Question
Easy

रुचिः, नैरन्तर्यम्, वैराग्यम् इत्येते त्रयः विन्दवः कस्मिन् सिद्धान्ते प्रयुज्यन्ते ?

1
मौखिककार्यस्य सिद्धान्ते
2
वैयक्तिकभिन्नतायाः सिद्धान्ते
3
अनुपातसिद्धान्ते
4
क्रियाशीलतायाः अभ्यासस्य च सिद्धान्ते
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: REET
Level/Paper: Paper 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option D
Explanation

रुचिः, नैरन्तर्यम्, वैराग्यम् इत्येते त्रयः विन्दवः "क्रियाशीलतायाः अभ्यासस्य च सिद्धान्ते" प्रयुज्यन्ते। 1. Option 4: क्रियाशीलतायाः अभ्यासस्य च सिद्धान्ते - यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि किसी भी कार्य या कौशल में प्रवीणता प्राप्त करने के लिए रुचि, निरंतरता और वैराग्य आवश्यक हैं। रुचि व्यक्ति को प्रेरित करती है, नैरन्तर्यम् अभ्यास में निरंतरता बनाए रखने में सहायक होता है, और वैराग्यम् व्यक्ति को बाहरी विकर्षणों से मुक्त रखता…Read More

- REET Paper 2 | Clear Cutoff