Question
Easy

पाठ्यपुस्तकनिर्मातारः वृत्तपत्र-पत्रिकादि-मूललेखेभ्यः पाठान्, कविताः वर्णनानि समाहृत्य पाठ्यपुस्तकेषु नियोजयन्ति किमर्थम् ?

1
तेषु विश्वसनीया (authentic) स्वाभाविकी च भाषा विद्यते ।
2
पाठ्यपुस्तकनिर्मातृभ्यः तानि रोचन्ते ।
3
अभ्यासप्रश्नानां निर्माणे तेषाम् उपयोगिता भवति ।
4
तानि पठनार्थम् उपयोगीनि भवन्ति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation

पाठ्यपुस्तकनिर्मातारः वृत्तपत्र-पत्रिकादि-मूललेखेभ्यः पाठान्, कविताः वर्णनानि समाहृत्य पाठ्यपुस्तकेषु नियोजयन्ति किमर्थम् ? सही उत्तर: विकल्प 1 विकल्प 1: तेषु विश्वसनीया (authentic) स्वाभाविकी च भाषा विद्यते । विस्तृत व्याख्या: पाठ्यपुस्तकनिर्माताओं द्वारा वृत्तपत्र, पत्रिकाओं और अन्य मूल लेखों से सामग्री का चयन करने का मुख्य कारण यह है कि इन स्रोतों में विश्वसनीय और स्वाभाविक भाषा होती है। यह भाषा प्रामाणिक होती है और छात्रों को वास्तविक जीवन की भाषा के संपर्क में लाती…Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
ससन्दर्भ व्याकरणम् (Language in context) नाम -
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
अधोलिखितेषु कस्य कौशलविकासार्थं लेखनम् इत्यस्मिन् ग्रहणं न भवेत् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
शिक्षकः एकं पाठं स्वगत्या पठति । विद्यार्थिनः समूहेषु विभज्य मुख्यबिन्दून् आदाय पाठस्य पुनर्निर्माणं कुर्वन्ति । एवंविधं कार्यम् अस्ति _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
प्रथम भाषा विकासः साधारणतया ज्ञायते _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching