निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : शिक्षा मनुष्य को मस्तिष्क और शरीर का उचित तालमेल करना सिखाती है। वह शिक्षा जो मानव को पाठ्य-पुस्तकों के ज्ञान के अतिरिक्त कुछ गम्भीर चिंतन न दे। यदि हमारी शिक्षा सुसंस्कृत, सभ्य, सच्चरित्र एवं अच्छे नागरिक नहीं बना सकती तो उससे क्या लाभ ? सहृदय, सच्चा परंतु अनपढ़ मजदूर उस स्नातक से कहीं अच्छा है जो निर्दय और चरित्रहीन है। संसार के सभी वैभव और सुख-साधन भी मनुष्य को तब तक सुखी नहीं बना सकते जब तक कि मनुष्य को आत्मिक ज्ञान न हो। हमारे कुछ अधिकार और कर्तव्य भी हैं। शिक्षित व्यक्ति को कर्तव्यों का उतना ही ध्यान रखना चाहिए जितना कि अधिकारों का। 'सुख-साधन' का विग्रह और समास है -
'सुख-साधन' का विग्रह और समास के संदर्भ में सही उत्तर विकल्प 2 है: "सुखों के साधन – तत्पुरुष"। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. विकल्प 2: सुखों के साधन – तत्पुरुष - 'सुख-साधन' में 'सुख' और 'साधन' दो शब्द हैं। जब इनका समास किया जाता है, तो यह 'सुखों के साधन' के अर्थ में प्रयुक्त होता है। - तत्पुरुष समास में एक शब्द दूसरे शब्द का विशेषण होता है।…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :