HTET परीक्षा - Level 1 PRT - शब्द भेद
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 PRT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
14 में से 14 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 81
निम्न में से गुणवाचक विशेषण का उदाहरण नहीं है :
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उत्तर और व्याख्या
गुणवाचक विशेषण वे विशेषण होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की गुणवत्ता, विशेषता या गुण को व्यक्त करते हैं। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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अच्छा: यह एक गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की गुणवत्ता या विशेषता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, "अच्छा लड़का" में "अच्छा" लड़के की गुणवत्ता को दर्शाता है।
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आधा: यह एक परिमाणवाचक विशेषण है, जो मात्रा या माप को दर्शाता है, न कि गुणवत्ता को। उदाहरण के लिए, "आधा सेब" में "आधा" सेब की मात्रा को दर्शाता है, न कि उसकी गुणवत्ता को। इसलिए, यह गुणवाचक विशेषण का उदाहरण नहीं है।
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बुरा: यह भी एक गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की नकारात्मक गुणवत्ता या विशेषता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, "बुरा आदमी" में "बुरा" आदमी की गुणवत्ता को दर्शाता है।
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लाल: यह भी एक गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह रंग के माध्यम से किसी वस्तु की विशेषता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, "लाल गुलाब" में "लाल" गुलाब की विशेषता को दर्शाता है।
इस प्रकार, विकल्प 2 "आधा" गुणवाचक विशेषण का उदाहरण नहीं है, क्योंकि यह मात्रा को दर्शाता है, न कि गुणवत्ता को। यही कारण है कि विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 82
विशेषण के संबंध में कौन-सा कथन असंगत है ?
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उत्तर और व्याख्या
विशेषण के संबंध में दिए गए विकल्पों में से विकल्प 4 असंगत है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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विकल्प 1: "जिस विकारी शब्द से संज्ञा की व्याप्ति मर्यादित होती है, उसे विशेषण कहते हैं।" - यह कथन सही है क्योंकि विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द होते हैं, जो उनकी व्याप्ति को सीमित करते हैं। उदाहरण के लिए, 'लाल' शब्द 'लाल फूल' में फूल की विशेषता बताता है।
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विकल्प 2: "भला, दानी, दुष्ट' उक्त शब्द, गुणवाचक विशेषण के उदाहरण हैं।" - यह कथन भी सही है। गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु की गुणधर्म को व्यक्त करते हैं। 'भला', 'दानी', और 'दुष्ट' ऐसे ही गुणों को व्यक्त करते हैं।
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विकल्प 3: "कक्षा में साठ छात्र पढ़ते हैं' संख्यावाचक विशेषण का उदाहरण है।" - यह कथन भी सही है। संख्यावाचक विशेषण वे होते हैं जो संख्या के माध्यम से संज्ञा की विशेषता बताते हैं। 'साठ' यहाँ छात्रों की संख्या को व्यक्त कर रहा है।
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विकल्प 4: "संकेतवाचक विशेषण में किसी वस्तु की नाप या तौल का बोध होता है।" - यह कथन असंगत है। संकेतवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी वस्तु या व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं, जैसे 'यह', 'वह', 'इन', 'उन' आदि। नाप या तौल का बोध कराने वाले विशेषण मात्रावाचक विशेषण होते हैं, न कि संकेतवाचक।
इस प्रकार, विकल्प 4 असंगत है क्योंकि यह संकेतवाचक विशेषण की परिभाषा को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 83
विशेषण के संबंध में कौन-सा सही सुमेलित है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न 84
राधिका बहुत तेज चलती है' - वाक्य में 'तेज' का पद परिचय होगा:
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "राधिका बहुत तेज चलती है" में 'तेज' का पद परिचय समझने के लिए हमें यह देखना होगा कि यह शब्द किसकी विशेषता बता रहा है।
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Option 1: क्रियाविशेषण 'चलती है' की विशेषता
'तेज' शब्द यहाँ 'चलती है' क्रिया की विशेषता बता रहा है। जब हम कहते हैं कि "राधिका तेज चलती है", तो 'तेज' यह दर्शाता है कि राधिका किस प्रकार चलती है। यह क्रिया 'चलना' की गति को विशेष रूप से दर्शाता है। इसलिए, 'तेज' यहाँ क्रियाविशेषण के रूप में कार्य कर रहा है, जो 'चलती है' क्रिया की विशेषता बताता है। इस कारण से, Option 1 सही उत्तर है। -
Option 2: क्रियाविशेषण 'राधिका' की विशेषता
'राधिका' एक संज्ञा है और 'तेज' शब्द यहाँ राधिका की विशेषता नहीं बता रहा है। 'तेज' का प्रयोग यहाँ राधिका के चलने के तरीके को दर्शाने के लिए किया गया है, न कि राधिका के व्यक्तित्व या किसी अन्य गुण को। इसलिए, Option 2 गलत है। -
Option 3: विशेषण 'राधिका' की विशेषता
जैसा कि पहले बताया गया, 'राधिका' एक संज्ञा है और 'तेज' शब्द यहाँ विशेषण के रूप में राधिका की विशेषता नहीं बता रहा है। यह विशेषण के रूप में क्रिया 'चलती है' की विशेषता बता रहा है। इसलिए, Option 3 गलत है। -
Option 4: प्रविशेषण
'प्रविशेषण' शब्द का प्रयोग यहाँ सही नहीं है क्योंकि 'तेज' शब्द का प्रयोग क्रिया की विशेषता बताने के लिए किया गया है, न कि किसी अन्य प्रकार की विशेषता के लिए। इसलिए, Option 4 गलत है।
इस प्रकार, 'तेज' शब्द का सही पद परिचय क्रियाविशेषण के रूप में है, जो 'चलती है' क्रिया की विशेषता बताता है, और इसलिए Option 1 सही उत्तर है।
प्रश्न 85
‘वह दिनभर लिखता रहा।' वाक्य में प्रयुक्त क्रिया विशेषण का भेद इंगित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'वह दिनभर लिखता रहा।' में प्रयुक्त क्रिया विशेषण का भेद कालवाचक क्रिया विशेषण है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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कालवाचक क्रिया विशेषण (Option 1):
- कालवाचक क्रिया विशेषण वह होता है जो क्रिया के समय को दर्शाता है। इस वाक्य में 'दिनभर' शब्द यह बताता है कि क्रिया (लिखना) कितने समय तक चली। 'दिनभर' से यह स्पष्ट होता है कि लिखने की क्रिया पूरे दिन चली, जो समय की अवधि को दर्शाता है। इसलिए, यह कालवाचक क्रिया विशेषण है।
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रीतिवाचक क्रिया विशेषण (Option 2):
- रीतिवाचक क्रिया विशेषण वह होता है जो क्रिया के करने के तरीके या रीति को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'तेजी से', 'धीरे-धीरे' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो लिखने की रीति को दर्शाए, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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स्थानवाचक क्रिया विशेषण (Option 3):
- स्थानवाचक क्रिया विशेषण वह होता है जो क्रिया के स्थान को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'यहां', 'वहां' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो लिखने के स्थान को दर्शाए, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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परिमाणवाचक क्रिया विशेषण (Option 4):
- परिमाणवाचक क्रिया विशेषण वह होता है जो क्रिया की मात्रा या परिमाण को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'बहुत', 'थोड़ा' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो लिखने की मात्रा को दर्शाए, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, 'वह दिनभर लिखता रहा।' वाक्य में 'दिनभर' शब्द क्रिया के समय को दर्शाता है, इसलिए यह कालवाचक क्रिया विशेषण है और Option 1 सही उत्तर है।
प्रश्न 86
किस वाक्य में 'निपात' का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य में 'निपात' का प्रयोग समझने के लिए हमें यह जानना होगा कि 'निपात' क्या होता है। 'निपात' वे शब्द होते हैं जो वाक्य में विशेष अर्थ या भाव को प्रकट करने के लिए प्रयुक्त होते हैं, जैसे कि 'ही', 'भी', 'तो', 'ही', आदि।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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राम और श्याम दिनभर से खेल रहे हैं।
इस वाक्य में कोई निपात नहीं है। यह वाक्य केवल दो व्यक्तियों की गतिविधि को दर्शाता है। -
कविता आज दिल्ली जा रही है।
इस वाक्य में भी कोई निपात नहीं है। यह वाक्य केवल एक व्यक्ति की यात्रा की जानकारी देता है। -
तुम आज दिनभर सोते ही रहोगे।
इस वाक्य में 'ही' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो एक निपात है। यह वाक्य यह दर्शाता है कि सोने की क्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसलिए, इस वाक्य में निपात का प्रयोग हुआ है। -
मेरी भारी भूल थी जो उसके बहकावे में आ गया।
इस वाक्य में भी कोई निपात नहीं है। यह वाक्य केवल एक घटना का वर्णन करता है।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही है क्योंकि इसमें 'ही' निपात का प्रयोग हुआ है, जो वाक्य में विशेष अर्थ को प्रकट करता है।
प्रश्न 87
दुर्घटना क्यों और कैसे हुई' – वाक्य में प्रयुक्त क्रिया-विशेषण का भेद इंगित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'दुर्घटना क्यों और कैसे हुई' में प्रयुक्त क्रिया-विशेषण का भेद रीतिवाचक है। रीतिवाचक क्रिया-विशेषण वह होता है जो क्रिया की रीति या तरीके को दर्शाता है। इस वाक्य में 'कैसे' शब्द यह बताता है कि दुर्घटना किस प्रकार हुई, अर्थात् यह क्रिया की रीति को स्पष्ट कर रहा है। इसलिए, यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण का उदाहरण है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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परिमाणवाचक: परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण वह होता है जो क्रिया की मात्रा या परिमाण को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'बहुत', 'थोड़ा' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो परिमाण को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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कालवाचक: कालवाचक क्रिया-विशेषण वह होता है जो क्रिया के समय को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'कल', 'आज', 'अभी' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो समय को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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स्थानवाचक: स्थानवाचक क्रिया-विशेषण वह होता है जो क्रिया के स्थान को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'यहां', 'वहां' आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो स्थान को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
इस प्रकार, 'कैसे' शब्द क्रिया की रीति को दर्शाता है, इसलिए रीतिवाचक क्रिया-विशेषण के रूप में विकल्प 3 सही है।
प्रश्न 88
किस वाक्य में संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग उस अव्यय के लिए होता है जो दो शब्दों या वाक्यांशों के बीच संबंध स्थापित करता है। इस प्रश्न में हमें यह देखना है कि किस वाक्य में संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग हुआ है।
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राधा ऊपर नाचती है। - इस वाक्य में 'ऊपर' एक स्थानवाचक अव्यय है, जो राधा के नाचने की स्थिति को दर्शाता है। यह संबंधसूचक अव्यय नहीं है।
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अनिता राधा से मधुर गाती है। - इस वाक्य में 'से' संबंधसूचक अव्यय है, जो अनिता और राधा के बीच तुलना का संबंध स्थापित करता है। यह दर्शाता है कि अनिता राधा की तुलना में मधुर गाती है। इसलिए, यह वाक्य सही उत्तर है।
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राम बहुत तेज़ चल रहा था। - इस वाक्य में 'बहुत' और 'तेज़' विशेषण हैं जो राम के चलने की गति को दर्शाते हैं। यहाँ कोई संबंधसूचक अव्यय नहीं है।
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मोहन आजकल ज़्यादा बोलता है। - इस वाक्य में 'आजकल' समयवाचक अव्यय है और 'ज़्यादा' एक विशेषण है। यहाँ भी कोई संबंधसूचक अव्यय नहीं है।
इस प्रकार, विकल्प 2 सही उत्तर है क्योंकि इसमें 'से' संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग हुआ है, जो अनिता और राधा के बीच संबंध स्थापित करता है।
प्रश्न 89
निम्नलिखित में से किस वाक्य में समुच्चय बोधक अव्यय नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
समुच्चय बोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जो वाक्य में दो या दो से अधिक शब्दों, वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ने का कार्य करते हैं। इन्हें अंग्रेजी में conjunctions कहा जाता है।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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विकल्प 1: "मैं आया और वह गया।"
यहाँ "और" एक समुच्चय बोधक अव्यय है जो दो क्रियाओं "आया" और "गया" को जोड़ रहा है। -
विकल्प 2: "मैं जाऊँगा या वह आएगा।"
यहाँ "या" एक समुच्चय बोधक अव्यय है जो दो संभावनाओं "मैं जाऊँगा" और "वह आएगा" को जोड़ रहा है। -
विकल्प 3: "वह बैठकर खाना खा रहा था।"
इस वाक्य में "बैठकर" एक क्रिया विशेषण है जो क्रिया "खाना खा रहा था" के तरीके को दर्शा रहा है। यह कोई समुच्चय बोधक अव्यय नहीं है क्योंकि यह दो वाक्यों या वाक्यांशों को नहीं जोड़ रहा है। -
विकल्प 4: "उसने कहा तो था लेकिन इतना स्पष्ट नहीं।"
यहाँ "लेकिन" एक समुच्चय बोधक अव्यय है जो दो विचारों "उसने कहा तो था" और "इतना स्पष्ट नहीं" को जोड़ रहा है।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें कोई समुच्चय बोधक अव्यय नहीं है। अन्य सभी विकल्पों में समुच्चय बोधक अव्यय का प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 90
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'समुच्चय बोधक' अव्यय नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
समुच्चय बोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जो वाक्य के विभिन्न भागों को जोड़ने का कार्य करते हैं। आइए दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करें:
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ईमानदारी और परिश्रम उन्नति के लिए आवश्यक हैं।
- यहाँ 'और' शब्द का प्रयोग दो शब्दों 'ईमानदारी' और 'परिश्रम' को जोड़ने के लिए किया गया है। यह एक समुच्चय बोधक अव्यय है।
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राहुल तेज है, किंतु उद्यमी नहीं है।
- इस वाक्य में 'किंतु' शब्द का प्रयोग दो विचारों को जोड़ने के लिए किया गया है। यह भी एक समुच्चय बोधक अव्यय है।
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परिश्रम करो, ताकि जीवन सफल हो सके।
- यहाँ 'ताकि' शब्द का प्रयोग कारण और परिणाम को जोड़ने के लिए किया गया है। यह भी एक समुच्चय बोधक अव्यय है।
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पुरुषार्थ के बिना जीवन नहीं।
- इस वाक्य में कोई भी समुच्चय बोधक अव्यय नहीं है। यह वाक्य एक सरल कथन है जिसमें 'पुरुषार्थ के बिना' और 'जीवन नहीं' के बीच कोई जोड़ने वाला शब्द नहीं है।
इस प्रकार, विकल्प 4 सही उत्तर है क्योंकि इसमें समुच्चय बोधक अव्यय का प्रयोग नहीं किया गया है। अन्य सभी विकल्पों में समुच्चय बोधक अव्यय का प्रयोग स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
प्रश्न 91
कौन-सा वाक्य संबंधसूचक अव्यय का उदाहरण है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 2, "शीला के समान कोई आलसी नहीं है," संबंधसूचक अव्यय का उदाहरण है क्योंकि इसमें "के समान" शब्द दो संज्ञाओं (शीला और कोई) के बीच संबंध स्थापित कर रहा है। "के समान" शब्द शीला और किसी अन्य व्यक्ति की आलस्य की तुलना करके उनके बीच संबंध दर्शा रहा है। संबंधसूचक अव्यय वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध बताते हैं। "के समान" एक संबंधसूचक अव्यय है जो समानता का बोध कराता है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 1: इतना खा लिया, इसे कैसे पचाओगे। इस वाक्य में संबंधसूचक अव्यय नहीं है। इसमें क्रियाविशेषण (कैसे) का प्रयोग हुआ है, जो क्रिया "पचाओगे" की विशेषता बता रहा है।
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Option 3: मैंने पर्याप्त पढ़ लिया है, अब थोड़ा आराम करूँगा। इस वाक्य में भी संबंधसूचक अव्यय नहीं है। इसमें "अब" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कालवाचक क्रियाविशेषण है और समय का बोध करा रहा है।
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Option 4: ज़रा सोच-समझकर बोलिए। इस वाक्य में "सोच-समझकर" क्रियाविशेषण है, जो बोलने के तरीके को बता रहा है। इसमें संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है।
इसलिए, केवल Option 2 ही संबंधसूचक अव्यय का सही उदाहरण है।
प्रश्न 92
"अरे ! ज़रा इधर तो आ।" वाक्य में अव्यय का भेद इंगित करें :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "अरे ! ज़रा इधर तो आ।" में अव्यय का भेद इंगित करने के लिए हमें यह समझना होगा कि वाक्य में कौन सा शब्द भाव या भावना को व्यक्त कर रहा है।
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विस्मयादिबोधक (Option 4):
- वाक्य में "अरे" शब्द का प्रयोग किया गया है, जो विस्मयादिबोधक अव्यय का उदाहरण है। विस्मयादिबोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जो किसी भाव, आश्चर्य, खुशी, दुख, या अन्य भावनाओं को व्यक्त करते हैं। "अरे" शब्द यहाँ आश्चर्य या ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रयोग किया गया है, जो इसे विस्मयादिबोधक बनाता है। इसलिए, Option 4 सही उत्तर है।
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समुच्चयबोधक अव्यय (Option 1):
- समुच्चयबोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ने का काम करते हैं, जैसे "और", "लेकिन", "या" आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो इस प्रकार का कार्य कर रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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संबंधसूचक अव्यय (Option 2):
- संबंधसूचक अव्यय वे शब्द होते हैं जो संबंध को दर्शाते हैं, जैसे "का", "के", "की" आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो संबंध को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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कालवाचक क्रियाविशेषण (Option 3):
- कालवाचक क्रियाविशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया के समय को दर्शाते हैं, जैसे "कल", "आज", "अभी" आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो समय को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, "अरे" शब्द के प्रयोग के कारण Option 4, विस्मयादिबोधक, सही उत्तर है।
प्रश्न 93
मैं आपकी बात ध्यानपूर्वक सुन रहा हूँ' में 'ध्यानपूर्वक' शब्द कौन-सा क्रियाविशेषण है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
'ध्यानपूर्वक' शब्द का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि यह एक क्रियाविशेषण है जो क्रिया के करने के तरीके को दर्शाता है। इस प्रकार के क्रियाविशेषण को रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहा जाता है।
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रीतिवाचक क्रियाविशेषण (Option 2):
- 'ध्यानपूर्वक' शब्द यह बताता है कि 'सुनने' की क्रिया किस प्रकार से की जा रही है। यह क्रिया के तरीके को स्पष्ट करता है, जैसे कि ध्यानपूर्वक, सावधानीपूर्वक, आदि। इसलिए, 'ध्यानपूर्वक' रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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परिमाणवाचक (Option 1):
- परिमाणवाचक क्रियाविशेषण वह होता है जो क्रिया की मात्रा या परिमाण को दर्शाता है, जैसे कि बहुत, कम, अधिक, आदि। 'ध्यानपूर्वक' क्रिया की मात्रा को नहीं दर्शाता, इसलिए यह परिमाणवाचक नहीं है।
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स्थानवाचक (Option 3):
- स्थानवाचक क्रियाविशेषण वह होता है जो क्रिया के स्थान को दर्शाता है, जैसे कि यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, आदि। 'ध्यानपूर्वक' स्थान को नहीं दर्शाता, इसलिए यह स्थानवाचक नहीं है।
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कालवाचक (Option 4):
- कालवाचक क्रियाविशेषण वह होता है जो क्रिया के समय को दर्शाता है, जैसे कि आज, कल, अभी, तुरंत, आदि। 'ध्यानपूर्वक' समय को नहीं दर्शाता, इसलिए यह कालवाचक नहीं है।
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इस प्रकार, 'ध्यानपूर्वक' शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण है, और इसलिए Option 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 94
"आनन्दा चुपके-से चली गई।" वाक्य में किस प्रकार के क्रिया-विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
"आनन्दा चुपके-से चली गई।" वाक्य में रीतिवाचक क्रिया-विशेषण का प्रयोग हुआ है, क्योंकि:
- रीतिवाचक क्रिया-विशेषण: रीतिवाचक क्रिया-विशेषण क्रिया के होने के ढंग या तरीके को बताता है। इस वाक्य में, "चुपके-से" क्रिया 'चली गई' के होने के तरीके को बता रहा है। यह बताता है कि आनन्दा कैसे गई - चुपके से। इसलिए यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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कालवाचक क्रिया-विशेषण: कालवाचक क्रिया-विशेषण क्रिया के होने के समय को दर्शाता है। जैसे: आज, कल, परसों, सुबह, शाम आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो समय को इंगित करे। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण: परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण क्रिया की मात्रा या परिमाण को दर्शाता है। जैसे: थोड़ा, बहुत, कम, ज्यादा आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो मात्रा को इंगित करे। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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स्थानवाचक क्रिया-विशेषण: स्थानवाचक क्रिया-विशेषण क्रिया के होने के स्थान को दर्शाता है। जैसे: यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, अंदर, बाहर आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो स्थान को इंगित करे। इसलिए यह विकल्प गलत है।
अतः, "आनन्दा चुपके-से चली गई।" वाक्य में 'चुपके-से' शब्द क्रिया के होने के ढंग को बताता है, इसलिए यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।