HTET परीक्षा - Level 1 PRT - शब्द भेद
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 PRT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 61
वह पुस्तक अच्छी है' में 'वह' शब्द है
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'वह पुस्तक अच्छी है' में 'वह' शब्द का विश्लेषण करते हुए, हम इसे 'सार्वनामिक विशेषण' के रूप में पहचान सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझें:
-
सार्वनामिक विशेषण (Option 2):
- 'वह' शब्द यहां 'पुस्तक' संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषण रूप में विशेषित कर रहा है। यह शब्द यह बताता है कि किस विशेष पुस्तक की बात की जा रही है। इस प्रकार, 'वह' शब्द यहां सार्वनामिक विशेषण की भूमिका निभा रहा है क्योंकि यह संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है।
-
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
-
सर्वनाम (Option 1):
- सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं। हालांकि 'वह' एक सर्वनाम हो सकता है, लेकिन इस वाक्य में यह संज्ञा 'पुस्तक' के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है, इसलिए यह सर्वनाम नहीं है।
-
निश्चित गुणवाचक विशेषण (Option 3):
- निश्चित गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो संज्ञा की गुण, मात्रा या संख्या को निश्चित रूप से बताते हैं। 'वह' शब्द यहां किसी गुण, मात्रा या संख्या को नहीं दर्शा रहा है, बल्कि यह संज्ञा को विशेषित कर रहा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
-
निश्चयवाचक सर्वनाम (Option 4):
- निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करते हैं। हालांकि 'वह' शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम हो सकता है, लेकिन इस वाक्य में यह संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
-
इस प्रकार, 'वह' शब्द का सही वर्गीकरण 'सार्वनामिक विशेषण' के रूप में किया जाता है, जो कि Option 2 है।
प्रश्न 62
"कोमल गात, मृदुल बसंत, हरे-हरे ये पात" - उक्त पंक्ति में प्रयुक्त पदों में से कौन-सा पद विशेषण नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
उक्त पंक्ति में प्रयुक्त पदों का विश्लेषण करते हुए, हमें यह देखना है कि कौन-सा पद विशेषण नहीं है।
-
मृदुल: यह एक विशेषण है जो 'बसंत' की विशेषता बताता है। 'मृदुल' का अर्थ होता है कोमल या सौम्य, जो बसंत ऋतु की विशेषता को दर्शाता है।
-
गात: यह एक संज्ञा है। 'गात' का अर्थ होता है शरीर या आकृति। यह किसी विशेषता को नहीं दर्शाता बल्कि एक वस्तु या व्यक्ति का नाम है। इसलिए, यह विशेषण नहीं है।
-
हरे-हरे: यह विशेषण है जो 'पात' की विशेषता बताता है। 'हरे-हरे' का अर्थ होता है हरे रंग के, जो पत्तों की विशेषता को दर्शाता है।
-
कोमल: यह भी एक विशेषण है जो 'गात' की विशेषता बताता है। 'कोमल' का अर्थ होता है मुलायम या नाजुक, जो गात की विशेषता को दर्शाता है।
इस प्रकार, 'गात' एक संज्ञा है और विशेषण नहीं है। इसलिए, विकल्प 2 सही उत्तर है। अन्य सभी विकल्प विशेषण हैं क्योंकि वे किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषता को दर्शाते हैं।
प्रश्न 63
विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञापद नहीं है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञापद नहीं है : आत्मीयता
विस्तृत व्याख्या:
-
आत्मीयता (Option 1): 'आत्मीयता' शब्द 'आत्मीय' विशेषण से बना है, जो कि 'आत्मा' से संबंधित है। हालांकि, 'आत्मीयता' का अर्थ होता है 'निकटता' या 'संबंध की गहराई', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। लेकिन प्रश्न के अनुसार, इसे विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा नहीं माना गया है। यह संभवतः इसलिए है क्योंकि 'आत्मीयता' का उपयोग अक्सर एक विशेषण के रूप में भी किया जाता है, जिससे यह भ्रमित हो सकता है।
-
नैपुण्य (Option 2): 'नैपुण्य' शब्द 'निपुण' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'कुशल' या 'दक्ष'। 'नैपुण्य' का अर्थ होता है 'कुशलता' या 'दक्षता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
-
धैर्यवत्ता (Option 3): 'धैर्यवत्ता' शब्द 'धैर्यवान' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'धैर्य रखने वाला'। 'धैर्यवत्ता' का अर्थ होता है 'धैर्य की विशेषता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
-
सारल्य (Option 4): 'सारल्य' शब्द 'सरल' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'साधारण' या 'आसान'। 'सारल्य' का अर्थ होता है 'सरलता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
इस प्रकार, दिए गए विकल्पों में से 'आत्मीयता' को विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा नहीं माना गया है, और इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 64
मोहन 'सातवीं' कक्षा में 'पहले' स्थान पर रहा। रेखांकित पदों में विशेषण का भेद इंगित करें :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
प्रश्न में दिए गए वाक्य "मोहन 'सातवीं' कक्षा में 'पहले' स्थान पर रहा।" में रेखांकित पद 'सातवीं' और 'पहले' क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
-
क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण उन संख्याओं को दर्शाता है जो किसी क्रम या श्रेणी में स्थिति को इंगित करते हैं। उदाहरण के लिए, 'पहला', 'दूसरा', 'तीसरा', 'सातवां' आदि। वाक्य में 'सातवीं' और 'पहले' दोनों ही क्रम को दर्शाते हैं। 'सातवीं' कक्षा का क्रम बताता है और 'पहले' स्थान का क्रम बताता है। इसलिए, यह विकल्प सही है।
-
पूर्णांकबोधक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण उन संख्याओं को दर्शाता है जो किसी वस्तु या व्यक्ति की कुल संख्या को बताते हैं, जैसे 'एक', 'दो', 'तीन' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो कुल संख्या को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
समुदायवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण किसी समूह या समुदाय की संख्या को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'दोनों', 'सभी', 'कुछ' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो किसी समूह की संख्या को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
आवृत्तिवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण किसी क्रिया की आवृत्ति को दर्शाता है, जैसे 'बार-बार', 'कभी-कभी' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो किसी क्रिया की आवृत्ति को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, 'सातवीं' और 'पहले' क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प 1 है।
प्रश्न 65
किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
सार्वनामिक विशेषण वह विशेषण होता है जो संज्ञा या सर्वनाम के पहले आकर उसके बारे में विशेष जानकारी देता है। यह विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता को दर्शाता है और अक्सर प्रश्नवाचक, संकेतवाचक, या अन्य प्रकार के सर्वनामों के रूप में होता है।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
-
तुम सब आ गए; अच्छे कहाँ रह गए।
इस वाक्य में "तुम सब" और "अच्छे" शब्दों का प्रयोग हुआ है, लेकिन इनमें सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग नहीं है। यहाँ "तुम सब" एक सामान्य सर्वनाम है और "अच्छे" एक विशेषण है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण नहीं है। -
जो बाहर खड़ा है उसे अन्दर बुलाओ।
इस वाक्य में "जो" एक संबंधवाचक सर्वनाम है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण के रूप में प्रयोग नहीं हुआ है। यह वाक्य किसी विशेष संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है। -
तुम छात्रों के लिए कुछ किताबें ले आओ।
इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग सार्वनामिक विशेषण के रूप में हुआ है। "कुछ" यहाँ "किताबें" संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि कितनी किताबें लाई जानी हैं। इसलिए यह वाक्य सार्वनामिक विशेषण का सही उदाहरण है। -
कुछ तुम करो; कुछ मैं करूँगा।
इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग हुआ है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण के रूप में नहीं है। यहाँ "कुछ" एक अनिश्चित सर्वनाम के रूप में प्रयोग हुआ है, जो कार्य की मात्रा को दर्शा रहा है, न कि किसी संज्ञा की विशेषता को।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें "कुछ" शब्द का प्रयोग सार्वनामिक विशेषण के रूप में हुआ है, जो "किताबें" संज्ञा की विशेषता को दर्शा रहा है।
प्रश्न 66
विशेषण पदों' के विकारक तत्त्व कौन-कौन-से हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विशेषण पदों के विकारक तत्व लिंग और वचन हैं, क्योंकि विशेषण अपने लिंग और वचन के अनुसार संज्ञा शब्दों के साथ बदलते हैं।
Option 1 सही क्यों है:
विशेषण का मुख्य कार्य संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताना है। विशेषण जिस संज्ञा की विशेषता बताता है, उसके लिंग और वचन के अनुसार स्वयं में परिवर्तन करता है। उदाहरण के लिए:
- लिंग: "अच्छा लड़का" (पुल्लिंग) और "अच्छी लड़की" (स्त्रीलिंग)। यहाँ 'अच्छा' विशेषण लिंग के अनुसार 'अच्छी' में बदल गया।
- वचन: "एक लड़का" (एकवचन) और "अच्छे लड़के" (बहुवचन)। यहाँ 'अच्छा' विशेषण वचन के अनुसार 'अच्छे' में बदल गया।
इसलिए, लिंग और वचन विशेषण पदों के विकारक तत्व हैं क्योंकि ये विशेषण के रूप को प्रभावित करते हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
-
Option 2: लिंग, वचन और कारक: कारक संज्ञा या सर्वनाम के साथ संबंध दर्शाते हैं, विशेषण के साथ नहीं। कारक विशेषण के रूप को सीधे तौर पर नहीं बदलते। उदाहरण के लिए, "अच्छे लड़के को" में 'को' कारक है, लेकिन इसने 'अच्छे' विशेषण के रूप को नहीं बदला।
-
Option 3: लिंग और कारक: कारक विशेषण को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते, जैसा कि ऊपर बताया गया है।
-
Option 4: काल, वाच्य एवं पुरुष: काल (tense) क्रिया से संबंधित है, विशेषण से नहीं। वाच्य (voice) भी क्रिया का गुण है। पुरुष (person) सर्वनाम से संबंधित है। ये तीनों विशेषण के रूप को प्रभावित नहीं करते।
प्रश्न 67
‘यह बालिका फूल से भी कोमल है’ उक्त वाक्य विशेषण की दृष्टि से किस अवस्था का वाचक है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
‘यह बालिका फूल से भी कोमल है’ उक्त वाक्य विशेषण की दृष्टि से उत्तरावस्था का वाचक है।
व्याख्या:
- उत्तरावस्था (Comparative Degree): उत्तरावस्था में दो वस्तुओं या व्यक्तियों के बीच तुलना की जाती है। दिए गए वाक्य में, बालिका की कोमलता की तुलना फूल की कोमलता से की जा रही है। "से भी" शब्द तुलना को दर्शाता है, जो उत्तरावस्था का सूचक है। इसलिए, यह वाक्य उत्तरावस्था को दर्शाता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
-
मूलावस्था (Positive Degree): मूलावस्था में विशेषण अपने मूल रूप में होता है और किसी प्रकार की तुलना नहीं की जाती। उदाहरण के लिए, "यह बालिका कोमल है।" इस वाक्य में केवल बालिका की कोमलता बताई गई है, किसी से तुलना नहीं की गई।
-
उत्तमावस्था (Superlative Degree): उत्तमावस्था में किसी वस्तु या व्यक्ति को समूह में सबसे श्रेष्ठ या सबसे निम्न बताया जाता है। उदाहरण के लिए, "यह बालिका सबसे कोमल है।" इस वाक्य में बालिका को सभी बालिकाओं में सबसे कोमल बताया गया है।
-
इनमें से कोई नहीं: चूंकि उत्तरावस्था सही उत्तर है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इसलिए, दिए गए वाक्य में तुलना की जा रही है, जो उत्तरावस्था का लक्षण है। अतः, विकल्प 2 सही है।
प्रश्न 68
निम्न में से किस विकल्प में 'कम' शब्द का विशेषणीय प्रयोग किया गया है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विकल्प 2: "आज उसने 'कम' खाना खाया।" को सही उत्तर के रूप में चुना गया है क्योंकि इस वाक्य में 'कम' शब्द का विशेषणीय प्रयोग किया गया है। विशेषणीय प्रयोग का अर्थ है कि 'कम' शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बता रहा है। यहाँ 'कम' शब्द 'खाना' की मात्रा को दर्शा रहा है, जो कि एक संज्ञा है। इस प्रकार, 'कम' शब्द 'खाना' की विशेषता बताने के लिए प्रयोग किया गया है, जो इसे विशेषणीय प्रयोग बनाता है।
अब अन्य विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
-
विकल्प 1: "गर्मी में 'कम' खाना चाहिए।" - इस वाक्य में 'कम' शब्द एक सामान्य सलाह या सुझाव के रूप में प्रयोग किया गया है, जो कि एक क्रिया के रूप में कार्य कर रहा है। यह किसी विशेष संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है।
-
विकल्प 3: "कम' ही पढ़ पाते हैं।" - यहाँ 'कम' शब्द का प्रयोग एक क्रिया के रूप में किया गया है, जो कि पढ़ने की क्रिया की मात्रा को दर्शा रहा है। यह विशेषणीय प्रयोग नहीं है क्योंकि यह किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है।
-
विकल्प 4: "कम' बोलना ही श्रेयस्कर है।" - इस वाक्य में 'कम' शब्द बोलने की क्रिया की मात्रा को दर्शा रहा है। यह भी एक क्रिया के रूप में प्रयोग किया गया है और किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है।
इस प्रकार, विकल्प 2 में 'कम' शब्द का विशेषणीय प्रयोग किया गया है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 69
सुखदेव सोलहवाँ रत्न है।
इस वाक्य में रेखांकित शब्द किस विशेषण का प्रकार है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य "सुखदेव सोलहवाँ रत्न है।" में रेखांकित शब्द "सोलहवाँ" है। इस शब्द का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि यह एक विशेषण है जो क्रम को दर्शाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
-
क्रमवाचक विशेषण (Option 2):
- क्रमवाचक विशेषण वे विशेषण होते हैं जो किसी वस्तु या व्यक्ति की स्थिति या क्रम को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा आदि।
- यहाँ "सोलहवाँ" शब्द सुखदेव की स्थिति या क्रम को दर्शा रहा है कि वह सोलहवें स्थान पर है। इसलिए, यह क्रमवाचक विशेषण का सही उदाहरण है।
-
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
-
आवृत्तिवाचक विशेषण (Option 1):
- ये विशेषण किसी क्रिया की आवृत्ति या बारंबारता को दर्शाते हैं, जैसे कि "बार-बार", "प्रत्येक", "दैनिक" आदि।
- "सोलहवाँ" किसी आवृत्ति को नहीं दर्शा रहा है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
अपूर्णांकबोधक विशेषण (Option 3):
- ये विशेषण किसी वस्तु या व्यक्ति की अपूर्ण संख्या को दर्शाते हैं, जैसे "आधा", "पौना", "सवा" आदि।
- "सोलहवाँ" अपूर्ण संख्या नहीं है, बल्कि एक पूर्ण क्रम है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
परिमाणवाचक विशेषण (Option 4):
- ये विशेषण किसी वस्तु या व्यक्ति की मात्रा को दर्शाते हैं, जैसे "बहुत", "थोड़ा", "सारा" आदि।
- "सोलहवाँ" मात्रा को नहीं बल्कि क्रम को दर्शा रहा है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
इस प्रकार, "सोलहवाँ" शब्द क्रमवाचक विशेषण का सही उदाहरण है, और Option 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 70
"आज का अधिकतम तापमान पैंतीस डिग्री सेन्टीग्रेड रहा" इस वाक्य में प्रयुक्त विशेषण का भेद इंगित कीजिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
व्याख्या:
दिए गए वाक्य "आज का अधिकतम तापमान पैंतीस डिग्री सेन्टीग्रेड रहा" में, 'पैंतीस डिग्री सेन्टीग्रेड' तापमान की एक निश्चित मात्रा (परिमाण) को दर्शाता है। परिमाणवाचक विशेषण वह विशेषण होता है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या माप को बताता है। चूंकि यहाँ तापमान की एक निश्चित मात्रा 'पैंतीस डिग्री सेन्टीग्रेड' बताई गई है, इसलिए यह निश्चित परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है।
अन्य विकल्पों का खंडन:
-
निश्चित संख्यावाचक विशेषण: संख्यावाचक विशेषण वस्तुओं की गिनती को दर्शाता है, जैसे 'पांच लड़के' या 'दस पुस्तकें'। वाक्य में तापमान की मात्रा बताई गई है, गिनती नहीं, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण संख्या की अनिश्चितता को दर्शाता है, जैसे 'कुछ लोग' या 'कई पुस्तकें'। वाक्य में तापमान की एक निश्चित मात्रा बताई गई है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
पूर्णांक बोधक संख्यावाचक विशेषण: पूर्णांक बोधक संख्यावाचक विशेषण केवल पूर्णांक संख्याओं को दर्शाता है, जैसे 'एक', 'दो', 'तीन'। हालांकि 'पैंतीस' एक पूर्णांक है, लेकिन यहाँ 'पैंतीस डिग्री सेन्टीग्रेड' एक मात्रा को दर्शा रहा है, न कि केवल एक संख्या को। इसलिए, यह विकल्प भी पूरी तरह से सही नहीं है, और निश्चित परिमाणवाचक विशेषण अधिक उपयुक्त है।
प्रश्न 71
"मोनू सबसे घटिया विचारों वाला लड़का है" इस वाक्य में विशेषण की कौन-सी अवस्था का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
"मोनू सबसे घटिया विचारों वाला लड़का है" इस वाक्य में विशेषण की उत्तमावस्था का प्रयोग हुआ है।
उत्तमावस्था क्यों सही है:
उत्तमावस्था विशेषण की वह अवस्था है जो किसी संज्ञा की तुलना अन्य सभी संज्ञाओं से करके उसे सबसे अच्छा या सबसे बुरा बताती है। इस वाक्य में, मोनू के विचारों की तुलना अन्य सभी लड़कों के विचारों से की जा रही है और उसे "सबसे घटिया" बताया जा रहा है। "सबसे" शब्द का प्रयोग यह स्पष्ट करता है कि यह उत्तमावस्था है, क्योंकि यह सर्वोच्चता या निम्नतमता को दर्शाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
-
मूलावस्था: मूलावस्था विशेषण का मूल रूप होता है, जिसमें किसी प्रकार की तुलना नहीं की जाती। उदाहरण के लिए, "घटिया" शब्द मूलावस्था में है, लेकिन वाक्य में "सबसे घटिया" का प्रयोग होने के कारण यह मूलावस्था नहीं है।
-
उत्तरावस्था: उत्तरावस्था में दो संज्ञाओं के बीच तुलना की जाती है। उदाहरण के लिए, "मोनू, राजू से घटिया विचारों वाला लड़का है।" इस वाक्य में दो लड़कों (मोनू और राजू) के बीच तुलना हो रही है, इसलिए यह उत्तरावस्था होती। दिए गए वाक्य में, मोनू की तुलना सभी लड़कों से की जा रही है, इसलिए यह उत्तरावस्था नहीं है।
-
स्वतन्त्रावस्था: स्वतन्त्रावस्था विशेषण का कोई मान्य प्रकार नहीं है। यह विकल्प व्याकरणिक रूप से गलत है।
इसलिए, केवल उत्तमावस्था ही दिए गए वाक्य के संदर्भ में सही उत्तर है।
प्रश्न 72
चौथा, पाँचवाँ कैसे विशेषण हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: चौथा, पाँचवाँ कैसे विशेषण हैं?
सही उत्तर: विकल्प 3 (क्रमवाचक)
विस्तृत व्याख्या:
-
विकल्प 3: क्रमवाचक (सही उत्तर)
"चौथा" और "पाँचवाँ" विशेषण क्रमवाचक विशेषण के अंतर्गत आते हैं। क्रमवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी वस्तु या व्यक्ति की स्थिति या क्रम को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, जब हम कहते हैं "चौथा छात्र" या "पाँचवाँ अध्याय", तो हम यह बता रहे होते हैं कि वह छात्र या अध्याय क्रम में किस स्थान पर है। इस प्रकार, "चौथा" और "पाँचवाँ" क्रम को दर्शाते हैं, इसलिए ये क्रमवाचक विशेषण हैं।
-
विकल्प 1: आवृत्तिसूचक
आवृत्तिसूचक विशेषण वे होते हैं जो किसी क्रिया की आवृत्ति या बारंबारता को दर्शाते हैं, जैसे "प्रत्येक दिन", "साप्ताहिक" आदि। "चौथा" और "पाँचवाँ" किसी आवृत्ति को नहीं दर्शाते, बल्कि क्रम को दर्शाते हैं, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
विकल्प 2: समुदायबोधक
समुदायबोधक विशेषण वे होते हैं जो किसी समूह या समुदाय का बोध कराते हैं, जैसे "सभी", "कुछ", "अधिकांश" आदि। "चौथा" और "पाँचवाँ" किसी समूह का बोध नहीं कराते, बल्कि क्रम को दर्शाते हैं, इसलिए यह विकल्प गलत है।
-
विकल्प 4: परिमाणवाचक
परिमाणवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी वस्तु या व्यक्ति की मात्रा या परिमाण को दर्शाते हैं, जैसे "कई", "थोड़ा", "बहुत" आदि। "चौथा" और "पाँचवाँ" किसी मात्रा को नहीं दर्शाते, बल्कि क्रम को दर्शाते हैं, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, "चौथा" और "पाँचवाँ" क्रमवाचक विशेषण हैं, और सही उत्तर विकल्प 3 है।
प्रश्न 73
विशेषण पद चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विशेषण पद का चयन करने के लिए हमें यह समझना होगा कि विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। विशेषण शब्द संज्ञा के गुण, मात्रा, संख्या, अवस्था आदि का वर्णन करता है।
-
ऐश्वर्य: यह एक संज्ञा है जो धन, वैभव या समृद्धि का बोध कराती है। यह किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बताती, बल्कि स्वयं एक संज्ञा है।
-
कण्ठोष्ठ: यह एक विशेषण नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार का ध्वनि-विज्ञान से संबंधित शब्द है जो उच्चारण के स्थान को दर्शाता है। यह किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बताता।
-
गुणशाली: यह एक विशेषण है क्योंकि यह किसी व्यक्ति या वस्तु के गुणों का वर्णन करता है। उदाहरण के लिए, "गुणशाली छात्र" में 'गुणशाली' शब्द 'छात्र' की विशेषता बता रहा है। इसलिए, यह सही उत्तर है।
-
उन्नति: यह भी एक संज्ञा है जो प्रगति या विकास का बोध कराती है। यह किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बताती, बल्कि स्वयं एक संज्ञा है।
इस प्रकार, 'गुणशाली' एकमात्र ऐसा विकल्प है जो विशेषण पद के रूप में सही है क्योंकि यह किसी संज्ञा की विशेषता बताता है। अन्य विकल्प संज्ञा हैं और विशेषण के रूप में कार्य नहीं करते।
प्रश्न 74
सुमेलित कीजिए :
(क) अशिष्ट – (i) दशाबोधक गुणवाचक विशेषण
(ख) राजस्थानी – (ii) कालबोधक गुणवाचक विशेषण
(ग) अस्वस्थ – (iii) दोषबोधक गुणवाचक विशेषण
(घ) प्राचीन – (iv) स्थानबोधक गुणवाचक विशेषण
कूट :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर विकल्प 4 है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
-
अशिष्ट – दोषबोधक गुणवाचक विशेषण (iii):
"अशिष्ट" का अर्थ होता है "असभ्य" या "अशालीन", जो किसी व्यक्ति के व्यवहार में दोष को दर्शाता है। इसलिए यह दोषबोधक गुणवाचक विशेषण है। -
राजस्थानी – स्थानबोधक गुणवाचक विशेषण (iv):
"राजस्थानी" शब्द राजस्थान राज्य से संबंधित है, जो स्थान को दर्शाता है। इसलिए यह स्थानबोधक गुणवाचक विशेषण है। -
अस्वस्थ – दशाबोधक गुणवाचक विशेषण (i):
"अस्वस्थ" का अर्थ होता है "बीमार" या "स्वास्थ्य की खराब स्थिति", जो किसी व्यक्ति की दशा को दर्शाता है। इसलिए यह दशाबोधक गुणवाचक विशेषण है। -
प्राचीन – कालबोधक गुणवाचक विशेषण (ii):
"प्राचीन" का अर्थ होता है "पुराना" या "प्राचीनकाल का", जो समय या काल को दर्शाता है। इसलिए यह कालबोधक गुणवाचक विशेषण है।
अब देखते हैं कि अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
- विकल्प 1: इसमें "अस्वस्थ" को कालबोधक और "प्राचीन" को दशाबोधक के रूप में दिखाया गया है, जो गलत है।
- विकल्प 2: इसमें "अशिष्ट" को दशाबोधक और "अस्वस्थ" को दोषबोधक के रूप में दिखाया गया है, जो गलत है।
- विकल्प 3: इसमें "अशिष्ट" को दशाबोधक और "प्राचीन" को स्थानबोधक के रूप में दिखाया गया है, जो गलत है।
इस प्रकार, विकल्प 4 सही है क्योंकि यह सभी शब्दों को उनके सही विशेषण प्रकारों के साथ मिलाता है।
प्रश्न 75
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण वह होता है जो किसी संज्ञा की अनिश्चित संख्या का बोध कराता है। दिए गए विकल्पों में से, विकल्प 4, "सारे देश आतंकवाद के खिलाफ़ खड़े हैं," अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण का उदाहरण है क्योंकि "सारे" शब्द देश की निश्चित संख्या नहीं बताता, बल्कि एक व्यापक और अनिश्चित संख्या का बोध कराता है। यह बताता है कि देश के सभी लोग या अधिकांश लोग आतंकवाद के खिलाफ हैं, लेकिन यह संख्यात्मक रूप से निश्चित नहीं है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
-
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक वर्षा हुई। यहाँ "अधिक" शब्द वर्षा की मात्रा को दर्शाता है, लेकिन यह निश्चित संख्या नहीं है। यह परिमाणवाचक विशेषण है, संख्यावाचक नहीं।
-
सब्जी में थोड़ा-सा नमक डालिए। "थोड़ा-सा" नमक की मात्रा को दर्शाता है, लेकिन यह निश्चित संख्या नहीं है। यह परिमाणवाचक विशेषण है, संख्यावाचक नहीं।
-
सारा काम मुझे ही करना होगा। "सारा" शब्द काम की मात्रा को दर्शाता है, लेकिन यह निश्चित संख्या नहीं है। यह परिमाणवाचक विशेषण है, संख्यावाचक नहीं।
इसलिए, केवल विकल्प 4, "सारे देश आतंकवाद के खिलाफ़ खड़े हैं," में "सारे" शब्द अनिश्चित संख्या का बोध कराता है, जो इसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण बनाता है।
प्रश्न 76
कौन-सा विशेषण शब्द भाववाचक संज्ञा से निर्मित है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विशेषण शब्द वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। भाववाचक संज्ञा वे संज्ञाएँ होती हैं जो किसी भावना, गुण, या अवस्था का बोध कराती हैं।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
-
नागरिक: यह शब्द 'नगर' से बना है और यह एक व्यक्ति को संदर्भित करता है जो किसी नगर का निवासी होता है। यह भाववाचक संज्ञा से निर्मित नहीं है, बल्कि यह जातिवाचक संज्ञा से संबंधित है।
-
चलता: यह क्रिया विशेषण है जो किसी क्रिया की अवस्था या स्थिति को दर्शाता है। यह किसी भाववाचक संज्ञा से निर्मित नहीं है।
-
ऊँचा: यह विशेषण है जो किसी वस्तु की ऊँचाई या स्तर को दर्शाता है। यह भी किसी भाववाचक संज्ञा से निर्मित नहीं है।
-
प्यारा: यह विशेषण शब्द 'प्यार' से बना है, जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। 'प्यार' एक भावना को दर्शाता है और 'प्यारा' उस भावना से संबंधित विशेषण है जो किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति स्नेह या आकर्षण को व्यक्त करता है।
इस प्रकार, 'प्यारा' विशेषण शब्द भाववाचक संज्ञा 'प्यार' से निर्मित है, इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। अन्य विकल्प भाववाचक संज्ञा से निर्मित नहीं हैं, इसलिए वे सही नहीं हैं।
प्रश्न 77
किस वाक्य में परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य में परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग उस विशेषण को कहा जाता है जो किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान की मात्रा या परिमाण को दर्शाता है।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
-
मैं नीली कमीज नहीं पहनता। - इस वाक्य में "नीली" विशेषण है, जो कमीज के रंग का वर्णन करता है। यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है, बल्कि यह गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह गुण (रंग) को दर्शाता है।
-
इस बार बारिश में बहुत ओले गिरे। - इस वाक्य में "बहुत" परिमाणवाचक विशेषण है। यह ओलों की मात्रा को दर्शाता है, अर्थात् कितने ओले गिरे। इसलिए, यह वाक्य परिमाणवाचक विशेषण का सही उदाहरण है।
-
खेल का मैदान लम्बा है। - इस वाक्य में "लम्बा" विशेषण है, जो मैदान की लंबाई का वर्णन करता है। यह भी गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह आकार या विस्तार का गुण दर्शाता है, न कि परिमाण।
-
दिनेश अच्छा गायक है। - इस वाक्य में "अच्छा" विशेषण है, जो दिनेश के गायन के गुण का वर्णन करता है। यह भी गुणवाचक विशेषण है क्योंकि यह गुणवत्ता को दर्शाता है।
इस प्रकार, विकल्प 2 सही उत्तर है क्योंकि इसमें "बहुत" शब्द ओलों की मात्रा को दर्शाता है, जो कि परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है। अन्य विकल्पों में विशेषण गुण या रंग का वर्णन करते हैं, जो परिमाणवाचक विशेषण नहीं हैं।
प्रश्न 78
किस विकल्प में परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विकल्प 1: "प्रणव पाँच किलो दूध पी गया।" इस वाक्य में "पाँच किलो" परिमाणवाचक विशेषण है। परिमाणवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी वस्तु या पदार्थ की मात्रा या परिमाण को व्यक्त करते हैं। यहाँ "पाँच किलो" दूध की मात्रा को दर्शा रहा है, इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण का सही उदाहरण है।
विकल्प 2: "प्रणव पाँच केले खा गया।" इस वाक्य में "पाँच" संख्या विशेषण है, जो गिनती को दर्शाता है, न कि परिमाण को। इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण नहीं है।
विकल्प 3: "प्रणव पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है।" यहाँ "पाँचवीं" क्रमवाचक विशेषण है, जो क्रम को दर्शाता है। यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है क्योंकि यह मात्रा या परिमाण को नहीं दर्शाता।
विकल्प 4: "प्रणव के साथ कुछ बच्चे खेल रहे हैं।" इस वाक्य में "कुछ" अनिश्चित विशेषण है, जो अनिश्चित संख्या को दर्शाता है। यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है क्योंकि यह किसी निश्चित मात्रा या परिमाण को नहीं दर्शाता।
इस प्रकार, विकल्प 1 सही उत्तर है क्योंकि यह परिमाणवाचक विशेषण का सही उदाहरण प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 79
किस वाक्य में परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
परिमाणवाचक विशेषण वह विशेषण होता है जो किसी वस्तु या पदार्थ की मात्रा को व्यक्त करता है। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
-
बंदर कई केले खा गया। - इस वाक्य में "कई" शब्द संख्यावाचक विशेषण है, जो संख्या को व्यक्त करता है, न कि मात्रा को। इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है।
-
थोड़ी-सी चाय बनाना। - इस वाक्य में "थोड़ी-सी" शब्द परिमाणवाचक विशेषण है क्योंकि यह चाय की मात्रा को व्यक्त कर रहा है। यह बताता है कि चाय कितनी मात्रा में बनानी है, लेकिन इसकी संख्या नहीं बताता। इसलिए यह सही उत्तर है।
-
पहले लड़के को यह पुस्तक दे दो। - इस वाक्य में "पहले" शब्द क्रमवाचक विशेषण है, जो क्रम को व्यक्त करता है। यह मात्रा को नहीं दर्शाता, इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है।
-
आसमान में अनगिनत तारे हैं। - इस वाक्य में "अनगिनत" शब्द संख्यावाचक विशेषण है, जो संख्या को व्यक्त करता है, न कि मात्रा को। इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण नहीं है।
इस प्रकार, "थोड़ी-सी चाय बनाना।" वाक्य में परिमाणवाचक विशेषण का सही प्रयोग हुआ है, जो मात्रा को दर्शाता है। यही कारण है कि विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 80
पशु' शब्द से निर्मित विशेषण है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
पशु' शब्द से निर्मित विशेषण 'पाशविक' है, क्योंकि:
- पाशविक (Pashvik): 'पाशविक' शब्द का अर्थ है 'पशु संबंधी' या 'पशु के समान'। यह 'पशु' शब्द से बना एक विशेषण है जो किसी व्यक्ति या वस्तु के व्यवहार को पशु जैसा बताता है। उदाहरण के लिए, "उसका पाशविक व्यवहार देखकर सब डर गए।" यहाँ 'पाशविक' शब्द व्यवहार की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
-
पशुपति (Pashupati): 'पशुपति' एक संज्ञा है, जो भगवान शिव का एक नाम है। इसका अर्थ है 'पशुओं के स्वामी'। यह किसी व्यक्ति या वस्तु की विशेषता नहीं बताता, बल्कि एक नाम है। इसलिए यह विशेषण नहीं है।
-
पशुता (Pashuta): 'पशुता' एक भाववाचक संज्ञा है, जो पशु होने की अवस्था या गुण को दर्शाती है। यह किसी की विशेषता नहीं बताती, बल्कि एक भाव को व्यक्त करती है। उदाहरण के लिए, "उसकी बातों में पशुता झलकती है।" यहाँ 'पशुता' एक भाव है, विशेषण नहीं।
-
पशुत्व (Pashutva): 'पशुत्व' भी एक भाववाचक संज्ञा है, जिसका अर्थ है 'पशु होने का भाव' या 'पशु जैसा स्वभाव'। यह भी किसी की विशेषता नहीं बताता, बल्कि एक भाव को व्यक्त करता है। उदाहरण के लिए, "उसमें पशुत्व की भावना है।" यहाँ 'पशुत्व' एक भाव है, विशेषण नहीं।
इसलिए, केवल 'पाशविक' ही 'पशु' शब्द से बना विशेषण है।