Question
Easy

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर लिखिए:

सायँ और प्रातः दिन और रात विधाता इसके हृदय में अचिंतनीय और अद्भुत आध्यात्मिक भावों की वृष्टि करता है | यदि कोई इसके घर आ जाता है तो यह उनको मृदु वचन, मीठे जल और अन्न से तृप्त करता है | धोखा यह किसी को नहीं देता | यदि इसको कोई धोखा दे भी दे तो इसका इसे ज्ञान नहीं होता क्योंकि इसकी खेती हरी-भरी है; गाय इसकी दुग्ध देती है, स्त्री इसकी आज्ञाकारिणी है, मकान इसका पुण्य और आनंद का स्थान है | पशुओं को चराना, नहलाना, खिलाना-पिलाना, उसके बच्चों की अपने बच्चों की तरह सेवा करना, खुले आकाश के नीचे उसके साथ रात गुजार देना क्या स्वाध्याय से कम है ? दया, वीरता और प्रेम जैसा इन किसानों में देखा जाता है, अन्यत्र मिलने का नहीं | गुरु नानक ने ठीक कहा है – “भोले भाव मिले रघुराई” भोले भाले किसानों को ईश्वर अपने खुले दीदार का दर्शन देता है | उनकी फूस की छतों में से सूर्य और चन्द्रमा छन-छनकर उनके बिस्तरों पर पड़ता है | ये प्रकृति के जवान साधु हैं |

'विधाता इसके हृदय में अचिन्तनीय और अद्भुत आध्यात्मिक भावों की वृष्टि करता है ।' निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित पद से भिन्न अर्थ रखने वाला वाक्य है -

1
परमात्मा से सम्बन्ध रखने वाला ।
2
आत्मा सम्बन्धी ज्ञान ।
3
आत्मा-परमात्मा से सम्बन्ध रखने वाला ।
4
दुःखपूर्ण प्रत्यास्मरण ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: REET
Level/Paper: Paper 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option D
Explanation

वाक्य में रेखांकित पद 'आध्यात्मिक' का अर्थ है आत्मा या परमात्मा से संबंधित भाव। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं: 1. परमात्मा से सम्बन्ध रखने वाला: यह विकल्प 'आध्यात्मिक' के अर्थ के अनुरूप है क्योंकि यह परमात्मा से संबंध को दर्शाता है। 2. आत्मा सम्बन्धी ज्ञान: यह भी 'आध्यात्मिक' के अर्थ के अनुरूप है क्योंकि यह आत्मा से संबंधित ज्ञान को दर्शाता है। 3. **आत्मा-परमात्मा से सम्बन्ध…Read More