HTET Exam - Level 1 PRT - Vakya Rachna
HTET exam Level 1 PRT preparation with Clear Cutoff
by Clear Cutoff
Showing 20 of 20 questions
Question 121
किस विकल्प का शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: किस विकल्प का शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है ?
सही उत्तर: विकल्प 4 (अवधी)
व्याख्या:
-
विकल्प 4: अवधी
'अवधी' शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है। 'अवधी' शब्द का संबंध समय की अवधि से होता है और यह 'अव' उपसर्ग से नहीं बनता। यह शब्द संस्कृत के 'अवधि' से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है 'सीमा' या 'समय की अवधि'। इसलिए, यह शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है। -
विकल्प 1: अवाप्य
'अवाप्य' शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित है। 'अव' का अर्थ होता है 'नीचे' या 'प्राप्त करना', और 'आप्य' का अर्थ होता है 'प्राप्त करना'। इस प्रकार, 'अवाप्य' का अर्थ होता है 'प्राप्त किया गया' या 'हासिल किया गया'। यह स्पष्ट रूप से 'अव' उपसर्ग से निर्मित है। -
विकल्प 2: अवेक्षण
'अवेक्षण' शब्द भी 'अव' उपसर्ग से निर्मित है। 'अव' का अर्थ होता है 'नीचे' या 'देखना', और 'वेक्षण' का अर्थ होता है 'देखना' या 'निरीक्षण करना'। इस प्रकार, 'अवेक्षण' का अर्थ होता है 'निरीक्षण करना' या 'देखना', जो 'अव' उपसर्ग से निर्मित है। -
विकल्प 3: अवधूत
'अवधूत' शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित है। 'अव' का अर्थ होता है 'नीचे' या 'दूर', और 'धूत' का अर्थ होता है 'झाड़ना' या 'हटाना'। इस प्रकार, 'अवधूत' का अर्थ होता है 'जो सभी बंधनों से मुक्त हो', जो 'अव' उपसर्ग से निर्मित है।
इस प्रकार, 'अवधी' शब्द 'अव' उपसर्ग से निर्मित नहीं है, जबकि अन्य सभी विकल्प 'अव' उपसर्ग से निर्मित हैं। इसलिए, सही उत्तर विकल्प 4 है।
Question 122
निम्न में से कौन-सा शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित नहीं है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: निम्न में से कौन-सा शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित नहीं है ?
सही उत्तर: विकल्प 2 (अनुदात्त)
व्याख्या:
-
अनुदात्त: यह शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित नहीं है। 'अनुदात्त' संस्कृत भाषा का एक शब्द है जो स्वर के उच्चारण के संदर्भ में प्रयुक्त होता है। यह शब्द 'उदात्त' के विपरीत स्वर को दर्शाता है और इसमें 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं होता है। इसलिए, यह सही उत्तर है।
-
आनुपातिक: यह शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित है। 'आनुपातिक' का अर्थ है 'अनुपात से संबंधित'। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग 'अनुपात' शब्द के निर्माण में हुआ है, जो किसी चीज़ के अनुपात या तुलना को दर्शाता है।
-
अनूदित: यह शब्द भी 'अनु' उपसर्ग से निर्मित है। 'अनूदित' का अर्थ है 'अनुवादित' या 'अनुवाद किया हुआ'। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग 'अनुवाद' के संदर्भ में किया गया है, जो किसी भाषा से दूसरी भाषा में अर्थ को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
-
अनुरंजक: यह शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित है। 'अनुरंजक' का अर्थ है 'मनोरंजक' या 'आकर्षक'। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग किसी चीज़ को आकर्षक या मनोरंजक बनाने के संदर्भ में किया गया है।
इस प्रकार, 'अनुदात्त' शब्द 'अनु' उपसर्ग से निर्मित नहीं है, जबकि अन्य सभी विकल्पों में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। इसलिए, सही उत्तर विकल्प 2 है।
Question 123
निम्नलिखित में से किस शब्द में 'ब' उपसर्ग नहीं है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
निम्नलिखित प्रश्न में हमें यह पहचानना है कि किस शब्द में 'ब' उपसर्ग नहीं है। सही उत्तर विकल्प 4 है, अर्थात 'बपौती'। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
-
बनाम: इस शब्द में 'ब' उपसर्ग है। 'बनाम' का अर्थ होता है 'के विरुद्ध' या 'के मुकाबले'। यहाँ 'ब' उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त होता है।
-
बखैर: इस शब्द में भी 'ब' उपसर्ग है। 'बखैर' का अर्थ होता है 'सुरक्षित' या 'सही-सलामत'। यहाँ 'ब' उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त होता है।
-
बदस्तूर: इस शब्द में 'ब' उपसर्ग है। 'बदस्तूर' का अर्थ होता है 'जैसा का तैसा' या 'बिना किसी परिवर्तन के'। यहाँ 'ब' उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त होता है।
-
बपौती: इस शब्द में 'ब' उपसर्ग नहीं है। 'बपौती' का अर्थ होता है 'पैतृक संपत्ति' या 'वंशानुगत अधिकार'। यह शब्द 'बाप' से बना है, जिसमें 'ब' उपसर्ग के रूप में नहीं है, बल्कि यह शब्द का मूल हिस्सा है।
इस प्रकार, 'बपौती' में 'ब' उपसर्ग नहीं है, और इसलिए यह सही उत्तर है। अन्य सभी विकल्पों में 'ब' उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त होता है।
Question 124
किस विकल्प के सभी शब्दों में 'पर' उपसर्ग नहीं है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें दिए गए शब्दों में 'पर' उपसर्ग नहीं है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
-
पराक्रम: यह शब्द 'पर' उपसर्ग से नहीं बना है। 'पराक्रम' का अर्थ होता है वीरता या साहस, और यह संस्कृत से लिया गया है। इसमें 'पर' का अर्थ 'ऊपर' या 'बाहर' नहीं है, बल्कि यह शब्द अपने आप में पूर्ण है।
-
पराभूत: यह शब्द भी 'पर' उपसर्ग से नहीं बना है। 'पराभूत' का अर्थ होता है पराजित या हारा हुआ। इसमें 'पर' का अर्थ 'बाहर' या 'अलग' नहीं है, बल्कि यह शब्द भी अपने आप में पूर्ण है।
अब देखते हैं कि अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
-
विकल्प 1: परोपकार, परजीवी - इन शब्दों में 'पर' उपसर्ग है। 'परोपकार' का अर्थ है दूसरों का भला करना, और 'परजीवी' का अर्थ है ऐसा जीव जो दूसरों पर निर्भर करता है।
-
विकल्प 2: परदेश, परतंत्र - इन शब्दों में भी 'पर' उपसर्ग है। 'परदेश' का अर्थ है विदेशी भूमि, और 'परतंत्र' का अर्थ है पराधीन या गुलाम।
-
विकल्प 4: परकीय, परसाल - इन शब्दों में भी 'पर' उपसर्ग है। 'परकीय' का अर्थ है पराया या विदेशी, और 'परसाल' का अर्थ है पिछले साल।
इस प्रकार, विकल्प 3 में दिए गए शब्दों में 'पर' उपसर्ग नहीं है, इसलिए यह सही उत्तर है।
Question 125
उपसर्ग से निर्मित शब्दों के संदर्भ में कौन-सा विकल्प असंगत है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
Option 3 असंगत है क्योंकि 'अन' उपसर्ग का प्रयोग 'अनसूया', 'अनधिकार' और 'अनशन' शब्दों में सही प्रकार से नहीं हुआ है।
-
अनसूया: यह शब्द 'अन् + असूया' से बना है, जहाँ 'अन्' का अर्थ 'नहीं' और 'असूया' का अर्थ 'ईर्ष्या' होता है। इस प्रकार, 'अनसूया' का अर्थ 'ईर्ष्या न करने वाली' होता है। यहाँ 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग निषेध के अर्थ में हुआ है।
-
अनधिकार: यह शब्द 'अन् + अधिकार' से बना है, जहाँ 'अन्' का अर्थ 'नहीं' और 'अधिकार' का अर्थ 'हक' होता है। इस प्रकार, 'अनधिकार' का अर्थ 'बिना अधिकार के' होता है। यहाँ भी 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग निषेध के अर्थ में हुआ है।
-
अनशन: यह शब्द 'अन् + अशन' से बना है, जहाँ 'अन्' का अर्थ 'नहीं' और 'अशन' का अर्थ 'भोजन' होता है। इस प्रकार, 'अनशन' का अर्थ 'भोजन न करना' होता है। यहाँ भी 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग निषेध के अर्थ में हुआ है।
हालाँकि, 'अन' उपसर्ग का प्रयोग इन शब्दों में व्याकरणिक रूप से सही है, लेकिन अन्य विकल्पों की तुलना में यह कम संगत है क्योंकि 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग निषेध के अर्थ में अधिक होता है, जबकि अन्य विकल्पों में उपसर्गों का प्रयोग अधिक स्पष्ट और सामान्य है।
अब अन्य विकल्पों की असंगति का कारण:
-
परि – पर्यंक, पारिभाषिक, पर्युषण: 'परि' उपसर्ग का प्रयोग 'पर्यंक' (परि + अङ्क), 'पारिभाषिक' (परि + भाषा + इक) और 'पर्युषण' (परि + उषण) शब्दों में सही है। 'परि' का अर्थ 'चारों ओर', 'आसपास' या 'विशेष' होता है।
-
अति – अत्युक्ति, अतीत, अत्यावश्यक: 'अति' उपसर्ग का प्रयोग 'अत्युक्ति' (अति + उक्ति), 'अतीत' (अति + इत) और 'अत्यावश्यक' (अति + आवश्यक) शब्दों में सही है। 'अति' का अर्थ 'अधिक', 'ऊपर' या 'परे' होता है।
-
प्रति – प्रत्यर्पण, प्रतीक्षा, प्रतीक: 'प्रति' उपसर्ग का प्रयोग 'प्रत्यर्पण' (प्रति + अर्पण), 'प्रतीक्षा' (प्रति + ईक्षा) और 'प्रतीक' (प्रति + ईक) शब्दों में सही है। 'प्रति' का अर्थ 'प्रत्येक', 'विरोध' या 'सामने' होता है।
इसलिए, 'अन' उपसर्ग वाले विकल्प में शब्दों का निर्माण व्याकरणिक रूप से सही होने के बावजूद, अन्य विकल्पों की तुलना में कम संगतता के कारण यह असंगत है।
Question 126
इनमें से किस शब्द में उपसर्ग नहीं जुड़ा है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: इनमें से किस शब्द में उपसर्ग नहीं जुड़ा है?
सही उत्तर: विकल्प 3 (कुलीन)
विस्तृत व्याख्या:
-
कुलीन: यह शब्द संस्कृत से लिया गया है और इसका अर्थ होता है 'श्रेष्ठ कुल का' या 'उच्च वर्ग का'। इस शब्द में कोई उपसर्ग नहीं जुड़ा है। यह एक मूल शब्द है जो अपने आप में पूर्ण है और इसमें किसी प्रकार का उपसर्ग नहीं जोड़ा गया है। इसलिए, यह सही उत्तर है।
-
विनम्रता: इस शब्द में 'विनम्र' शब्द के साथ 'ता' प्रत्यय जुड़ा है, लेकिन 'विनम्र' शब्द में 'वि' उपसर्ग जुड़ा हुआ है। 'वि' उपसर्ग का अर्थ होता है 'विशेष रूप से' या 'अलग ढंग से'। इसलिए, इसमें उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
-
स्वच्छ: इस शब्द में 'स्व' उपसर्ग जुड़ा हुआ है, जिसका अर्थ होता है 'स्वयं' या 'अपना'। 'स्वच्छ' का अर्थ होता है 'स्वयं से साफ' या 'स्वाभाविक रूप से साफ'। इसलिए, इसमें भी उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
-
कुसंग: इस शब्द में 'कु' उपसर्ग जुड़ा हुआ है, जिसका अर्थ होता है 'बुरा' या 'अशुभ'। 'संग' का अर्थ होता है 'संगति' या 'साथ', इसलिए 'कुसंग' का अर्थ होता है 'बुरी संगति'। इसमें भी उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
इस प्रकार, केवल 'कुलीन' शब्द में कोई उपसर्ग नहीं जुड़ा है, और इसलिए यह सही उत्तर है।
Question 127
किस शब्द में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: किस शब्द में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 4 (अनुगमन)
व्याख्या:
-
अनुत्तर: इस शब्द में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'उत्तर' का अर्थ होता है जवाब, और 'अनुत्तर' का अर्थ होता है जिसका उत्तर न दिया जा सके या जो उत्तरहीन हो। यहाँ 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग उत्तर के विपरीत अर्थ देने के लिए किया गया है।
-
अनुपम: इस शब्द में भी 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'उपम' का अर्थ होता है तुलना, और 'अनुपम' का अर्थ होता है जिसकी कोई तुलना न हो सके, अर्थात अद्वितीय। यहाँ 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग उपम के विपरीत अर्थ देने के लिए किया गया है।
-
अनुद्धार: इस शब्द में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'उद्धार' का अर्थ होता है बचाव या मुक्ति, और 'अनुद्धार' का अर्थ होता है जिसका उद्धार न हो सके। यहाँ 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग उद्धार के विपरीत अर्थ देने के लिए किया गया है।
-
अनुगमन: इस शब्द में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अनुगमन' का अर्थ होता है अनुसरण करना या पीछे-पीछे चलना। यहाँ 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, जो किसी के पीछे चलने या अनुसरण करने के अर्थ में प्रयुक्त होता है। इसलिए, 'अनुगमन' में 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
इस प्रकार, विकल्प 4 'अनुगमन' सही उत्तर है क्योंकि इसमें 'अन्' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
Question 128
निम्न शब्दों में से किसमें 'सु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: निम्न शब्दों में से किसमें 'सु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 3 (स्वस्थ)
व्याख्या:
-
विकल्प 3: स्वस्थ
'स्वस्थ' शब्द में 'सु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। 'स्वस्थ' का अर्थ होता है 'स्वास्थ्यपूर्ण' या 'अच्छी स्थिति में होना'। यह शब्द 'स्व' (अर्थात स्वयं) और 'स्थ' (अर्थात स्थित) से मिलकर बना है। इसमें 'सु' उपसर्ग का कोई योगदान नहीं है, इसलिए यह सही उत्तर है। -
विकल्प 1: स्वच्छ
'स्वच्छ' शब्द में 'सु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'स्वच्छ' का अर्थ होता है 'साफ' या 'निर्मल'। यहाँ 'सु' उपसर्ग का अर्थ है 'अच्छा' या 'शुद्ध', जो 'च्छ' (अर्थात साफ) के साथ मिलकर 'स्वच्छ' बनता है। -
विकल्प 2: स्वस्ति
'स्वस्ति' शब्द में भी 'सु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'स्वस्ति' का अर्थ होता है 'कल्याण' या 'शुभ'। यहाँ 'सु' उपसर्ग का अर्थ है 'अच्छा' या 'शुभ', जो 'अस्ति' (अर्थात होना) के साथ मिलकर 'स्वस्ति' बनता है। -
विकल्प 4: स्वल्प
'स्वल्प' शब्द में 'सु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 'स्वल्प' का अर्थ होता है 'थोड़ा' या 'कम'। यहाँ 'सु' उपसर्ग का अर्थ है 'अच्छा' या 'थोड़ा', जो 'अल्प' (अर्थात कम) के साथ मिलकर 'स्वल्प' बनता है।
इस प्रकार, 'स्वस्थ' वह शब्द है जिसमें 'सु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, और यही कारण है कि विकल्प 3 सही उत्तर है।
Question 129
किस शब्द में एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग हुआ है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
व्याधि शब्द में एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग हुआ है, इसलिए यह सही उत्तर है। इसका विश्लेषण इस प्रकार है:
- व्याधि: इस शब्द में दो उपसर्ग हैं - 'वि' + 'आ' + 'धि'। 'वि' और 'आ' दोनों ही उपसर्ग हैं जो 'धि' (जो कि मूल शब्द है) से पहले जुड़कर 'व्याधि' शब्द बनाते हैं। 'व्याधि' का अर्थ होता है रोग या बीमारी।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
- अध्यापक: इस शब्द में केवल एक उपसर्ग 'अधि' का प्रयोग हुआ है जो 'आपक' शब्द से पहले लगा है।
- अन्वेषण: इस शब्द में केवल एक उपसर्ग 'अनु' का प्रयोग हुआ है जो 'एषण' शब्द से पहले लगा है।
- अनुष्ठान: इस शब्द में केवल एक उपसर्ग 'अनु' का प्रयोग हुआ है जो 'स्थान' शब्द से पहले लगा है।
इसलिए, केवल 'व्याधि' शब्द में ही एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग हुआ है।
Question 130
किस विकल्प के शब्द 'अभि' उपसर्ग से निर्मित नहीं हैं ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
विकल्प 4, "आधिकारिकी आध्यात्मिक," सही उत्तर है क्योंकि इन शब्दों का निर्माण 'अभि' उपसर्ग से नहीं हुआ है। आइए इसे विस्तार से समझें:
-
आधिकारिकी: यह शब्द 'अधिकार' से बना है, जिसमें 'अधि' उपसर्ग का उपयोग होता है, न कि 'अभि' उपसर्ग का। 'अधिकार' का अर्थ होता है अधिकार या नियंत्रण।
-
आध्यात्मिक: यह शब्द 'आध्यात्म' से बना है, जिसमें 'आधि' उपसर्ग का उपयोग होता है। 'आध्यात्मिक' का अर्थ होता है आत्मा या आत्मिक विषयों से संबंधित।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
-
अभिराम, अभ्यागत: ये दोनों शब्द 'अभि' उपसर्ग से निर्मित हैं। 'अभिराम' का अर्थ होता है सुंदर या आकर्षक, और 'अभ्यागत' का अर्थ होता है आगंतुक।
-
अभीष्ट, अभीप्सित: ये शब्द भी 'अभि' उपसर्ग से बने हैं। 'अभीष्ट' का अर्थ होता है इच्छित या वांछित, और 'अभीप्सित' का अर्थ होता है चाहा गया।
-
अभ्युदय, अभिषेक: ये शब्द भी 'अभि' उपसर्ग से निर्मित हैं। 'अभ्युदय' का अर्थ होता है उन्नति या प्रगति, और 'अभिषेक' का अर्थ होता है स्नान या अभिषेक करना।
इस प्रकार, विकल्प 4 में दिए गए शब्द 'अभि' उपसर्ग से निर्मित नहीं हैं, इसलिए यह सही उत्तर है।
Question 131
उपसर्ग की दृष्टि से किस विकल्प का शब्द-युग्म असंगत है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
The correct option is 3:
विकल्प 3, 'परा – परार्थ, पराश्रित' उपसर्ग की दृष्टि से असंगत (inconsistent) है। उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी मूल शब्द के पहले लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं। 'परा' स्वयं में एक उपसर्ग है जिसका अर्थ होता है 'विपरीत', 'अधिक', या 'पीछे'। जब हम दिए गए शब्दों का विच्छेद करते हैं, तो 'पराश्रित' शब्द में 'परा' उपसर्ग का प्रयोग सही है, क्योंकि यह 'पर' (दूसरा) + 'आश्रित' के मेल से बनता है और यहाँ 'परा' का प्रयोग हो सकता है, परंतु 'परार्थ' में मूलतः 'पर' (दूसरा) + 'अर्थ' का मेल होता है, जिसका अर्थ है 'दूसरों के लिए'। हालाँकि 'परार्थ' शब्द 'पर' उपसर्ग से बना माना जाता है, 'परा' उपसर्ग का प्रयोग हमेशा इसके संगत नहीं होता, और व्याकरणिक रूप से इसका विच्छेद 'पर + अर्थ' होता है न कि 'परा + अर्थ'। इस कारण से, यह युग्म (pair) असंगत माना जाता है क्योंकि यहाँ एक ही उपसर्ग ('परा') से दोनों शब्दों का निर्माण पूरी तरह से मेल नहीं खाता।
The incorrect option is 1:
'निर् - निराकरण, निरपराध' उपसर्ग की दृष्टि से संगत है। 'निर्' एक संस्कृत उपसर्ग है जिसका अर्थ 'बिना', 'रहित' या 'बाहर' होता है। 'निराकरण' ('निर् + आकरण') और 'निरपराध' ('निर् + अपराध') दोनों में 'निर्' उपसर्ग का स्पष्ट प्रयोग हुआ है। ये दोनों शब्द उपसर्ग के नियमों का पालन करते हैं, इसलिए यह विकल्प संगत है।
The incorrect option is 2:
'अनु – अनूदित, अन्वीक्षण' उपसर्ग की दृष्टि से संगत है। 'अनु' एक संस्कृत उपसर्ग है जिसका अर्थ 'पीछे' या 'समान' होता है। 'अनूदित' ('अनु + उदित') और 'अन्वीक्षण' (जो यण संधि से 'अनु + ईक्षण' बनता है) दोनों में 'अनु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, और ये उपसर्ग के नियमानुसार सही हैं।
The incorrect option is 4:
'सु - सुदूर, सुकृत' उपसर्ग की दृष्टि से संगत है। 'सु' एक संस्कृत उपसर्ग है जिसका अर्थ 'अच्छा', 'सरल' या 'अधिक' होता है। 'सुदूर' ('सु + दूर') और 'सुकृत' ('सु + कृत') दोनों में 'सु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। ये दोनों शब्द उपसर्ग के नियमानुसार बनते हैं और संगत हैं।
Question 132
किस विकल्प का शब्द 'अन्' उपसर्ग से निर्मित नहीं है?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
Question 133
उपसर्ग की दृष्टि से कौन-सा विकल्प सुमेलित नहीं है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
The correct option is 1:
विकल्प 1, "अनसूया, अनवकाश - 'अन' उपसर्ग", उपसर्ग की दृष्टि से सुमेलित नहीं है। यहाँ गलती 'अनसूया' शब्द में है। हिंदी व्याकरण में, 'अनसूया' शब्द 'अन्' (जिसका अर्थ है 'नहीं' या 'रहित') उपसर्ग + 'असूया' (ईर्ष्या) मूल शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है 'वह जो ईर्ष्या रहित हो' या 'बिना द्वेष के'। चूँकि 'अन्' में स्वर रहित 'न' होता है, इसलिए जब इसका मेल स्वर वाले मूल शब्द ('असूया') से होता है, तो 'न' पूर्ण होकर 'अनसूया' बनता है। इसके विपरीत, 'अनवकाश' शब्द 'अन्' + 'अवकाश' से बना है। क्योंकि 'अनसूया' में 'अन्' उपसर्ग है, न कि 'अन' (जिसमें 'न' पूर्ण होता है), इसलिए यह युग्म सही नहीं है, जबकि प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-सा विकल्प सुमेलित नहीं है।
The incorrect option is 2:
विकल्प 2, "उपाश्रय, उपासक - 'उप' उपसर्ग", पूरी तरह से सुमेलित है। 'उप' उपसर्ग का प्रयोग 'समीप', 'छोटा', 'सहायक' या 'गौण' अर्थों में होता है। 'उपाश्रय' शब्द 'उप' + 'आश्रय' से बना है, जिसका अर्थ है पास का आश्रय या शरण। 'उपासक' शब्द 'उप' + 'आसक' (आसक्त) या 'उप' + 'आस्' धातु से बना है, जिसका अर्थ है समीप बैठकर पूजा या सेवा करने वाला। दोनों ही शब्दों में 'उप' उपसर्ग स्पष्ट रूप से मौजूद है और सही अर्थ दे रहा है।
The incorrect option is 3:
विकल्प 3, "अपरिग्रह, अपरीक्षित - 'अ' उपसर्ग", एक सही युग्म है। 'अ' उपसर्ग का उपयोग 'नहीं' या 'अभाव' के अर्थ में होता है, और यह मुख्यतः संस्कृत के तत्सम शब्दों में प्रयुक्त होता है। 'अपरिग्रह' शब्द 'अ' + 'परिग्रह' से बना है, जिसका अर्थ है संग्रह न करना। 'अपरीक्षित' शब्द 'अ' + 'परीक्षित' से बना है, जिसका अर्थ है जिसकी परीक्षा न हुई हो। दोनों शब्दों में 'अ' उपसर्ग का प्रयोग उनके मूल अर्थ को विपरीत या अभावग्रस्त बनाने के लिए किया गया है, जो कि उपसर्ग के नियम के अनुसार सही है।
The incorrect option is 4:
विकल्प 4, "प्रत्यर्पण, प्रत्यंचा - 'प्रति' उपसर्ग", यह भी सही सुमेलित है। 'प्रति' उपसर्ग का अर्थ 'विरोध', 'प्रत्येक', या 'वापस' होता है। 'प्रत्यर्पण' शब्द 'प्रति' + 'अर्पण' (यण संधि के अनुसार) से बना है, जिसका अर्थ है लौटाना या वापस सौंपना। 'प्रत्यंचा' शब्द 'प्रति' + 'अञ्चा' (बाण चलाने के लिए धनुष की डोरी) से बना है। दोनों ही शब्दों में 'प्रति' उपसर्ग का प्रयोग यण संधि के नियमों के अनुसार हुआ है, और यह दोनों शब्दों में सही उपसर्ग है।
Question 134
किस शब्द में 'कु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
The correct option is 2:
कुमार
उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं। हिंदी और संस्कृत में 'कु' उपसर्ग का प्रयोग 'बुरा', 'हीन' या 'कठिन' के अर्थ में होता है। हमें उस शब्द की पहचान करनी थी जिसमें 'कु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
सही उत्तर विकल्प 2 'कुमार' है। 'कुमार' एक रूढ़ शब्द है जिसका अर्थ 'लड़का' या 'युवक' होता है। यदि हम इसमें से 'कु' को हटा दें, तो शेष भाग 'मार' का कोई सार्थक अर्थ नहीं रह जाता है जो स्वतंत्र रूप से प्रयोग हो सके। अतः, 'कुमार' शब्द में 'कु' एक उपसर्ग नहीं है, बल्कि यह शब्द स्वयं ही एक मूल इकाई है। यह शब्द मूल रूप से संस्कृत से आया है और इसका निर्माण उपसर्ग के योग से नहीं हुआ है, इसलिए यह उस विकल्प को दर्शाता है जिसमें 'कु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
The incorrect option is 1:
'कुजन' शब्द 'कु' (बुरा) + 'जन' (व्यक्ति) के योग से बना है, जिसका अर्थ 'बुरा व्यक्ति' है। यहां 'कु' उपसर्ग का स्पष्ट प्रयोग हुआ है। 'जन' एक सार्थक मूल शब्द है।
The incorrect option is 3:
'कुचेष्टा' शब्द 'कु' (बुरा) + 'चेष्टा' (प्रयास/कोशिश) के मेल से बना है, जिसका अर्थ 'बुरा प्रयास' या 'गलत चेष्टा' है। इस प्रकार, इसमें 'कु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, और 'चेष्टा' एक सार्थक मूल शब्द है।
The incorrect option is 4:
'कुमति' शब्द 'कु' (बुरा) + 'मति' (बुद्धि) से बना है, जिसका अर्थ 'बुरी बुद्धि' या 'दुर्बुद्धि' है। यहां 'कु' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, और 'मति' एक सार्थक मूल शब्द है।
Question 135
प्रत्यय के योग से बना शब्द कौन-सा है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
The correct option is 3:
'प्रत्यय' वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं। दिए गए विकल्पों में, 'मालिन' शब्द प्रत्यय के योग से बना है। यह शब्द मूल शब्द 'माली' (जो बगीचे की देखभाल करता है) में 'इन' प्रत्यय जोड़ने से बना है। 'माली' (पुल्लिंग) में 'इन' प्रत्यय लगने से यह 'मालिन' (स्त्रीलिंग) बन जाता है, जिसका अर्थ होता है 'माली की पत्नी' या 'माली का स्त्रीलिंग रूप'। यह प्रत्यय शब्द के लिंग और अर्थ में स्पष्ट परिवर्तन दर्शाता है।
The incorrect option is 1:
'सुगंध' शब्द प्रत्यय के योग से नहीं, बल्कि 'उपसर्ग' के योग से बना है। इसमें 'सु' उपसर्ग है, जिसका अर्थ होता है 'अच्छा' या 'श्रेष्ठ', और मूल शब्द 'गंध' है। उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो शब्द के शुरू में जुड़ते हैं।
The incorrect option is 2:
'अपमान' शब्द भी प्रत्यय के योग से नहीं बना है। यह 'अप' उपसर्ग (जिसका अर्थ होता है 'बुरा' या 'विपरीत') और मूल शब्द 'मान' के मेल से बना है। यह स्पष्ट रूप से एक उपसर्ग युक्त शब्द है।
The incorrect option is 4:
'अनुकूल' शब्द भी उपसर्ग युक्त है। इसमें 'अनु' उपसर्ग (जिसका अर्थ होता है 'पीछे' या 'समान') मूल शब्द 'कूल' (किनारा या पक्ष) के साथ जुड़ा है। अतः, यह भी प्रत्यय के उदाहरण के रूप में गलत है।
Question 136
मानव में प्रत्यय है
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
Error: Invalid option format: Must be a number (1-4) or letter (A-D)
Question 137
अक्कड़' प्रत्यय, कृत् प्रत्यय का कौन-सा प्रकार है ?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
अक्कड़' प्रत्यय, कृत् प्रत्यय का कर्तृवाचक प्रकार है। कर्तृवाचक प्रत्यय वे होते हैं जो किसी कार्य को करने वाले व्यक्ति या वस्तु का बोध कराते हैं। 'अक्कड़' प्रत्यय का प्रयोग उस व्यक्ति या वस्तु के लिए किया जाता है जो किसी विशेष कार्य को करता है या जिसके द्वारा कोई कार्य संपन्न होता है। इस प्रकार, 'अक्कड़' प्रत्यय का संबंध कर्ता से होता है, जो यह दर्शाता है कि यह कर्तृवाचक प्रत्यय है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
-
कर्मवाचक: कर्मवाचक प्रत्यय वे होते हैं जो कार्य के परिणाम या जिस पर कार्य किया जा रहा है, उसका बोध कराते हैं। 'अक्कड़' प्रत्यय का संबंध कार्य के कर्ता से है, न कि कार्य के परिणाम या जिस पर कार्य किया जा रहा है, उससे। इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
करणवाचक: करणवाचक प्रत्यय वे होते हैं जो कार्य के साधन या उपकरण का बोध कराते हैं। 'अक्कड़' प्रत्यय का संबंध कार्य के साधन से नहीं है, बल्कि कार्य करने वाले से है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
-
भाववाचक: भाववाचक प्रत्यय वे होते हैं जो किसी कार्य या अवस्था के भाव का बोध कराते हैं। 'अक्कड़' प्रत्यय का संबंध किसी भाव से नहीं है, बल्कि कार्य करने वाले से है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, 'अक्कड़' प्रत्यय का सही प्रकार कर्तृवाचक है, जो विकल्प 1 को सही ठहराता है।
Question 138
निम्नांकित में 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द नहीं
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: निम्नांकित में 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द नहीं
सही उत्तर: विकल्प 2 (अधिक)
विस्तृत व्याख्या:
-
विकल्प 2: अधिक
'अधिक' शब्द में 'इक' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है। 'अधिक' एक मूल शब्द है जो किसी वस्तु या मात्रा की अधिकता को दर्शाता है। इसमें कोई प्रत्यय नहीं जोड़ा गया है, इसलिए यह 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द नहीं है। -
विकल्प 1: शैक्षणिक
'शैक्षणिक' शब्द 'शिक्षा' से बना है, जिसमें 'इक' प्रत्यय जोड़ा गया है। यह शब्द शिक्षा से संबंधित या शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग होने वाले कार्यों को दर्शाता है। इसलिए, यह 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द है। -
विकल्प 3: ऐतिहासिक
'ऐतिहासिक' शब्द 'इतिहास' से बना है, जिसमें 'इक' प्रत्यय जोड़ा गया है। यह शब्द इतिहास से संबंधित घटनाओं या विषयों को दर्शाता है। इसलिए, यह 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द है। -
विकल्प 4: नैयायिक
'नैयायिक' शब्द 'न्याय' से बना है, जिसमें 'इक' प्रत्यय जोड़ा गया है। यह शब्द न्याय से संबंधित विषयों या कार्यों को दर्शाता है। इसलिए, यह 'इक' प्रत्यय से निर्मित शब्द है।
इस प्रकार, 'अधिक' शब्द में 'इक' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है, और यही कारण है कि विकल्प 2 सही उत्तर है।
Question 139
किस विकल्प में ‘इया’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
प्रश्न: किस विकल्प में ‘इया’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
सही उत्तर: विकल्प 3 (चरवाई)
व्याख्या:
-
विकल्प 3: चरवाई
- 'चरवाई' शब्द में 'इया' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। 'चर' धातु से 'चरवाई' शब्द बना है, जिसमें 'इया' प्रत्यय जोड़ा गया है। यह प्रत्यय क्रिया या क्रियात्मकता को दर्शाता है, जैसे कि चरवाहे का कार्य या प्रक्रिया। इस प्रकार, 'चरवाई' में 'इया' प्रत्यय का सही प्रयोग हुआ है।
-
विकल्प 1: कटैया
- 'कटैया' शब्द में 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'कट' से बना है और इसमें 'इया' प्रत्यय नहीं जोड़ा गया है। यह एक भिन्न प्रकार का शब्द है जो 'कट' से संबंधित है, लेकिन इसमें 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं है।
-
विकल्प 2: धुनिया
- 'धुनिया' शब्द में भी 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'धुन' से बना है और इसमें 'इया' प्रत्यय नहीं जोड़ा गया है। यह शब्द धुनाई या धुनने के कार्य से संबंधित हो सकता है, लेकिन इसमें 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं है।
-
विकल्प 4: दशनीया
- 'दशनीया' शब्द में भी 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है। यह शब्द 'दश' से बना है और इसमें 'इया' प्रत्यय नहीं जोड़ा गया है। यह शब्द संख्या या दशमलव से संबंधित हो सकता है, लेकिन इसमें 'इया' प्रत्यय का प्रयोग नहीं है।
इस प्रकार, 'चरवाई' ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसमें 'इया' प्रत्यय का सही प्रयोग हुआ है, और इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
Question 140
गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण नहीं है :
Choose an answer to reveal your result and explanation.
Answer & Explanation
गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण नहीं है :
सही उत्तर: विकल्प 4 (सान्निध्य)
विस्तृत व्याख्या:
-
विकल्प 4: सान्निध्य
"सान्निध्य" शब्द का अर्थ है निकटता या समीपता। यह शब्द किसी विशेष गुण या विशेषता को व्यक्त नहीं करता है, बल्कि यह स्थिति या अवस्था को दर्शाता है। इसलिए, यह गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण नहीं है। तद्धित प्रत्यय वे प्रत्यय होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या गुण जोड़ते हैं। चूंकि "सान्निध्य" में ऐसा कोई गुण नहीं जोड़ा गया है, इसलिए यह विकल्प सही है। -
विकल्प 1: मानसिक
"मानसिक" शब्द में "मानस" से "मानसिक" बना है, जिसमें "-इक" तद्धित प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। यह शब्द मन से संबंधित गुण को व्यक्त करता है, जैसे मानसिक स्थिति या मानसिक स्वास्थ्य। इसलिए, यह गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण है। -
विकल्प 2: प्यारा
"प्यारा" शब्द में "प्य" से "प्यारा" बना है, जिसमें "-आरा" तद्धित प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। यह शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति प्रेम या आकर्षण के गुण को व्यक्त करता है। इसलिए, यह भी गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण है। -
विकल्प 3: तापसिक
"तापसिक" शब्द में "तप" से "तापसिक" बना है, जिसमें "-सिक" तद्धित प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। यह शब्द तपस्या से संबंधित गुण को व्यक्त करता है। इसलिए, यह भी गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण है।
इस प्रकार, "सान्निध्य" शब्द गुणवाचक तद्धित प्रत्यय का उदाहरण नहीं है, जबकि अन्य विकल्पों में तद्धित प्रत्यय के माध्यम से गुण व्यक्त किए गए हैं। यही कारण है कि विकल्प 4 सही उत्तर है।