HTET परीक्षा - Level 1 PRT - शब्द भेद
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 1 PRT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 41
सर्वनाम की दृष्टि से असुमेलित को छाँटिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
सर्वनाम की दृष्टि से असुमेलित को छाँटने के लिए हमें यह देखना होगा कि दिए गए विकल्पों में से कौन सा सर्वनाम के प्रकार के अनुसार सही नहीं है।
विकल्प 3: "दाल में कुछ काला है - प्रश्नवाचक सर्वनाम" को असुमेलित के रूप में चुना गया है। इसका कारण यह है कि इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि अनिश्चितवाचक सर्वनाम है, न कि प्रश्नवाचक सर्वनाम। प्रश्नवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे "कौन", "क्या", "किसका" आदि। इसलिए, यह विकल्प असुमेलित है क्योंकि यह गलत तरीके से प्रश्नवाचक सर्वनाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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"लड़के आप ही चले जाएँगे - निजवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि निजवाचक सर्वनाम है। निजवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो व्यक्ति विशेष को इंगित करते हैं, जैसे "मैं", "तुम", "आप" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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"आप एक प्रतिष्ठित समाजसेवी हैं - पुरुषवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि पुरुषवाचक सर्वनाम है। पुरुषवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु को इंगित करते हैं, जैसे "वह", "यह", "वे" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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"मेरी वह पुस्तक खो गई, जिसे मैंने कल ही खरीदा था - संबंधवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "जिसे" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि संबंधवाचक सर्वनाम है। संबंधवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ते हैं, जैसे "जो", "जिसे", "जिसका" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
इस प्रकार, विकल्प 3 को असुमेलित के रूप में सही तरीके से चुना गया है क्योंकि यह गलत तरीके से प्रश्नवाचक सर्वनाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
प्रश्न 42
निम्न में से कौन-सी सकर्मक क्रिया है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
The correct option is 3:
सकर्मक क्रिया वह होती है जिसके कार्य का फल कर्ता को छोड़कर कर्म पर पड़ता है, यानी जिसे अपने अर्थ को पूर्ण करने के लिए कर्म (object) की आवश्यकता होती है। क्रिया से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न करने पर यदि उत्तर मिलता है, तो वह क्रिया सकर्मक होती है। यहाँ क्रिया 'लेना' (to take) है। जब हम पूछते हैं कि "क्या लिया?" (What was taken?), तो हमें एक कर्म की आवश्यकता होती है, जैसे "मैंने पुस्तक ली" (I took the book) या "उसने पैसे लिए" (He took the money)। इस प्रकार, 'लेना' क्रिया अपने साथ कर्म को अपेक्षित करती है, इसलिए यह एक सकर्मक क्रिया है। यह क्रिया व्यापार और फल दोनों को प्रकट करती है, जहाँ फल कर्म पर पड़ता है।
The incorrect option is 1:
'आना' (to come) एक अकर्मक क्रिया (Intransitive verb) है। अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिन्हें कर्म की आवश्यकता नहीं होती है और जिनका कार्य या फल सीधे कर्ता पर पड़ता है। यदि हम 'आना' से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न करते हैं, जैसे "क्या आया?" या "किसे आया?", तो हमें कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिलता है जो कर्म हो। उदाहरण के लिए, "वह आया।" इस वाक्य में क्रिया का फल सीधे 'वह' (कर्ता) पर पड़ रहा है। इसलिए, 'आना' सकर्मक नहीं, बल्कि अकर्मक क्रिया है।
The incorrect option is 2:
'जाना' (to go) भी एक अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया के लिए भी कर्म की आवश्यकता नहीं होती है। जब हम कहते हैं "रमेश जा रहा है," तो क्रिया का फल सीधे कर्ता (रमेश) तक सीमित रहता है। हालांकि, कुछ वाक्यों में 'जाना' का प्रयोग स्थान सूचक शब्दों के साथ हो सकता है, लेकिन वह स्थान कर्म नहीं होता। जैसे "वह घर गया।" यहाँ 'घर' कर्म नहीं, बल्कि अधिकरण कारक है। चूँकि 'जाना' का प्रयोग बिना कर्म के संभव है और इसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती, यह एक अकर्मक क्रिया है।
The incorrect option is 4:
'मरना' (to die) एक पूर्ण रूप से अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया का व्यापार और फल दोनों ही कर्ता तक सीमित रहते हैं। 'मरना' क्रिया से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न पूछने पर कोई कर्म रूपी उत्तर नहीं मिलता। "पक्षी मर गया।" इस वाक्य में क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता ('पक्षी') पर पड़ रहा है। यह एक स्वाभाविक क्रिया है जिसके लिए किसी बाहरी वस्तु या कर्म की आवश्यकता नहीं होती है। अतः, 'मरना' सकर्मक क्रिया नहीं है।
प्रश्न 43
क्रिया के मूलरूप को क्या कहते हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
क्रिया के मूलरूप को "धातु" कहते हैं। धातु वह मूल रूप है जिससे विभिन्न प्रकार की क्रियाएँ बनती हैं। यह संस्कृत और हिंदी व्याकरण में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। धातु से ही क्रिया के विभिन्न रूप जैसे कि काल, वचन, पुरुष आदि बनते हैं। उदाहरण के लिए, "खाना" क्रिया की धातु "खा" है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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क्रियाविशेषण: यह विकल्प गलत है क्योंकि क्रियाविशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया की विशेषता बताता है, जैसे "तेजी से" दौड़ना। यह क्रिया के मूलरूप से संबंधित नहीं है।
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कारक: यह विकल्प भी गलत है। कारक वह शब्द होता है जो वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम के साथ क्रिया के संबंध को दर्शाता है, जैसे "राम ने खाना खाया" में "राम" कर्ता कारक है। यह क्रिया के मूलरूप से संबंधित नहीं है।
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इनमें से कोई नहीं: यह विकल्प भी गलत है क्योंकि सही उत्तर "धातु" है, जो विकल्प 3 में दिया गया है।
इस प्रकार, "धातु" ही वह सही उत्तर है जो क्रिया के मूलरूप को दर्शाता है।
प्रश्न 44
किस विकल्प में 'नामधातु' क्रिया है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 4 'गरमाना' को 'नामधातु' क्रिया के रूप में सही उत्तर माना गया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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गरमाना (विकल्प 4): 'गरमाना' एक नामधातु क्रिया है। नामधातु वे क्रियाएँ होती हैं जो किसी विशेष क्रिया या अवस्था को व्यक्त करती हैं और जिनका उपयोग संज्ञा के रूप में भी किया जा सकता है। 'गरमाना' का अर्थ है किसी वस्तु को गरम करना या गरम होना। यह क्रिया किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को दर्शाती है, जैसे पानी को गरमाना।
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धड़धड़ाहट (विकल्प 1): 'धड़धड़ाहट' एक संज्ञा है जो किसी वस्तु या स्थिति से उत्पन्न होने वाली ध्वनि को व्यक्त करती है। यह कोई क्रिया नहीं है, बल्कि एक ध्वनि का वर्णन है, इसलिए यह नामधातु क्रिया नहीं हो सकती।
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खिलवाना (विकल्प 2): 'खिलवाना' एक क्रिया है जो किसी को खिलाने की क्रिया को दर्शाती है। यह एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु क्रिया के रूप में नहीं देखा जा सकता क्योंकि यह किसी विशेष अवस्था या प्रक्रिया को व्यक्त नहीं करती।
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उठना (विकल्प 3): 'उठना' भी एक सामान्य क्रिया है जो किसी वस्तु या व्यक्ति के ऊपर उठने की क्रिया को दर्शाती है। यह नामधातु क्रिया नहीं है क्योंकि यह किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को व्यक्त नहीं करती।
इस प्रकार, 'गरमाना' (विकल्प 4) सही उत्तर है क्योंकि यह एक नामधातु क्रिया है जो किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को व्यक्त करती है।
प्रश्न 45
एककर्मक क्रिया वाला वाक्य है :
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उत्तर और व्याख्या
एककर्मक क्रिया वह होती है जिसमें क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता पर पड़ता है और उसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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महर्षि वेदव्यास ने जयसंहिता लिखी।
यह वाक्य एककर्मक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि इसमें "लिखी" क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता "महर्षि वेदव्यास" पर पड़ता है। इस वाक्य में कोई कर्म नहीं है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े। इसलिए यह वाक्य एककर्मक क्रिया वाला है। -
उसने हमें पुस्तकें दी।
इस वाक्य में "दी" क्रिया का प्रभाव "पुस्तकें" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। यहाँ पर "हमें" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य सकर्मक क्रिया का उदाहरण है, न कि एककर्मक क्रिया का। -
बहन ने भाई को राखी बाँधी।
इस वाक्य में "बाँधी" क्रिया का प्रभाव "राखी" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। "भाई को" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य भी सकर्मक क्रिया का उदाहरण है। -
मैंने पिताजी को पत्र लिखा।
इस वाक्य में "लिखा" क्रिया का प्रभाव "पत्र" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। "पिताजी को" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य भी सकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
इस प्रकार, केवल विकल्प 1 "महर्षि वेदव्यास ने जयसंहिता लिखी।" ही एककर्मक क्रिया का सही उदाहरण है।
प्रश्न 46
क्रिया के संबंध में असंगत कथन चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
क्रिया के संबंध में असंगत कथन है: यदि वाक्य में दो कर्म हों, तो क्रिया से 'किसे' या 'किसको' प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलता है वह 'मुख्य कर्म' होता है।
व्याख्या:
यह कथन असंगत है क्योंकि यदि वाक्य में दो कर्म हों, तो क्रिया से 'किसे' या 'किसको' प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलता है, वह गौण कर्म होता है, न कि मुख्य कर्म। मुख्य कर्म वह होता है जो क्रिया से 'क्या' प्रश्न करने पर प्राप्त होता है। गौण कर्म प्रायः सजीव होता है और मुख्य कर्म निर्जीव।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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गौणकर्म के साथ सदैव 'को' चिन्ह जुड़ा रहता है तथा क्रिया से अपेक्षाकृत दूर रहता है। यह कथन सत्य है। गौण कर्म में 'को' विभक्ति का प्रयोग होता है और यह मुख्य कर्म की तुलना में क्रिया से दूर स्थित होता है।
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जिन्हें कर्म के अतिरिक्त अन्य किसी पूरक शब्द की आवश्यकता नहीं पड़ती है उन्हें 'पूर्ण सकर्मक क्रिया' कहते हैं। यह कथन भी सत्य है। पूर्ण सकर्मक क्रियाओं को अर्थ पूर्ण करने के लिए किसी पूरक शब्द की आवश्यकता नहीं होती।
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आना, उड़ना एवं तैरना गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रियाएँ होती हैं। यह कथन भी सत्य है। ये क्रियाएँ गति का बोध कराती हैं और अकर्मक होती हैं, अर्थात इनके साथ कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 47
"राम ने किसान की ज़मीन हथिया ली।" रेखांकित शब्द में प्रयुक्त क्रिया चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न में दिए गए वाक्य "राम ने किसान की ज़मीन हथिया ली।" में "हथिया" शब्द का विश्लेषण करते हुए हमें यह समझना होगा कि यह किस प्रकार की क्रिया है। सही उत्तर विकल्प 3, "नामधातु क्रिया" है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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नामधातु क्रिया: नामधातु क्रिया वह होती है जिसमें संज्ञा या विशेषण के रूप में प्रयुक्त शब्द को क्रिया के रूप में प्रयोग किया जाता है। "हथिया" शब्द "हथियाना" से बना है, जो एक नामधातु क्रिया है। यह क्रिया किसी वस्तु या संपत्ति को अपने अधिकार में लेने की क्रिया को दर्शाती है। इस वाक्य में "हथिया" का प्रयोग इसी अर्थ में किया गया है, जो इसे नामधातु क्रिया बनाता है।
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प्रेरणार्थक क्रिया: प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें किसी अन्य व्यक्ति से कोई कार्य करवाया जाता है। उदाहरण के लिए, "राम ने मोहन से काम करवाया।" यहाँ "हथिया" में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि राम ने किसी और से ज़मीन हथियाने का कार्य करवाया हो, इसलिए यह प्रेरणार्थक क्रिया नहीं है।
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संयुक्त क्रिया: संयुक्त क्रिया वह होती है जिसमें दो क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया का अर्थ प्रकट करती हैं। उदाहरण के लिए, "खाना खा लिया।" यहाँ "हथिया" एक स्वतंत्र क्रिया है और इसके साथ कोई अन्य क्रिया नहीं जुड़ी है, इसलिए यह संयुक्त क्रिया नहीं है।
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अकर्मक क्रिया: अकर्मक क्रिया वह होती है जिसमें क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता। उदाहरण के लिए, "राम सो गया।" यहाँ "हथिया" का प्रयोग एक कर्म (ज़मीन) पर प्रभाव डालने के लिए किया गया है, इसलिए यह अकर्मक क्रिया नहीं है।
इस प्रकार, "हथिया" शब्द का प्रयोग नामधातु क्रिया के रूप में किया गया है, जो इसे विकल्प 3 के अनुसार सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 48
नामधातु क्रिया नहीं है :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: नामधातु क्रिया नहीं है :
सही उत्तर: विकल्प 2 (सजाना)
व्याख्या:
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सजाना: यह विकल्प सही उत्तर है क्योंकि "सजाना" एक ऐसी क्रिया है जो किसी वस्तु या स्थान को सुंदर बनाने के कार्य को दर्शाती है। यह क्रिया किसी विशेष नामधातु से नहीं जुड़ी होती है। "सजाना" का अर्थ है किसी चीज़ को सजाना या अलंकृत करना, जो कि एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु के रूप में नहीं देखा जाता।
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लतियाना: यह एक नामधातु क्रिया है। "लतियाना" का अर्थ है किसी को लात मारना। यह क्रिया किसी विशेष क्रिया को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
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झुठलाना: यह भी एक नामधातु क्रिया है। "झुठलाना" का अर्थ है किसी बात को झूठा साबित करना या अस्वीकार करना। यह क्रिया भी एक विशेष कार्य को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
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गलियाना: यह भी एक नामधातु क्रिया है। "गलियाना" का अर्थ है किसी को गाली देना। यह क्रिया भी एक विशेष कार्य को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
इस प्रकार, "सजाना" एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु के रूप में नहीं देखा जाता, जबकि अन्य विकल्प विशेष कार्यों को दर्शाते हैं और नामधातु क्रियाओं के रूप में माने जा सकते हैं। इसलिए, सही उत्तर विकल्प 2 "सजाना" है।
प्रश्न 49
"टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।"वाक्य में प्रयुक्त क्रिया है :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।" में प्रयुक्त क्रिया "टहलना" है। इस वाक्य में "टहलना" एक क्रियार्थक संज्ञा है।
विस्तृत व्याख्या:
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क्रियार्थक संज्ञा (Option 4):
- "टहलना" शब्द यहाँ एक क्रियार्थक संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुआ है। क्रियार्थक संज्ञा वह होती है जो क्रिया के नाम को दर्शाती है। इस वाक्य में "टहलना" क्रिया का नाम है, जो एक गतिविधि को दर्शाता है। यह बताता है कि टहलने की क्रिया स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसलिए, यह क्रियार्थक संज्ञा के रूप में सही है।
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अन्य विकल्पों की गलतियाँ:
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प्रेरणार्थक क्रिया (Option 1):
- प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जो किसी को प्रेरित करने या किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है। उदाहरण के लिए, "करवाना" या "सिखाना"। "टहलना" इस प्रकार की क्रिया नहीं है, क्योंकि यह किसी को प्रेरित करने की क्रिया नहीं दर्शाता।
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संयुक्त क्रिया (Option 2):
- संयुक्त क्रिया वह होती है जिसमें दो क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया का अर्थ देती हैं। उदाहरण के लिए, "देख लेना"। "टहलना" एक अकेली क्रिया है और इसमें कोई अन्य क्रिया नहीं जुड़ी है, इसलिए यह संयुक्त क्रिया नहीं है।
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रंजक क्रिया (Option 3):
- रंजक क्रिया वह होती है जो किसी क्रिया के होने की स्थिति को दर्शाती है। उदाहरण के लिए, "खिलखिलाना"। "टहलना" इस प्रकार की क्रिया नहीं है, क्योंकि यह किसी स्थिति को नहीं दर्शाता।
-
इस प्रकार, "टहलना" को क्रियार्थक संज्ञा के रूप में सही रूप से पहचाना गया है, और यही कारण है कि Option 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 50
सुमेलित कीजिए :
(क) स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (i) लड़का पुस्तक पढ़ता है।
(ख) गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (ii) रामू सो रहा है।
(ग) एककर्मक क्रिया – (iii) माँ बच्चे को फल देती है।
(घ) द्विकर्मक क्रिया – (iv) लड़का तालाब में तैर रहा है।
कूट :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर विकल्प 3 है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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(क) स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (ii) रामू सो रहा है।
- स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो किसी स्थिति या अवस्था को दर्शाती है और जिसका कोई कर्म नहीं होता। "रामू सो रहा है" एक ऐसी क्रिया है जो रामू की स्थिति को दर्शाती है और इसमें कोई कर्म नहीं है।
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(ख) गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (iv) लड़का तालाब में तैर रहा है।
- गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो गति को दर्शाती है और जिसका कोई कर्म नहीं होता। "लड़का तालाब में तैर रहा है" एक ऐसी क्रिया है जो लड़के की गति को दर्शाती है और इसमें कोई कर्म नहीं है।
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(ग) एककर्मक क्रिया – (i) लड़का पुस्तक पढ़ता है।
- एककर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें एक ही कर्म होता है। "लड़का पुस्तक पढ़ता है" में "पुस्तक" एक कर्म है, जो पढ़ने की क्रिया का लक्ष्य है।
-
(घ) द्विकर्मक क्रिया – (iii) माँ बच्चे को फल देती है।
- द्विकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें दो कर्म होते हैं। "माँ बच्चे को फल देती है" में "बच्चे को" और "फल" दोनों ही कर्म हैं, जो देने की क्रिया के लक्ष्य हैं।
अब, अन्य विकल्पों के गलत होने का कारण:
- विकल्प 1: इसमें (क) और (ख) के लिए गलत मिलान किया गया है।
- विकल्प 2: इसमें (क) और (घ) के लिए गलत मिलान किया गया है।
- विकल्प 4: इसमें (ग) और (घ) के लिए गलत मिलान किया गया है।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही है क्योंकि यह सभी क्रियाओं का सही मिलान प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 51
सकर्मक क्रिया युक्त वाक्य चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
बहन ने भाई को मिठाई खिलाई।
व्याख्या:
विकल्प 4, "बहन ने भाई को मिठाई खिलाई," सकर्मक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि इसमें क्रिया (खिलाई) का फल कर्म (मिठाई) पर पड़ रहा है। सकर्मक क्रिया वह होती है जिसमें कर्म उपस्थित होता है, यानी क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु या व्यक्ति पर पड़ता है। इस वाक्य में, 'बहन' कर्ता है, 'खिलाई' क्रिया है, 'भाई' गौण कर्म है और 'मिठाई' मुख्य कर्म है। क्रिया 'खिलाना' का प्रभाव 'मिठाई' पर पड़ रहा है, इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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भिखारी मंदिर के बाहर चिल्ला रहे थे। इस वाक्य में 'चिल्ला रहे थे' अकर्मक क्रिया है क्योंकि क्रिया का फल कर्ता (भिखारी) पर ही पड़ रहा है। कोई कर्म उपस्थित नहीं है।
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मछलियाँ तालाब में तैर रही हैं। इस वाक्य में 'तैर रही हैं' अकर्मक क्रिया है। क्रिया का फल कर्ता (मछलियाँ) पर ही पड़ रहा है। 'तालाब में' अधिकरण कारक है, कर्म नहीं।
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धावक सड़क पर दौड़ रहे हैं। इस वाक्य में 'दौड़ रहे हैं' अकर्मक क्रिया है। क्रिया का फल कर्ता (धावक) पर ही पड़ रहा है। 'सड़क पर' अधिकरण कारक है, कर्म नहीं।
इसलिए, केवल विकल्प 4 में कर्म उपस्थित है और क्रिया का फल उस पर पड़ रहा है, इसलिए यह सकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
प्रश्न 52
निम्न में से कौन-सी क्रिया 'कर्म' की अपेक्षा रखती है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: निम्न में से कौन-सी क्रिया 'कर्म' की अपेक्षा रखती है?
सही उत्तर: विकल्प 2 (पीना)
विस्तृत व्याख्या:
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पीना (विकल्प 2): 'पीना' एक ऐसी क्रिया है जो 'कर्म' की अपेक्षा रखती है। इसका अर्थ है कि इस क्रिया को पूरा करने के लिए किसी वस्तु की आवश्यकता होती है, जिसे पिया जा सके। उदाहरण के लिए, पानी पीना, दूध पीना आदि। यहाँ 'पानी' या 'दूध' 'कर्म' के रूप में कार्य करता है, जो इस क्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, 'पीना' एक सकर्मक क्रिया है और यह सही उत्तर है।
-
दौड़ना (विकल्प 1): 'दौड़ना' एक अकर्मक क्रिया है, जिसका अर्थ है कि इसे पूरा करने के लिए किसी बाहरी वस्तु या 'कर्म' की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया स्वयं में पूर्ण होती है और किसी वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
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हँसना (विकल्प 3): 'हँसना' भी एक अकर्मक क्रिया है। इसे करने के लिए किसी बाहरी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया व्यक्ति की आंतरिक भावना को व्यक्त करती है और किसी 'कर्म' की अपेक्षा नहीं रखती।
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रेंगना (विकल्प 4): 'रेंगना' भी एक अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया को करने के लिए किसी बाहरी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया स्वयं में पूर्ण होती है और किसी 'कर्म' की अपेक्षा नहीं रखती।
इस प्रकार, 'पीना' एकमात्र ऐसी क्रिया है जो 'कर्म' की अपेक्षा रखती है, और इसलिए विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 53
क्रिया के संबंध में कौन-सा युग्म अनुचित है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 3: "बगीचे में मोर नाच रहा है। - सकर्मक क्रिया" अनुचित है क्योंकि यह वाक्य एक अकर्मक क्रिया का उदाहरण है, न कि सकर्मक क्रिया का।
विस्तृत व्याख्या:
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अकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "भिखारी सड़क पर चिल्ला रहे थे।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "चिल्ला रहे थे" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। इसलिए यह युग्म उचित है।
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द्विकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "राधा श्याम को पत्र लिखती है।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "लिखती है" एक द्विकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें दो कर्म हैं - "श्याम" और "पत्र"। इसलिए यह युग्म भी उचित है।
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सकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "बगीचे में मोर नाच रहा है।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "नाच रहा है" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इसे सकर्मक क्रिया कहना अनुचित है, और यही कारण है कि यह युग्म अनुचित है।
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पूर्वकालिक क्रिया:
- वाक्य: "वह विद्यालय से आकर खाना खाएगा।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "आकर" पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि यह क्रिया पहले घटित होती है और उसके बाद "खाएगा" क्रिया होती है। इसलिए यह युग्म उचित है।
इस प्रकार, विकल्प 3 अनुचित है क्योंकि "नाच रहा है" को गलत तरीके से सकर्मक क्रिया के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि यह वास्तव में एक अकर्मक क्रिया है।
प्रश्न 54
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'अकर्मक क्रिया' नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो अपने आप में पूर्ण होती है और जिसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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धावक सड़क पर दौड़ रहे थे। - इस वाक्य में 'दौड़ रहे थे' एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। धावक स्वयं दौड़ रहे हैं, और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
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महेश अध्यापक बन गया। - इस वाक्य में 'बन गया' भी एक अकर्मक क्रिया है। यह क्रिया महेश के स्वयं के परिवर्तन को दर्शाती है और इसके लिए किसी बाहरी कर्म की आवश्यकता नहीं है।
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तुलसीदास जी ने रामायण लिखी। - इस वाक्य में 'लिखी' एक सकर्मक क्रिया है। यह क्रिया 'रामायण' पर निर्भर करती है, जो कि इस क्रिया का कर्म है। तुलसीदास जी ने किसे लिखा? रामायण को। इसलिए, यह वाक्य अकर्मक क्रिया का उदाहरण नहीं है।
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वह तालाब में तैर रही है। - इस वाक्य में 'तैर रही है' एक अकर्मक क्रिया है। यह क्रिया भी अपने आप में पूर्ण है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। वह स्वयं तैर रही है, और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें 'लिखी' एक सकर्मक क्रिया है, जबकि अन्य सभी विकल्पों में अकर्मक क्रियाएं हैं।
प्रश्न 55
निम्न में से किस विकल्प की सभी क्रियाएँ 'अकर्मक' हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
चलना, मुस्कराना, खिलना - यह विकल्प सही है क्योंकि इसमें दी गई सभी क्रियाएँ 'अकर्मक' हैं। अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिनके साथ कर्म (object) की आवश्यकता नहीं होती। क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता (subject) पर पड़ता है।
- चलना: 'वह चलता है' - इस वाक्य में 'चलता है' क्रिया का प्रभाव सीधे 'वह' (कर्ता) पर पड़ रहा है। कोई कर्म नहीं है।
- मुस्कराना: 'वह मुस्कुराता है' - यहाँ भी क्रिया का प्रभाव कर्ता पर है, कर्म अनुपस्थित है।
- खिलना: 'फूल खिलता है' - इस वाक्य में 'खिलता है' क्रिया का प्रभाव 'फूल' (कर्ता) पर है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि उनमें कम से कम एक क्रिया सकर्मक है (जिसके साथ कर्म की आवश्यकता होती है):
- दौड़ना, रूठना, लिखना: 'लिखना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह पत्र लिखता है' - यहाँ 'पत्र' कर्म है।
- हँसना, खाना, सोना: 'खाना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह खाना खाता है' - यहाँ 'खाना' कर्म है।
- रोना, उठना, काटना: 'काटना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह फल काटता है' - यहाँ 'फल' कर्म है।
इसलिए, केवल विकल्प 1 में सभी क्रियाएँ अकर्मक हैं।
प्रश्न 56
"पिताजी बहुत देर से टहल रहे हैं।" वाक्य
में कौन-सी क्रिया प्रयुक्त हुई है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य "पिताजी बहुत देर से टहल रहे हैं।" में प्रयुक्त क्रिया का विश्लेषण करते हुए, हम यह देख सकते हैं कि यह वाक्य एक ऐसी क्रिया को दर्शाता है जो किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर क्रिया नहीं कर रही है। आइए इसे विस्तार से समझें:
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अकर्मक क्रिया (Option 4):
- अकर्मक क्रिया वह होती है जो अपने आप में पूर्ण होती है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। वाक्य में "टहल रहे हैं" क्रिया का प्रयोग हुआ है, जो यह दर्शाता है कि पिताजी स्वयं टहल रहे हैं और इस क्रिया का कोई सीधा प्रभाव किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं पड़ रहा है। इसलिए, यह क्रिया अकर्मक है। इस कारण से, Option 4 सही उत्तर है।
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सजातीय क्रिया (Option 1):
- सजातीय क्रिया वह होती है जो समान प्रकार की क्रियाओं का समूह बनाती है। इस वाक्य में केवल एक क्रिया "टहल रहे हैं" है, जो किसी सजातीय समूह का हिस्सा नहीं है। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
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पूर्वकालिक क्रिया (Option 2):
- पूर्वकालिक क्रिया वह होती है जो भूतकाल में घटित हुई हो। वाक्य में "टहल रहे हैं" वर्तमान काल को दर्शाता है, न कि भूतकाल को। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
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सकर्मक क्रिया (Option 3):
- सकर्मक क्रिया वह होती है जो किसी कर्म पर क्रिया करती है। इस वाक्य में कोई कर्म नहीं है जिस पर क्रिया की जा रही हो। "टहल रहे हैं" क्रिया का कोई सीधा कर्म नहीं है, इसलिए यह सकर्मक नहीं है। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, दिए गए वाक्य में "टहल रहे हैं" एक अकर्मक क्रिया है, और Option 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 57
क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
सही उत्तर: विकल्प 4
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 1: रमेश पत्र लिखवाता है - प्रेरणार्थक क्रिया
- इस वाक्य में "लिखवाता है" प्रेरणार्थक क्रिया है क्योंकि इसमें रमेश किसी अन्य व्यक्ति से पत्र लिखवाने की क्रिया करवा रहा है। प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कोई व्यक्ति किसी अन्य से क्रिया करवाता है।
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विकल्प 2: बालक छत पर खड़ा है - अकर्मक क्रिया
- "खड़ा है" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता। बालक स्वयं खड़ा है और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं हो रही है।
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विकल्प 3: अध्यापक बालक को हिंदी पढ़ा रहा है - द्विकर्मक क्रिया
- इस वाक्य में "पढ़ा रहा है" द्विकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें दो कर्म हैं: "बालक" और "हिंदी"। अध्यापक बालक को हिंदी पढ़ा रहा है, इसलिए यह द्विकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
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विकल्प 4: प्रणीता ज़ोर-ज़ोर से हँस रही है - सकर्मक क्रिया
- यह विकल्प असंगत है क्योंकि "हँस रही है" वास्तव में एक अकर्मक क्रिया है, न कि सकर्मक क्रिया। हँसने की क्रिया का प्रभाव किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं पड़ता, इसलिए इसे अकर्मक क्रिया माना जाता है। इस प्रकार, यह विकल्प अन्य विकल्पों की तुलना में असंगत है।
इस प्रकार, विकल्प 4 सही उत्तर है क्योंकि यह क्रिया की दृष्टि से अन्य विकल्पों के साथ मेल नहीं खाता।
प्रश्न 58
कंपाउंडर बीमार को दवा पिलाता है। उक्त
वाक्य में रेखांकित पद है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य "कंपाउंडर बीमार को दवा पिलाता है।" में रेखांकित पद "पिलाता" है। इस पद का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि यह एक प्रेरणार्थक क्रिया है।
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प्रेरणार्थक क्रिया (Option 3): प्रेरणार्थक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। वाक्य में "पिलाता" शब्द यह दर्शाता है कि कंपाउंडर बीमार व्यक्ति को दवा पीने के लिए प्रेरित कर रहा है। यहाँ कंपाउंडर स्वयं दवा नहीं पी रहा है, बल्कि बीमार व्यक्ति को दवा पीने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसलिए, यह प्रेरणार्थक क्रिया का उदाहरण है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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पूर्वकालिक क्रिया (Option 1): पूर्वकालिक क्रिया वह होती है जो भूतकाल में घटित हुई हो। "पिलाता" वर्तमान काल में हो रही क्रिया को दर्शाता है, इसलिए यह पूर्वकालिक क्रिया नहीं है।
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नामधातु क्रिया (Option 2): नामधातु क्रिया वह होती है जो संज्ञा और धातु के मिश्रण से बनी हो। "पिलाता" एक क्रिया है जो किसी कार्य को दर्शाती है, न कि नामधातु क्रिया।
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कृदन्त क्रिया (Option 4): कृदन्त क्रिया वह होती है जो धातु से कृदन्त प्रत्यय लगाकर बनाई जाती है और विशेषण या संज्ञा के रूप में प्रयुक्त होती है। "पिलाता" एक सक्रिय क्रिया है, न कि कृदन्त रूप।
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इस प्रकार, "पिलाता" शब्द प्रेरणार्थक क्रिया का सही उदाहरण है, और इसलिए Option 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 59
किस विकल्प का वाक्य पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
The correct option is 2:
पूर्वकालिक क्रिया उस क्रिया को कहते हैं जो वाक्य में मुख्य क्रिया से पहले संपन्न होती है, और इस क्रिया के साथ अक्सर 'कर' या 'करके' प्रत्यय जुड़ा होता है। इसका तात्पर्य है कि एक ही कर्ता एक कार्य समाप्त करके तुरंत दूसरा कार्य शुरू करता है।
The correct option is 2:
विकल्प 2, "तुम्हें ऐसा करना शोभा नहीं देता है," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण नहीं है। इस वाक्य में क्रिया 'शोभा नहीं देता है' है, जो मुख्य क्रिया है, और यहाँ कोई अन्य क्रिया उससे पहले 'कर' या 'करके' के रूप में नहीं आई है। यह वाक्य एक सामान्य क्रिया या स्थिति का बोध कराता है, जहाँ 'करना' एक क्रियार्थक संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुआ है, न कि पूर्वकालिक क्रिया के रूप में। इसलिए, यह वाक्य पूर्वकालिक क्रिया के उदाहरण की श्रेणी में नहीं आता है।
The incorrect option is 1:
विकल्प 1, "राम खेलकर चला गया," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। यहाँ 'खेलकर' क्रिया 'चला गया' मुख्य क्रिया से पहले समाप्त हुई है और इसमें 'कर' प्रत्यय जुड़ा है, जो पूर्वकालिक क्रिया की पहचान है।
The incorrect option is 3:
विकल्प 3, "सीता खाना बनाकर जयपुर जाएगी," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। इस वाक्य में 'बनाकर' क्रिया 'जयपुर जाएगी' मुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सीता ने खाना बनाने का कार्य पहले समाप्त किया, जो कि पूर्वकालिक क्रिया है।
The incorrect option is 4:
विकल्प 4, "अध्यापक उदाहरण देकर छात्रों को पढ़ाते हैं," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। यहाँ 'देकर' क्रिया 'पढ़ाते हैं' मुख्य क्रिया से पहले संपन्न हुई है। 'देकर' में 'कर' प्रत्यय लगा है, जिससे यह सिद्ध होता है कि उदाहरण देने का कार्य पढ़ाने के कार्य से ठीक पहले हुआ है।
प्रश्न 60
क्रिया के संबंध में अनुचित विकल्प चुनिए :
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