Question
Easy
निम्नलिखित में असंगत कथन है :
1
जब लोक और शास्त्र के कथित नियमों का उल्लंघन किया जाए तो दुष्क्रमत्व दोष होगा।
2
श्रुतिकटुत्व शब्दगत दोष है, जो प्रायः कोमल रसों में ही होता है।
3
अप्रतीतत्व अर्थगत और शब्दगत दोनों प्रकार का काव्य दोष है।
4
शब्द का क्रम वाक्य रचना की दृष्टि से दूषित होने पर अक्रमत्व दोष होता है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: काव्य के तत्व
Correct Answer
Option C
Explanation
Option 3 सही है क्योंकि अप्रतीतत्व दोष केवल अर्थगत दोष है, शब्दगत नहीं। अप्रतीतत्व का अर्थ है कि किसी शब्द का ऐसा अर्थ प्रयोग किया जाए जो सामान्यतः प्रचलित न हो, या जिसका अर्थ केवल व्याकरण या शास्त्र के गहन अध्ययन से ही ज्ञात हो। यह दोष अर्थ को समझने में कठिनाई उत्पन्न करता है, इसलिए यह अर्थगत दोष है। शब्द में कोई त्रुटि नहीं होती, बल्कि उसके अर्थ के…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2021
शृंगार रस विषयक कौन-सा कथन गलत है ?
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
रस
Question 2
Easy
Source :
HTET 2021
रस-निष्पति से संबंधित कौन-सा तथ्य सही नहीं है ?
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
रस
Question 3
Easy
Source :
HTET 2021
निम्नलिखित शब्दों की शुद्धता पर विचार कीजिए : (अ) अन्योनाश्रित (ब) सन्नद्ध (स) संप्रभुता (द) पदौन्नति (य) पर्यवसान किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं…
Chapter :
वाक्य रचना
Topic :
वर्तनी शुद्धि
Question 4
Easy
Source :
HTET 2021
किस सामासिक पद का विग्रह सही नहीं है ?
Chapter :
समास एवं मुहावरे
Topic :
समास परिभाषा एवं भेद