Question
Easy
रामायणस्य प्रधानरसः वर्तते -
1
करुणः
2
शृङ्गारः
3
वीरः
4
हास्यम्
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्रकाराः
Topic: भरतमुनिः।
Correct Answer
Option A
Explanation
निश्चित रूप से, यहाँ दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत और शुद्ध हिंदी में स्पष्टीकरण प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: प्रश्न है "रामायणस्य प्रधानरसः वर्तते -" जिसका अर्थ है "रामायण का प्रधान (मुख्य) रस है -"। यहाँ 'रस' से तात्पर्य भारतीय काव्यशास्त्र में वर्णित नवरसों में से है, जो किसी काव्य या नाटक में मुख्य रूप से अभिव्यक्त होने वाला भाव होता है। विकल्प 1: करुणः (सही उत्तर) **यह…Read More
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