानना कठिन हो, न कि जिसे वहन करना (उठाना या सहना) कठिन हो। "वहन करना कठिन हो" के लिए सही एकल शब्द "दुर्वह" या "दुष्कर" होता है। यह वाक्यांश 'वहन' (भार उठाना) और 'दुर्विभाव्य' (जिसे समझना कठिन हो) के बीच अर्थ का मेल न होने के कारण असंगत है।
The incorrect option is 2:
विकल्प 2 ("जिसे किसी ने न सूँघा हो - अनाघ्रात") संगत युग्म है। "अनाघ्रात" शब्द 'अन्' (नहीं) और 'आघ्रात' (सूँघा हुआ) के योग से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है जिसे सूँघा न गया हो।
The incorrect option is 3:
विकल्प 3 ("कोई काम करने की इच्छा - चिकीर्षा") संगत युग्म है। "चिकीर्षा" का अर्थ ही होता है 'कुछ करने की इच्छा' (क्रिया की इच्छा)। यह इच्छावाचक शब्द संस्कृत की 'सन्' प्रत्यय लगने से बनता है और वाक्यांश के लिए बिल्कुल सही एकल शब्द है।
The incorrect option is 4:
विकल्प 4 ("विजय प्राप्ति की तीव्र इच्छा - विजीगिषा") संगत युग्म है। "विजीगिषा" शब्द का प्रयोग 'जीतने की इच्छा' या 'विजय प्राप्त करने की तीव्र अभिलाषा' के लिए किया जाता है। यह वाक्यांश के अर्थ को पूर्णतः व्यक्त करता है।
प्रश्न 89
वाक्यांश के लिए एकल शब्द के संबंध में अनुचित युग्म है :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न 90
असंगत विकल्प चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
The correct option is (1):
"समुद्र में लगने वाली आग - दावानल" यह विकल्प असंगत है क्योंकि वाक्यांश और उसके लिए दिए गए एक शब्द का मेल सही नहीं है। 'दावानल' (या दावाग्नि) का अर्थ होता है 'जंगल में लगने वाली आग' (wildfire)। इसके विपरीत, समुद्र में लगने वाली आग के लिए सही शब्द 'बड़वानल' या 'बड़वाग्नि' होता है। हिंदी भाषा में वाक्यांशों के लिए एक शब्द का प्रयोग करते समय यह निश्चित किया जाता है कि वह शब्द उस वाक्यांश के अर्थ को पूरी तरह से व्यक्त करे, और चूँकि 'दावानल' का अर्थ जंगल की आग है, यह 'समुद्र में लगने वाली आग' के संदर्भ में गलत है, इसलिए यह असंगत विकल्प है।
The incorrect option is (2):
"लोक-प्रचलित बात, जिसके वक्ता का पता न हो - किंवदन्ती" यह एक संगत युग्म है। 'किंवदन्ती' शब्द का प्रयोग उन कहानियों या बातों के लिए किया जाता है जो लंबे समय से लोगों के बीच प्रचलित हैं, लेकिन उनके मूल स्रोत या वक्ता का कोई निश्चित प्रमाण नहीं होता है।
The incorrect option is (3):
"पशुओं द्वारा जुगाली करने की प्रक्रिया - पागुर" यह युग्म भी पूरी तरह से संगत है। 'पागुर' या 'जुगाली' वह प्रक्रिया है जिसमें गाय या भैंस जैसे पशु भोजन को आंशिक रूप से पचाने के बाद वापस मुँह में लाकर चबाते हैं। यह दोनों शब्द एक ही क्रिया को दर्शाते हैं।
The incorrect option is (4):
"जिसके पति ने दूसरा विवाह कर लिया हो - अध्यूढा" यह युग्म भी संगत है और सही परिभाषा प्रस्तुत करता है। 'अध्यूढा' उस स्त्री को कहते हैं जिसके पति ने उस पर दूसरी पत्नी को विवाह करके लाया हो।