Question
Easy

अवनिरमरसिन्धु: सार्धमस्मद्विधाभि:; स च कुलप्रतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता । स च मुनिरनुयातारुन्धतीको वशिष्ठ:; त्वयि वितरतु भद्रं भूयसे मङ्गलाय ।। श्लोकेऽस्मिन् किं छन्द:

1
वसन्ततिलका
2
मन्दाक्रान्ता
3
शिखरिणी
4
मालिनी
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: छन्दः
Correct Answer
Option D
Explanation

यह श्लोक संस्कृत साहित्य के प्रसिद्ध छन्दों में से एक 'मालिनी' छन्द में निबद्ध है। आइए, इसका विस्तृत विश्लेषण करते हैं। प्रश्न का अर्थ: दिए गए संस्कृत श्लोक "अवनिरमरसिन्धु: सार्धमस्मद्विधाभि:; स च कुलप्रतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता । स च मुनिरनुयातारुन्धतीको वशिष्ठ:; त्वयि वितरतु भद्रं भूयसे मङ्गलाय ।।" में कौन सा छन्द है? सही विकल्प (विकल्प 4: मालिनी) की व्याख्या: मालिनी छन्द की विशेषताएँ: 1. अक्षर संख्या: मालिनी एक समवृत्त छन्द है।…Read More