HTET परीक्षा - Level 1 PRT - वाक्य रचना
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 PRT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 101
कौन-सा शब्द उर्दू उपसर्ग से निर्मित है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 1 "खुशबू" सही उत्तर है क्योंकि यह शब्द उर्दू उपसर्ग से निर्मित है। "खुश" एक उर्दू उपसर्ग है जिसका अर्थ है "अच्छा" या "सुखद"। "बू" का अर्थ है "गंध"। जब इन दोनों को मिलाया जाता है, तो "खुशबू" का अर्थ होता है "सुखद गंध"। यह शब्द उर्दू भाषा में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है और इसका निर्माण उर्दू उपसर्ग से ही हुआ है।
अब आइए अन्य विकल्पों पर विचार करें और समझें कि वे क्यों गलत हैं:
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स्वयंसिद्ध: यह शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसमें "स्वयं" का अर्थ है "स्वयं" और "सिद्ध" का अर्थ है "सिद्ध" या "संपन्न"। यह शब्द उर्दू उपसर्ग से निर्मित नहीं है।
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अधकच्चा: यह शब्द हिंदी में प्रयुक्त होता है और "अध" का अर्थ है "अधूरा" या "अपूर्ण" और "कच्चा" का अर्थ है "अधपका"। यह शब्द भी उर्दू उपसर्ग से निर्मित नहीं है।
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निहत्था: यह शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसमें "नि" का अर्थ है "बिना" और "हत्था" का अर्थ है "हथियार"। यह शब्द भी उर्दू उपसर्ग से निर्मित नहीं है।
इस प्रकार, "खुशबू" ही एकमात्र ऐसा शब्द है जो उर्दू उपसर्ग से निर्मित है, और इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
प्रश्न 102
किस शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 4 (अवधी)
व्याख्या:
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विकल्प 4: अवधी
'अवधी' शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अवधी' शब्द का संबंध समय की अवधि से है और यह 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है। यह शब्द संस्कृत के 'अवधि' से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है 'सीमा' या 'समय की अवधि'। इसलिए, इस शब्द में 'अव' उपसर्ग का कोई योगदान नहीं है। -
विकल्प 1: अवनद्ध
'अवनद्ध' शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अव' का अर्थ होता है 'नीचे' या 'अधीन' और 'नद्ध' का अर्थ होता है 'बंधा हुआ'। इस प्रकार, 'अवनद्ध' का अर्थ होता है 'नीचे बंधा हुआ' या 'अधीन बंधा हुआ'। -
विकल्प 2: अवलेह
'अवलेह' शब्द में भी 'अव' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अव' का अर्थ 'नीचे' या 'अधीन' होता है और 'लेह' का अर्थ 'चाटना' होता है। 'अवलेह' का अर्थ होता है 'चाटने योग्य दवा' या 'लेप'। -
विकल्प 3: अवेक्षण
'अवेक्षण' शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अव' का अर्थ 'नीचे' या 'अधीन' होता है और 'ईक्षण' का अर्थ 'देखना' होता है। 'अवेक्षण' का अर्थ होता है 'निरीक्षण' या 'देखना'।
इस प्रकार, 'अवधी' शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, जबकि अन्य विकल्पों में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसलिए, सही उत्तर विकल्प 4 है।
प्रश्न 103
किस विकल्प में दो उपसर्गों का प्रयोग नहीं हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 2, "सहगामिनी," सही उत्तर है क्योंकि इसमें दो उपसर्गों का प्रयोग नहीं हुआ है। आइए इसे विस्तार से समझें:
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सारोपा: इस शब्द में "सा" और "रोप" दो उपसर्ग हैं। "सा" का अर्थ है 'साथ' और "रोप" का अर्थ है 'लगाना'। इस प्रकार, यह शब्द दो उपसर्गों के प्रयोग से बना है।
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सहगामिनी: इस शब्द में केवल एक उपसर्ग "सह" का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है 'साथ'। "गामिनी" एक मूल शब्द है जिसका अर्थ है 'चलने वाली'। इसलिए, इसमें केवल एक उपसर्ग है और यह विकल्प सही है।
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पुनरुद्धार: इस शब्द में "पुनर" और "उद्धार" दो उपसर्ग हैं। "पुनर" का अर्थ है 'फिर से' और "उद्धार" का अर्थ है 'उठाना'। इस प्रकार, यह शब्द भी दो उपसर्गों के प्रयोग से बना है।
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समाधि: इस शब्द में "सम" और "आधि" दो उपसर्ग हैं। "सम" का अर्थ है 'समान' और "आधि" का अर्थ है 'स्थिति'। इस प्रकार, यह शब्द भी दो उपसर्गों के प्रयोग से बना है।
इस प्रकार, "सहगामिनी" एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसमें केवल एक उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, और इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 104
किस विकल्प में ‘आ’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस विकल्प में ‘आ’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
सही उत्तर: विकल्प 3
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 3: आखण्डल
- 'आ' उपसर्ग का प्रयोग: 'आ' उपसर्ग का अर्थ होता है 'पूर्णता' या 'सम्पूर्णता'। 'आखण्डल' शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, जो 'खण्डल' के साथ मिलकर 'सम्पूर्ण खण्डल' या 'अखंड' का भाव प्रकट करता है। इस प्रकार, यह शब्द 'आ' उपसर्ग के प्रयोग का सही उदाहरण है।
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विकल्प 1: आदित्य
- 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं: 'आदित्य' शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'अदिति' से उत्पन्न हुआ है, जो सूर्य के लिए एक विशेषण है। इसमें 'आ' उपसर्ग का कोई योगदान नहीं है।
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विकल्प 2: आक्षपटिक
- 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं: 'आक्षपटिक' शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'क्षपट' से बना है, जिसमें 'आ' उपसर्ग का कोई विशेष योगदान नहीं है।
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विकल्प 4: आभिजात्य
- 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं: 'आभिजात्य' शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'भिजात्य' से बना है, जिसमें 'आ' उपसर्ग का कोई विशेष योगदान नहीं है।
इस प्रकार, 'आ' उपसर्ग का सही प्रयोग विकल्प 3 'आखण्डल' में ही हुआ है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 105
प्रति' उपसर्ग युक्त पद चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: प्रति' उपसर्ग युक्त पद चुनिए :
सही उत्तर: विकल्प 2 (प्रत्युष)
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 2: प्रत्युष
'प्रत्युष' शब्द में 'प्रति' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'प्रति' का अर्थ होता है 'सामना करना' या 'विपरीत दिशा में'। 'प्रत्युष' का अर्थ होता है 'प्रातःकाल' या 'सुबह का समय', जो कि रात के विपरीत होता है। इस प्रकार, 'प्रत्युष' में 'प्रति' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है। -
विकल्प 1: प्रोक्ति
'प्रोक्ति' शब्द में 'प्र' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, न कि 'प्रति'। 'प्रोक्ति' का अर्थ होता है 'कहना' या 'उक्ति', जो 'प्र' उपसर्ग से बना है। इसलिए, यह विकल्प सही नहीं है। -
विकल्प 3: प्रोत्साहन
'प्रोत्साहन' शब्द में भी 'प्र' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। इसका अर्थ होता है 'उत्साह बढ़ाना'। यहाँ 'प्रति' उपसर्ग का प्रयोग नहीं है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है। -
विकल्प 4: प्राप्त्याशा
'प्राप्त्याशा' शब्द में 'प्रा' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। इसका अर्थ होता है 'प्राप्त करने की आशा'। यहाँ भी 'प्रति' उपसर्ग का प्रयोग नहीं है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
इस प्रकार, 'प्रत्युष' ही एकमात्र ऐसा शब्द है जिसमें 'प्रति' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, और इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 106
किस विकल्प में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 4 'अप्रत्याशित' में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
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अप्रत्याशित: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग 'प्रत्याशित' शब्द के पहले हुआ है। 'प्रत्याशित' का अर्थ होता है 'उम्मीद की गई' या 'अपेक्षित'। जब 'अ' उपसर्ग का प्रयोग होता है, तो यह शब्द का अर्थ विपरीत कर देता है, जिससे 'अप्रत्याशित' का अर्थ होता है 'जो उम्मीद नहीं की गई हो' या 'अनपेक्षित'। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि 'अ' उपसर्ग का प्रयोग इस शब्द में हुआ है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अत्यय: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अत्यय' का अर्थ होता है 'अंत' या 'समाप्ति', और यह एक स्वतंत्र शब्द है जिसमें उपसर्ग का प्रयोग नहीं है।
- अत्युक्ति: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अत्युक्ति' का अर्थ होता है 'अधिक कहना' या 'अतिशयोक्ति', और यह भी एक स्वतंत्र शब्द है जिसमें उपसर्ग का प्रयोग नहीं है।
- अतीव: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अतीव' का अर्थ होता है 'बहुत अधिक' या 'अत्यधिक', और यह भी एक स्वतंत्र शब्द है जिसमें उपसर्ग का प्रयोग नहीं है।
इस प्रकार, केवल 'अप्रत्याशित' में ही 'अ' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 107
किस विकल्प में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस विकल्प में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 4
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 4: अन्वर्थ
- 'अन्वर्थ' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अनु' का अर्थ होता है 'के अनुसार' या 'पीछे'। 'अन्वर्थ' का अर्थ होता है 'अर्थ के अनुसार'। इस शब्द में 'अनु' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
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विकल्प 1: अनुज्झित
- 'अनुज्झित' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'अ' उपसर्ग से बना है, जिसका अर्थ होता है 'न' या 'बिना'। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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विकल्प 2: अनुदार
- 'अनुदार' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'अ' उपसर्ग से बना है, जिसका अर्थ होता है 'न' या 'बिना'। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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विकल्प 3: अनुर्वर
- 'अनुर्वर' शब्द में भी 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'अ' उपसर्ग से बना है, जिसका अर्थ होता है 'न' या 'बिना'। इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, 'अन्वर्थ' ही एकमात्र ऐसा शब्द है जिसमें 'अनु' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, और इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 108
किस शब्द में दो से अधिक उपसर्गों का प्रयोग किया गया है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस शब्द में दो से अधिक उपसर्गों का प्रयोग किया गया है?
सही उत्तर: विकल्प 4 (दुर्व्यवहार)
व्याख्या:
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दुर्व्यवहार: इस शब्द में दो उपसर्गों का प्रयोग किया गया है - "दुर्" और "व्य". "दुर्" का अर्थ होता है बुरा या गलत, और "व्य" का अर्थ होता है विशेष रूप से या व्यापक रूप से. इस प्रकार, "दुर्व्यवहार" का अर्थ होता है बुरा या अनुचित व्यवहार. इस शब्द में दो से अधिक उपसर्गों का प्रयोग किया गया है, जो इसे सही उत्तर बनाता है.
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प्राध्यापक: इस शब्द में केवल एक उपसर्ग "प्रा" का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ होता है प्रमुख या मुख्य. "अध्यापक" का अर्थ होता है शिक्षक, और "प्राध्यापक" का अर्थ होता है प्रमुख शिक्षक. इसमें दो से अधिक उपसर्ग नहीं हैं.
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प्रावधान: इस शब्द में भी केवल एक उपसर्ग "प्रा" का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ होता है पहले से या अग्रिम. "विधान" का अर्थ होता है व्यवस्था या नियम, और "प्रावधान" का अर्थ होता है अग्रिम व्यवस्था. इसमें भी दो से अधिक उपसर्ग नहीं हैं.
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पुनरावेदन: इस शब्द में एक उपसर्ग "पुनर" का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ होता है फिर से या दोबारा. "आवेदन" का अर्थ होता है निवेदन या अपील, और "पुनरावेदन" का अर्थ होता है पुनः अपील. इसमें भी दो से अधिक उपसर्ग नहीं हैं.
इस प्रकार, "दुर्व्यवहार" ही एकमात्र ऐसा शब्द है जिसमें दो से अधिक उपसर्गों का प्रयोग किया गया है, और इसलिए यह सही उत्तर है.
प्रश्न 109
किस शब्द में ‘परा’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस शब्द में ‘परा’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 2 (पराश्रित)
विस्तृत व्याख्या:
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पराजय: इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'परा' का अर्थ होता है 'बाहर' या 'अधिक' और 'जय' का अर्थ होता है 'विजय'। 'पराजय' का अर्थ होता है 'विजय से बाहर' या 'हार'। इसलिए, इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का स्पष्ट प्रयोग है।
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पराश्रित: इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'पराश्रित' का अर्थ होता है 'दूसरों पर निर्भर'। यहाँ 'परा' उपसर्ग का कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं निकलता है, बल्कि यह 'पर' और 'आश्रित' के संयोजन से बना है। इसलिए, इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
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पराभव: इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'परा' का अर्थ होता है 'बाहर' या 'अधिक' और 'भव' का अर्थ होता है 'स्थिति' या 'अस्तित्व'। 'पराभव' का अर्थ होता है 'अस्तित्व से बाहर' या 'नाश'। इसलिए, इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का स्पष्ट प्रयोग है।
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पराकाष्ठा: इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'परा' का अर्थ होता है 'अधिक' और 'काष्ठा' का अर्थ होता है 'सीमा'। 'पराकाष्ठा' का अर्थ होता है 'अधिकतम सीमा' या 'चरम सीमा'। इसलिए, इस शब्द में 'परा' उपसर्ग का स्पष्ट प्रयोग है।
इस प्रकार, 'पराश्रित' वह शब्द है जिसमें 'परा' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, और यही कारण है कि विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 110
किस विकल्प में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस विकल्प में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 1 (अन्वेषक)
व्याख्या:
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विकल्प 1: अन्वेषक
- 'अन्वेषक' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अनु' उपसर्ग का अर्थ होता है 'पीछे' या 'अनुसरण करना'। 'अन्वेषक' का अर्थ होता है वह व्यक्ति जो किसी चीज़ की खोज या अनुसंधान करता है। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग 'वेषण' (खोज) के साथ हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सही उत्तर है।
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विकल्प 2: अनुष्ण
- 'अनुष्ण' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'उष्ण' (गर्म) के साथ 'अनु' उपसर्ग का कोई संबंध नहीं दर्शाता है। यह शब्द 'अनु' उपसर्ग के अर्थ को नहीं दर्शाता है।
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विकल्प 3: अनुत्सेक
- 'अनुत्सेक' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'उत्सेक' (अभिमान) के साथ 'अनु' उपसर्ग का कोई संबंध नहीं दर्शाता है। यह शब्द 'अनु' उपसर्ग के अर्थ को नहीं दर्शाता है।
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विकल्प 4: अनुद्धत
- 'अनुद्धत' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'उद्धत' (अभिमानी) के साथ 'अनु' उपसर्ग का कोई संबंध नहीं दर्शाता है। यह शब्द 'अनु' उपसर्ग के अर्थ को नहीं दर्शाता है।
इस प्रकार, 'अन्वेषक' में 'अनु' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, जो इसे सही उत्तर बनाता है। अन्य विकल्पों में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, इसलिए वे गलत हैं।
प्रश्न 111
असंगत विकल्प बताइए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: असंगत विकल्प बताइए :
सही उत्तर: विकल्प 4
विवरण:
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हि + न = हिन्द: यह विकल्प संगत है क्योंकि 'हि' और 'न' को मिलाकर 'हिन्द' शब्द बनता है, जो एक मान्य शब्द है और इसका अर्थ भी स्पष्ट है।
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हि + नगर = हिन्दगर: यह विकल्प भी संगत है क्योंकि 'हि' और 'नगर' को मिलाकर 'हिन्दगर' शब्द बनता है। हालांकि यह एक सामान्य शब्द नहीं है, लेकिन यह एक संगत संयोजन है।
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हि + म = हिम: यह विकल्प भी संगत है क्योंकि 'हि' और 'म' को मिलाकर 'हिम' शब्द बनता है, जो एक मान्य और प्रचलित शब्द है।
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हि + तु = हितु: यह विकल्प असंगत है क्योंकि 'हि' और 'तु' को मिलाकर 'हितु' शब्द बनता है, जो एक मान्य या प्रचलित शब्द नहीं है। हिंदी भाषा में 'हितु' का कोई विशेष अर्थ नहीं है, और यह शब्द सामान्यतः उपयोग में नहीं आता है।
इस प्रकार, विकल्प 4 'हि + तु = हितु' असंगत है क्योंकि यह एक मान्य शब्द नहीं बनाता है, जबकि अन्य विकल्प मान्य और संगत शब्द बनाते हैं। यही कारण है कि विकल्प 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 112
किस विकल्प में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 3 'आख्यायिका' में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'आ' उपसर्ग का प्रयोग संस्कृत में किसी शब्द के आरंभ में होता है और यह शब्द के अर्थ में विशेषता या विस्तार जोड़ता है। 'आख्यायिका' शब्द में 'आ' उपसर्ग 'ख्यायिका' के पहले जुड़कर इसे एक विशेष अर्थ प्रदान करता है, जो कि एक प्रकार की कथा या कहानी को दर्शाता है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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आत्यन्तिक: इस शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'अत्यन्त' से बना है, जिसमें 'अति' उपसर्ग का प्रयोग होता है, जो 'अत्यधिक' या 'बहुत अधिक' के अर्थ में आता है।
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आतिथ्य: इस शब्द में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'आतिथ्य' शब्द 'अतिथि' से बना है, जो 'अतिथि' के स्वागत और सत्कार को दर्शाता है। इसमें 'आ' उपसर्ग का कोई योगदान नहीं है।
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आधिपत्य: इस शब्द में भी 'आ' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'आधिपत्य' शब्द 'अधिपति' से बना है, जिसमें 'अधि' उपसर्ग का प्रयोग होता है, जो 'ऊपर' या 'सर्वोच्च' के अर्थ में आता है।
इस प्रकार, केवल 'आख्यायिका' शब्द में ही 'आ' उपसर्ग का सही प्रयोग हुआ है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 113
किस विकल्प में दो उपसर्गों का योग नहीं हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 4 सही उत्तर है क्योंकि 'वैनाशिक' शब्द में दो उपसर्गों का योग नहीं हुआ है। आइए विश्लेषण करते हैं:
- वैनाशिक: यह शब्द 'विनाश' शब्द में 'इक' प्रत्यय लगने से बना है। 'विनाश' शब्द में केवल एक उपसर्ग 'वि' है और 'नाश' मूल शब्द है। इसलिए, 'वैनाशिक' में दो उपसर्गों का योग नहीं है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या करते हैं कि वे क्यों गलत हैं:
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व्युत्पत्ति: इस शब्द में 'वि' + 'उत्' + 'पत्ति' का योग है। यहाँ 'वि' और 'उत्' दो उपसर्ग हैं।
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व्याधि: इस शब्द में 'वि' + 'आधि' का योग है। यहाँ 'वि' और 'आ' दो उपसर्ग हैं।
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व्यापादित: इस शब्द में 'वि' + 'आ' + 'पादित' का योग है। यहाँ 'वि' और 'आ' दो उपसर्ग हैं।
इसलिए, केवल 'वैनाशिक' शब्द में दो उपसर्गों का योग नहीं है, बल्कि एक उपसर्ग और एक प्रत्यय का योग है। इसलिए, Option 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 114
किस शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
'अवधि' शब्द में 'अव' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
Option 2 ('अवधि') सही क्यों है:
'अवधि' शब्द 'अव' उपसर्ग और 'धि' मूल शब्द के मेल से बना है। 'अव' उपसर्ग का अर्थ होता है 'नीचे', 'दूर', या 'हीन'। 'अवधि' का अर्थ होता है 'समय सीमा' या 'अंतराल', जो 'अव' उपसर्ग के अर्थ के अनुरूप है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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अवाच्य: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, 'अव' का नहीं। 'अवाच्य' का अर्थ होता है 'जो कहने योग्य न हो'।
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अ वचन: यह कोई सार्थक शब्द नहीं है। यदि 'अ' उपसर्ग 'वचन' शब्द के साथ लगाया जाए तो 'अवाचन' बनेगा, जिसका अर्थ होगा 'न बोलना'। इसमें भी 'अ' उपसर्ग है, 'अव' नहीं।
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अविनष्ट: इस शब्द में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, 'अव' का नहीं। 'अविनष्ट' का अर्थ होता है 'जो नष्ट न हो'।
प्रश्न 115
‘अनुपम’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग जुड़ा है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
‘अनुपम’ शब्द में उपसर्ग की पहचान करने के लिए हमें यह समझना होगा कि उपसर्ग शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करता है।
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सही विकल्प: अनु (Option 2)
'अनुपम' शब्द में 'अनु' उपसर्ग जुड़ा है। 'अनु' का अर्थ होता है 'अनुकरण' या 'पीछे'। 'अनुपम' का अर्थ होता है 'जिसका कोई उपमा न हो', अर्थात् 'अद्वितीय' या 'बेजोड़'। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग यह दर्शाने के लिए किया गया है कि यह विशेषता किसी अन्य के समान नहीं है। -
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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अन (Option 1):
'अन' उपसर्ग का अर्थ होता है 'नहीं' या 'विपरीत'। यह उपसर्ग 'अनुपम' में नहीं जुड़ा है क्योंकि 'अनुपम' का अर्थ 'अद्वितीय' है, न कि 'विपरीत'। -
अन् (Option 3):
'अन्' कोई मान्य उपसर्ग नहीं है। यह विकल्प गलत है क्योंकि यह किसी भी प्रकार से 'अनुपम' शब्द में प्रयुक्त नहीं होता। -
अनुप (Option 4):
'अनुप' कोई उपसर्ग नहीं है। यह शब्द का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उपसर्ग के रूप में इसका प्रयोग नहीं होता। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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इस प्रकार, 'अनुपम' शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, जो इसे अद्वितीयता का अर्थ प्रदान करता है। यही कारण है कि विकल्प 2 सही है।
प्रश्न 116
किस विकल्प में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विकल्प 3 'अनुदार' सही उत्तर है क्योंकि इसमें 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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अनुस्वार: इस शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अनु' का अर्थ होता है 'पीछे' या 'अनुसरण करना', और 'स्वार' का अर्थ होता है 'स्वर'। इस प्रकार, 'अनुस्वार' का अर्थ होता है 'स्वर के पीछे आने वाला'।
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अनुषंग: इस शब्द में भी 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अनु' का अर्थ 'पीछे' या 'साथ' होता है, और 'शंग' का अर्थ होता है 'संबंध'। 'अनुषंग' का अर्थ होता है 'संबंधित' या 'साथ में जुड़ा हुआ'।
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अनुदार: इस शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अनुदार' का अर्थ होता है 'जो उदार नहीं है'। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का कोई योगदान नहीं है, बल्कि यह 'अनु' के बजाय 'अन' उपसर्ग का प्रयोग है, जो नकारात्मकता दर्शाता है।
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अनुशास्ति: इस शब्द में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'अनु' का अर्थ 'पीछे' या 'अनुसरण करना' होता है, और 'शास्ति' का अर्थ होता है 'शिक्षा' या 'अनुशासन'। इस प्रकार, 'अनुशास्ति' का अर्थ होता है 'अनुशासन का पालन करना'।
इस प्रकार, विकल्प 3 'अनुदार' में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, और यही कारण है कि यह सही उत्तर है।
प्रश्न 117
सु' उपसर्ग-रहित पद चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 2, "स्वस्थ," is the correct answer for the question asking for the "सु' उपसर्ग-रहित पद" (word without the prefix 'सु'). Here's a detailed explanation:
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Explanation for Option 2 (स्वस्थ):
- The word "स्वस्थ" is derived from the Sanskrit root "स्व" (swa) meaning "self" and "स्थ" (stha) meaning "standing" or "being." It refers to a state of being healthy or well. Importantly, it does not contain the prefix "सु" (su), which means "good" or "well." Therefore, "स्वस्थ" is a word without the prefix "सु," making it the correct answer.
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Explanation for why other options are incorrect:
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Option 1 (सुषुप्ति):
- The word "सुषुप्ति" is derived from "सु" (su) + "शुप्ति" (shupti). Here, "सु" is a prefix meaning "good" or "well," and "शुप्ति" refers to sleep. Thus, "सुषुप्ति" means "deep sleep" or "sound sleep," and it clearly contains the prefix "सु."
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Option 3 (स्वल्प):
- The word "स्वल्प" is derived from "सु" (su) + "अल्प" (alpa). Here, "सु" is a prefix meaning "good" or "well," and "अल्प" means "little" or "small." Therefore, "स्वल्प" means "very little" or "very small," and it includes the prefix "सु."
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Option 4 (सौष्ठव):
- The word "सौष्ठव" is derived from "सु" (su) + "स्थव" (stha). Here, "सु" is a prefix meaning "good" or "well," and "स्थव" relates to "standing" or "posture." Thus, "सौष्ठव" refers to "grace" or "elegance," and it contains the prefix "सु."
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In conclusion, Option 2 "स्वस्थ" is the only word among the given options that does not have the prefix "सु," making it the correct choice for the question.
प्रश्न 118
निम्नलिखित में से 'स' उपसर्ग से निर्मित शब्द नहीं है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विकल्प 2, 'सदाचार', सही उत्तर है क्योंकि यह 'स' उपसर्ग से निर्मित शब्द नहीं है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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सदाचार: यह शब्द 'स' उपसर्ग से नहीं बना है। 'सदाचार' का अर्थ है अच्छा आचरण या नैतिक व्यवहार। इसमें 'सद' का अर्थ है अच्छा या श्रेष्ठ, और 'आचार' का अर्थ है व्यवहार। यह शब्द संस्कृत से लिया गया है और इसमें 'स' उपसर्ग का प्रयोग नहीं होता है।
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सपरिवार: यह शब्द 'स' उपसर्ग से बना है। 'स' का अर्थ है 'साथ में' या 'सहित', और 'परिवार' का अर्थ है परिवार। इसलिए 'सपरिवार' का अर्थ है परिवार के साथ।
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सजीव: यह भी 'स' उपसर्ग से निर्मित शब्द है। 'स' का अर्थ है 'साथ में' या 'सहित', और 'जीव' का अर्थ है जीवन। इसलिए 'सजीव' का अर्थ है जीवित या जीवन के साथ।
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सजातीय: यह शब्द भी 'स' उपसर्ग से बना है। 'स' का अर्थ है 'समान' या 'सहित', और 'जातीय' का अर्थ है जाति या प्रकार। इसलिए 'सजातीय' का अर्थ है समान जाति या प्रकार का।
इस प्रकार, 'सदाचार' को छोड़कर अन्य सभी विकल्प 'स' उपसर्ग से निर्मित हैं। यही कारण है कि विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 119
निम्नलिखित में से किस विकल्प में उपसर्ग मूल शब्द के साथ जुड़कर विपरीत अर्थ प्रदान कर रहा है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 3 "अपयश" सही उत्तर है क्योंकि यह उपसर्ग "अ" के साथ मूल शब्द "यश" को जोड़कर विपरीत अर्थ प्रदान करता है। यहाँ "यश" का अर्थ है प्रसिद्धि या सम्मान, जबकि "अपयश" का अर्थ है बदनामी या अपमान। इस प्रकार, उपसर्ग "अ" का प्रयोग करके मूल शब्द के अर्थ को विपरीत दिशा में बदल दिया गया है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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प्रबल: इस शब्द में "प्र" उपसर्ग का प्रयोग किया गया है, जो मूल शब्द "बल" के अर्थ को बढ़ाता है। "प्रबल" का अर्थ है अत्यधिक बलवान या शक्तिशाली। यह उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत नहीं करता, बल्कि उसे और अधिक बलवान बनाता है।
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अनुकरण: इस शब्द में "अनु" उपसर्ग का प्रयोग किया गया है, जो मूल शब्द "करण" के साथ मिलकर "अनुकरण" बनाता है। इसका अर्थ है किसी का अनुसरण करना या नकल करना। यहाँ उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत नहीं करता।
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अधिवास: इस शब्द में "अधि" उपसर्ग का प्रयोग किया गया है, जो मूल शब्द "वास" के साथ मिलकर "अधिवास" बनाता है। इसका अर्थ है निवास स्थान या रहने का स्थान। यहाँ भी उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत नहीं करता।
इस प्रकार, केवल "अपयश" ही ऐसा शब्द है जिसमें उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत दिशा में बदलता है, इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 120
किस विकल्प में 'आ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
'आ' उपसर्ग का प्रयोग 'आधुनिक' शब्द में हुआ है।
व्याख्या:
- आधुनिक: इस शब्द में 'आ' उपसर्ग 'धु' धातु से जुड़कर बना है। 'आ' उपसर्ग का अर्थ 'नया' या 'वर्तमान' के संदर्भ में होता है। इसलिए, 'आधुनिक' का अर्थ 'वर्तमान समय का' या 'नया' होता है।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
- आधिकारिक: इस शब्द में 'अधि' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, 'आ' का नहीं। 'अधि' का अर्थ 'ऊपर' या 'प्रधान' होता है।
- आलम्बित: इस शब्द में 'आ' उपसर्ग नहीं है। यह शब्द 'आलंब' से बना है, जो स्वयं एक मूल शब्द है।
- आरण्यक: इस शब्द में भी 'आ' उपसर्ग नहीं है। यह शब्द 'अरण्य' (जंगल) से संबंधित है और 'अरण्य' स्वयं एक मूल शब्द है।
अतः, स्पष्ट रूप से 'आधुनिक' शब्द में ही 'आ' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।