काव्य गुण के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है ? 1) आ० भरतमुनि ने अपने 'नाट्यशास्त्र' ग्रंथ में काव्य गुणों की संख्या दस मानी है। 2) माधुर्य गुण में संयुक्ताक्षरों एवं लम्बे सामासिक पदों का अभाव रहता है। 3) ओज गुण में शृंगार, करुण एवं शांत रसों में क्रमशः आधिक्य से रहता है। 4) सरलता, सर्वजन सुलभता एवं सहजग्राह्यता प्रसाद गुण की मुख्य विशेषताएँ हैं।
प्रश्न में पूछा गया है कि काव्य गुण के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है। दिए गए विकल्पों में से विकल्प 3 असत्य कथन है। आइए प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करें: 1) आ० भरतमुनि ने अपने 'नाट्यशास्त्र' ग्रंथ में काव्य गुणों की संख्या दस मानी है। यह कथन सत्य है। आचार्य भरतमुनि ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'नाट्यशास्त्र' में दस काव्य गुणों (श्लेष, प्रसाद, समता, समाधि, माधुर्य, ओज, पदसौकुमार्य, अर्थव्यक्ति, उदारता,…Read More
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