HTET Exam - Level 1 PRT - Hindi
HTET exam Level 1 PRT preparation with Clear Cutoff
by Clear Cutoff
Showing 20 of 20 questions
Question 661
किस विकल्प के समस्त पद में बहुव्रीहि समास का उदाहरण नहीं है ?
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Answer & Explanation
Question 662
समास की दृष्टि से असंगतविकल्प चुनिए :
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Answer & Explanation
The correct option is 4:
'हीन-भावना' का सही समास विग्रह 'हीन (से) भावना' या 'हीन है जो भावना' हो सकता है। यदि हम इसे 'हीन (से) भावना' मानते हैं, तो यह करण तत्पुरुष (करण कारक का चिह्न 'से') हो सकता है, या यदि इसे 'हीन है जो भावना' मानते हैं (अर्थात हीनता से युक्त भावना), तो यह कर्मधारय समास होना चाहिए क्योंकि इसमें विशेषण-विशेष्य का संबंध है। किसी भी स्थिति में, इसका विग्रह 'अधिकरण तत्पुरुष' ('में' या 'पर' कारक चिह्न) से मेल नहीं खाता है। अधिकरण तत्पुरुष का विग्रह 'अधिकरण' (स्थान/समय) से संबंधित होता है, जैसे 'कार्य में कुशल' (कार्यकुशल)। 'हीन-भावना' में अधिकरण कारक का कोई प्रयोग नहीं है, इसलिए यह समास की दृष्टि से असंगत (गलत मेल) विकल्प है।
The incorrect option is 1:
'कूपमंडूक' का समास विग्रह होता है 'कूप (कुएँ) में मंडूक (मेढक)'। इस विग्रह में 'में' कारक चिह्न का प्रयोग हुआ है, जो हिंदी व्याकरण के तत्पुरुष समास के अंतर्गत 'अधिकरण तत्पुरुष' कारक को दर्शाता है। अधिकरण तत्पुरुष समास में पूर्व पद और उत्तर पद के बीच अधिकरण कारक की विभक्ति 'में' या 'पर' का लोप होता है। चूंकि 'कूपमंडूक' का अर्थ 'कुएँ में सीमित ज्ञान वाला' है, यह स्थान (कूप) के अधिकरण को दर्शाता है, इसलिए यह मेल (अधिकरण तत्पुरुष) पूर्णतः संगत है।
The incorrect option is 2:
'मधुमक्खी' एक उदाहरण है जिसे 'लुप्तपद तत्पुरुष' के अंतर्गत माना जाता है, हालांकि इसका सटीक विग्रह 'मधु बनाने वाली मक्खी' होता है। लुप्तपद तत्पुरुष में कारक चिह्न के साथ-साथ अन्य पद भी लुप्त हो जाते हैं, जैसे 'दही-बड़ा' (दही में डूबा हुआ बड़ा)। चूंकि यह कर्मधारय समास का उपभेद नहीं है, लेकिन व्यापक रूप से तत्पुरुष के साथ इसका उल्लेख किया जाता है। फिर भी, 'लुप्तपद तत्पुरुष कर्मधारय' का उल्लेख होना इसे असंगत नहीं बनाता है, क्योंकि 'मधु' कर्म का बोध कराता है और यह तत्पुरुष का एक विशेष उपभेद है।
The incorrect option is 3:
'काजल' शब्द समास की दृष्टि से गलत तरीके से वर्गीकृत किया गया है। 'काजल' स्वयं में एक रूढ़ शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ 'आँखों में लगाने वाला काला पदार्थ' है, और यह कोई समस्त पद (compound word) नहीं है। इसलिए, 'काजल' का कोई समास विग्रह नहीं होता। चूंकि यह स्वयं एक साधारण संज्ञा शब्द है न कि समस्त पद, इसे अपादान तत्पुरुष (जो अलगाव को दर्शाता है, जैसे 'धन से हीन') बताना असंगत है। हालाँकि, यदि हम 'काजल' को 'कज्जल' (तत्सम) के रूप में देखें, तो भी यह अपादान तत्पुरुष का उदाहरण नहीं है। यह विकल्प इसलिए गलत नहीं माना गया क्योंकि 'हीन-भावना' (विकल्प 4) में कारक चिह्न का स्पष्ट गलत प्रयोग है।
Question 663
हमें इस बात को समझना होगा कि युद्ध की अनुपस्थिति ही शांति की परिभाषा नहीं है। बुद्ध ने जिस शांतिपूर्ण समाज की परिकल्पना की थी, उसमें समानता का वह संदेश भी शामिल था, जो हमें इस बात का अहसास कराता है कि मनुष्य को मनुष्य से पृथक् दिखाने का हर प्रयास मनुष्यता का शत्रु है। ऐसे प्रत्येक प्रयास को विफल बनाना मनुष्योचित तो है, एक शर्त भी है मनुष्य के रूप में जीने की। हमारी चिंता यह होनी चाहिए कि हमें स्वयं को मनुष्य कैसे बनाएँ एवं कैसे मनुष्य बनाए रखें। मनुष्य बनने का अर्थ है - अपने भीतर दूसरे की पीड़ा को समझने का अहसास जगाना, अपने भीतर करुणा का वह भाव जगाना, जो हमें दूसरे से जोड़ता है। छोटे-छोटे पुल बनाने होंगे हमें दूसरे से जुड़ने के लिए - करुणा का पुल, मैत्री का पुल, समानता का पुल, विषमता मिटाने वाला पुल ......। ऐसा समझकर ही हम मानवोचित आचरण का मंत्र अपना सकते हैं, प्रबुद्ध बन सकते हैं।
गद्यांश में प्रयुक्त पदों की व्याकरणिक विवेचना के संदर्भ में असंगत कथन चुनिए :
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Answer & Explanation
गद्यांश में दिए गए विकल्पों में से असंगत कथन चुनने के लिए हमें व्याकरणिक विवेचना का सहारा लेना होगा। सही उत्तर विकल्प 2 है, जो कहता है कि "मनुष्यता - जातिवाचक संज्ञा"। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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अनुपस्थिति - दो उपसर्ग: "अनुपस्थिति" शब्द में "अनु" और "उप" दो उपसर्ग हैं। "अनु" का अर्थ है 'बाद में' और "उप" का अर्थ है 'निकट'। इस प्रकार, यह कथन व्याकरणिक रूप से सही है।
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मनुष्यता - जातिवाचक संज्ञा: "मनुष्यता" शब्द जातिवाचक संज्ञा नहीं है। यह भाववाचक संज्ञा है, जो मनुष्य के गुण या विशेषता को दर्शाता है। जातिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी जाति या समूह का बोध कराती है, जैसे 'मनुष्य'। इसलिए, यह कथन असंगत है और सही उत्तर है।
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प्रत्येक - अव्ययीभाव समास: "प्रत्येक" शब्द अव्ययीभाव समास का उदाहरण है। इसमें 'प्रति' उपसर्ग और 'एक' शब्द का समास है, जो मिलकर 'प्रत्येक' बनता है। यह कथन सही है।
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विषमता - व्यंजन संधि: "विषमता" शब्द में 'विषम' और 'ता' के बीच व्यंजन संधि होती है। 'विषम' का अर्थ है 'असमान' और 'ता' प्रत्यय जोड़ने पर 'विषमता' बनता है। यह कथन भी सही है।
इस प्रकार, विकल्प 2 "मनुष्यता - जातिवाचक संज्ञा" व्याकरणिक रूप से असंगत है और यही सही उत्तर है।
Question 664
समस्तपद एवं समास विग्रह की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
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Answer & Explanation
The correct option is (2):
"पवन से चलने वाली चक्की - पनचक्की" यह विकल्प समस्तपद और समास विग्रह की दृष्टि से असंगत है। यहाँ पर समस्तपद 'पनचक्की' दिया गया है। 'पनचक्की' का सही विग्रह 'पानी से चलने वाली चक्की' होता है, जो 'पवन चक्की' (हवा से चलने वाली चक्की) से भिन्न है। पनचक्की में 'पन' शब्द पानी (जल) का संक्षिप्त रूप है। चूंकि दिया गया विग्रह 'पवन से चलने वाली चक्की' है, जो 'पनचक्की' (जल से चलने वाली) के अर्थ से मेल नहीं खाता है, इसलिए यह जोड़ा असंगत है। पनचक्की करण तत्पुरुष समास का उदाहरण है (पानी से चलने वाली)।
The incorrect option is (1):
लोकप्रिय - अधिकरण तत्पुरुष। यह विकल्प संगत है। 'लोकप्रिय' का विग्रह 'लोक में प्रिय' होता है। यहाँ 'में' अधिकरण कारक चिह्न का प्रयोग हुआ है, इसलिए यह अधिकरण तत्पुरुष समास का सही उदाहरण है।
The incorrect option is (3):
नवयुवक - नव है जो युवक। यह विकल्प संगत है। 'नवयुवक' का विग्रह 'नव है जो युवक' होता है, जिसमें 'नव' (नया) विशेषण है और 'युवक' विशेष्य है। यह संबंध कर्मधारय समास का सही उदाहरण है।
The incorrect option is (4):
परीक्षाभवन - परीक्षा के लिए भवन। यह विकल्प संगत है। 'परीक्षाभवन' का विग्रह 'परीक्षा के लिए भवन' है। यहाँ 'के लिए' संप्रदान कारक चिह्न का प्रयोग हुआ है, इसलिए यह संप्रदान तत्पुरुष समास का सही उदाहरण है।
Question 665
केर-बेर का संग होना' का अर्थ है
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The correct option is 2:
'केर-बेर का संग होना' एक प्रसिद्ध मुहावरा है जिसका शाब्दिक अर्थ है 'केर' और 'बेर' नामक दो पौधों का साथ होना। हिंदी मुहावरों में, ये दोनों पौधे अपने स्वभाव और विशेषताओं में एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न माने जाते हैं। 'केर' का वृक्ष प्रायः सीधा और कांटेदार होता है, जबकि 'बेर' का फल मीठा होता है और उसका स्वभाव केर से अलग होता है। जब दो अत्यंत विपरीत स्वभाव या प्रकृति के व्यक्ति या वस्तुएँ एक साथ रहने या काम करने के लिए मजबूर होते हैं, तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। इसलिए, इसका सही अर्थ है विपरीत स्वभाव वालों का साथ-साथ रहना, जिससे यह भाव प्रकट होता है कि उनका साथ होना स्वाभाविक रूप से कठिन या असामान्य है।
The incorrect option is 1:
विकल्प 1 'दोनों अलग-अलग' इस मुहावरे के अर्थ को पूरी तरह व्यक्त नहीं करता है। मुहावरे का बल केवल 'अलग' होने पर नहीं, बल्कि 'विपरीत स्वभाव' के होने और फिर भी 'साथ-साथ रहने' की स्थिति पर है। यह स्थिति एक प्रकार के संघर्ष या असामंजस्य को दर्शाती है, जिसे केवल 'अलग-अलग' कहकर स्पष्ट नहीं किया जा सकता। 'अलग-अलग' होना एक सामान्य अवस्था है, जबकि 'केर-बेर का संग होना' एक विशिष्ट विपरीत स्थिति को दर्शाता है।
The incorrect option is 3:
विकल्प 3 'भाग्य की बात' मुहावरे के अर्थ से बिल्कुल असंगत है। यह मुहावरा किसी के भाग्य या किस्मत को नहीं बताता है, बल्कि यह व्यक्तियों के स्वभाव के अंतर और उनके अनैच्छिक या विसंगत मेल को दर्शाता है। मुहावरे का संबंध सामाजिक या व्यक्तिगत मेल-जोल से है, न कि किसी दैवीय या भाग्यवादी घटना से। यह व्याख्या मुहावरे के मूल भाव से भटक जाती है।
The incorrect option is 4:
विकल्प 4 'दयावान व निष्ठुर का साथ' एक बहुत ही विशिष्ट परिस्थिति को दर्शाता है। हालाँकि यह विपरीत स्वभाव का एक उदाहरण हो सकता है, 'केर-बेर का संग होना' एक व्यापक मुहावरा है जो किसी भी दो विपरीत स्वभाव वाले व्यक्तियों, जैसे शांत और गुस्सैल, या अमीर और गरीब, या मूर्ख और बुद्धिमान, के साथ रहने की स्थिति को व्यक्त कर सकता है। यह मुहावरा किसी एक विशेषण युग्म तक सीमित नहीं है, बल्कि 'विपरीत स्वभाव' के सामान्य विचार को दर्शाता है, इसलिए विकल्प 2 अधिक सटीक और व्यापक है।
Question 666
शक्तिशाली की विजय' अर्थ वाली लोकोक्ति है
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The correct option is 3:
'जिसकी लाठी उसकी भैंस' एक अत्यंत प्रसिद्ध लोकोक्ति है जिसका अर्थ है कि बलवान या शक्तिशाली व्यक्ति ही विजय प्राप्त करता है और अधिकारों का उपभोग करता है। इस लोकोक्ति में, 'लाठी' शक्ति या बल का प्रतीक है, और 'भैंस' अधिकार या संपत्ति का प्रतीक है। यह लोकोक्ति समाज की उस वास्तविकता को दर्शाती है जहाँ न्याय या नैतिकता से अधिक शक्ति और बल का महत्व होता है। यह स्थापित करती है कि जिसकी पकड़ मजबूत होती है, निर्णय उसी के पक्ष में होता है।
The incorrect option is 1:
एकता में बल है: इस लोकोक्ति का अर्थ है कि यदि लोग एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो वे शक्तिशाली हो जाते हैं और किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। यह लोकोक्ति एकजुटता और सहयोग के महत्व पर ज़ोर देती है। यह 'शक्तिशाली की विजय' के अर्थ से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह व्यक्तिगत शक्ति के बजाय सामूहिक शक्ति की बात करती है।
The incorrect option is 2:
अपना हाथ जगन्नाथ: इस लोकोक्ति का अर्थ है कि व्यक्ति को अपना काम स्वयं करना चाहिए और आत्मनिर्भर होना चाहिए। यह लोकोक्ति आत्मनिर्भरता और स्वयं के श्रम पर विश्वास रखने की भावना को दर्शाती है। इसका अर्थ यह है कि मनुष्य अपने कर्मों और मेहनत से ही सफलता प्राप्त करता है, न कि किसी शक्तिशाली व्यक्ति के बल से।
The incorrect option is 4:
जोको राखे साईंया मार सके ना कोय: यह लोकोक्ति इस विश्वास पर आधारित है कि जिसे भगवान (ईश्वर/साईंया) बचाना चाहते हैं, उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता। यह लोकोक्ति दैवीय सुरक्षा और भाग्य में विश्वास को दर्शाती है। यह शक्ति या बल के बजाय ईश्वरीय इच्छा पर केंद्रित है, इसलिए यह 'शक्तिशाली की विजय' के अर्थ के विपरीत है।
Question 667
आसमान पर थूकना' मुहावरे का अर्थ है
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Answer & Explanation
मुहावरा 'आसमान पर थूकना' का अर्थ है 'प्रतिष्ठित व्यक्ति की निंदा करना', जो विकल्प 3 है। इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी उच्च पदस्थ या सम्मानित व्यक्ति की आलोचना करता है, जिससे अंततः आलोचक की ही हानि होती है। यह मुहावरा यह दर्शाता है कि जैसे आसमान पर थूकने से थूक वापस उसी व्यक्ति पर गिरता है, वैसे ही प्रतिष्ठित व्यक्ति की निंदा करने से निंदक की ही प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है।
अब अन्य विकल्पों की गलतियों को समझते हैं:
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विकल्प 1: 'ऊपर की ओर थूकना' - यह केवल शाब्दिक अर्थ है और मुहावरे के भावार्थ को नहीं दर्शाता। मुहावरे का अर्थ केवल शारीरिक क्रिया से नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे गहरे अर्थ से होता है।
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विकल्प 2: 'असंभव बातें करना' - यह अर्थ 'आसमान पर थूकना' मुहावरे के लिए उपयुक्त नहीं है। असंभव बातें करना एक अलग मुहावरे के अंतर्गत आता है, जैसे 'हवा में किले बनाना'।
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विकल्प 4: 'झूठी शान दिखाना' - यह भी इस मुहावरे का सही अर्थ नहीं है। झूठी शान दिखाना का अर्थ अलग है और यह 'आसमान पर थूकना' के भावार्थ से मेल नहीं खाता।
इस प्रकार, 'आसमान पर थूकना' का सही अर्थ 'प्रतिष्ठित व्यक्ति की निंदा करना' ही है, जो विकल्प 3 के रूप में सही उत्तर है।
Question 668
मुहावरे की विशेषता है :
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मुहावरे की विशेषता के संदर्भ में दिए गए प्रश्न का सही उत्तर विकल्प 1 है: "रूढ़ अर्थ में प्रयोग किया जाना।" आइए इस उत्तर को विस्तार से समझें और अन्य विकल्पों की गलतियों को स्पष्ट करें।
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रूढ़ अर्थ में प्रयोग किया जाना (विकल्प 1):
मुहावरे का मुख्य गुण यह है कि इसे उसके रूढ़ अर्थ में प्रयोग किया जाता है। इसका मतलब है कि मुहावरे का अर्थ उसके शब्दों के सामान्य अर्थ से भिन्न होता है और इसे एक विशेष अर्थ में समझा जाता है। उदाहरण के लिए, "आसमान सिर पर उठाना" का अर्थ होता है बहुत हंगामा करना, न कि वास्तव में आसमान को सिर पर उठाना। इस प्रकार, मुहावरे का अर्थ उसके शब्दों के शाब्दिक अर्थ से अलग होता है और यह एक निश्चित, स्थापित अर्थ में ही प्रयोग किया जाता है। -
इनकी रूप रचना का अपरिवर्तित रहना (विकल्प 2):
यह विकल्प गलत है क्योंकि मुहावरे की रूप रचना अपरिवर्तित नहीं रहती। भाषा के विकास के साथ-साथ मुहावरे भी बदल सकते हैं और उनके शब्दों में परिवर्तन हो सकता है। हालांकि, उनका अर्थ स्थिर रहता है, लेकिन रूप रचना में बदलाव संभव है। -
वाक्य में लिंग, वचन् तथा कारक में परिवर्तन होना (विकल्प 3):
यह विकल्प भी गलत है क्योंकि मुहावरे का प्रयोग करते समय लिंग, वचन और कारक में परिवर्तन नहीं होता। मुहावरे अपने स्थिर रूप में ही प्रयोग किए जाते हैं और इनमें व्याकरणिक परिवर्तन नहीं किया जाता। -
वाक्य में क्लिष्टता उत्पन्न करना (विकल्प 4):
यह विकल्प गलत है क्योंकि मुहावरे का उद्देश्य वाक्य में क्लिष्टता उत्पन्न करना नहीं होता। बल्कि, मुहावरे भाषा को अधिक प्रभावी और अभिव्यक्तिपूर्ण बनाते हैं। वे विचारों को संक्षेप और रोचक तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
इस प्रकार, मुहावरे की विशेषता के रूप में "रूढ़ अर्थ में प्रयोग किया जाना" ही सही उत्तर है, क्योंकि यह मुहावरे की मूलभूत विशेषता को दर्शाता है।
Question 669
गुस्से से उबली 'कठपुतली' के मन में निम्नलिखित में से कौन-सी इच्छा नहीं जगी ?
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गुस्से से उबली 'कठपुतली' के मन में निम्नलिखित में से कौन-सी इच्छा नहीं जगी, इसका सही उत्तर विकल्प 2 है: "अनचाहा नृत्य करने दो"। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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विकल्प 2: अनचाहा नृत्य करने दो - यह विकल्प सही उत्तर है क्योंकि 'कठपुतली' के मन में यह इच्छा नहीं जगी कि उसे अनचाहा नृत्य करने दिया जाए। 'कठपुतली' का गुस्सा इस बात पर है कि उसे अपनी मर्जी के खिलाफ नृत्य करना पड़ता है। वह अपनी स्वतंत्रता चाहती है और नहीं चाहती कि उसे किसी और की मर्जी से नृत्य करना पड़े। इसलिए, यह इच्छा उसके मन में नहीं जगी।
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विकल्प 1: आगे-पीछे के धागों को तोड़ दो - यह विकल्प गलत है क्योंकि 'कठपुतली' के मन में यह इच्छा अवश्य जगी होगी कि वह उन धागों से मुक्त हो जाए जो उसे नियंत्रित कर रहे हैं। धागों को तोड़ने की इच्छा उसकी स्वतंत्रता की चाह को दर्शाती है।
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विकल्प 3: मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो - यह विकल्प भी गलत है क्योंकि 'कठपुतली' के मन में यह इच्छा अवश्य जगी होगी कि उसे उसके पाँवों पर छोड़ दिया जाए ताकि वह अपनी मर्जी से चल सके। यह उसकी स्वतंत्रता की आकांक्षा को दर्शाता है।
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विकल्प 4: अपने मन के छंद छूने दो - यह विकल्प भी गलत है क्योंकि 'कठपुतली' के मन में यह इच्छा अवश्य जगी होगी कि वह अपने मन के छंदों को छू सके। यह उसकी आत्म-अभिव्यक्ति की इच्छा को दर्शाता है।
इस प्रकार, विकल्प 2 सही उत्तर है क्योंकि 'कठपुतली' के मन में अनचाहा नृत्य करने की इच्छा नहीं जगी। वह अपनी स्वतंत्रता और आत्म-अभिव्यक्ति की आकांक्षा रखती है, जो अन्य विकल्पों में परिलक्षित होती है।
Question 670
निम्नलिखित में से किस मुहावरे का अर्थ 'अत्यन्त प्रसन्न होना' नहीं है ?
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मुहावरे भाषा को समृद्ध और रंगीन बनाते हैं, और उनका सही अर्थ समझना महत्वपूर्ण है। प्रश्न में पूछा गया है कि 'अत्यन्त प्रसन्न होना' का अर्थ किस मुहावरे से नहीं है। सही उत्तर विकल्प 2 'पेट फूलना' है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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पेट फूलना: यह मुहावरा आमतौर पर शारीरिक स्थिति को दर्शाता है, जैसे कि अधिक खाने के बाद पेट का भारी होना या किसी बीमारी के कारण पेट का फूलना। इसका 'अत्यन्त प्रसन्न होना' से कोई संबंध नहीं है। इसलिए, यह सही उत्तर है।
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बाग-बाग होना: इस मुहावरे का अर्थ है अत्यन्त प्रसन्न होना या खुशी से झूम उठना। जब कोई व्यक्ति बहुत खुश होता है, तो उसे 'बाग-बाग होना' कहा जाता है। इसलिए, यह विकल्प गलत है क्योंकि यह 'अत्यन्त प्रसन्न होना' का सही अर्थ बताता है।
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फूलकर कुप्पा होना: यह मुहावरा भी अत्यन्त प्रसन्नता को दर्शाता है। जब कोई व्यक्ति बहुत खुश होता है, तो उसे 'फूलकर कुप्पा होना' कहा जाता है। इसलिए, यह विकल्प भी गलत है क्योंकि यह 'अत्यन्त प्रसन्न होना' का सही अर्थ बताता है।
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फूला न समाना: इस मुहावरे का अर्थ है अत्यन्त प्रसन्न होना या खुशी से भर जाना। जब कोई व्यक्ति इतनी खुशी महसूस करता है कि वह उसे संभाल नहीं पाता, तो उसे 'फूला न समाना' कहा जाता है। इसलिए, यह विकल्प भी गलत है क्योंकि यह 'अत्यन्त प्रसन्न होना' का सही अर्थ बताता है।
इस प्रकार, 'पेट फूलना' ही एकमात्र ऐसा मुहावरा है जो 'अत्यन्त प्रसन्न होना' का अर्थ नहीं बताता, और इसलिए यह सही उत्तर है।
Question 671
आधा तीतर आधा बटेर' का भावार्थ है :
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Answer & Explanation
"आधा तीतर आधा बटेर" एक मुहावरा है जिसका अर्थ है अनमेल वस्तुओं का संयोग। यह मुहावरा तब प्रयोग किया जाता है जब दो ऐसी वस्तुओं या तत्वों को मिलाया जाता है जो स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के साथ मेल नहीं खाते।
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विकल्प 2 का स्पष्टीकरण:
- "अनमेल वस्तुओं का संयोग" का अर्थ है कि दो ऐसी वस्तुएं या तत्व जो एक-दूसरे के साथ स्वाभाविक रूप से मेल नहीं खाते, उन्हें जबरदस्ती या असंगत रूप से एक साथ रखा जाता है। यह मुहावरा इस स्थिति को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी ने एक ऐसी डिश बनाई है जिसमें दो अलग-अलग प्रकार के व्यंजन मिलाए गए हैं जो स्वाद में एक-दूसरे के साथ मेल नहीं खाते, तो इसे "आधा तीतर आधा बटेर" कहा जा सकता है।
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अन्य विकल्पों का खंडन:
- विकल्प 1: दो कार्यों का संयोग - यह विकल्प सही नहीं है क्योंकि "आधा तीतर आधा बटेर" का अर्थ दो कार्यों के संयोजन से नहीं है, बल्कि यह उन वस्तुओं के बारे में है जो एक-दूसरे के साथ मेल नहीं खाते।
- विकल्प 3: एक से अधिक वस्तुओं का संयोग - यह विकल्प भी सही नहीं है क्योंकि यह केवल वस्तुओं के संयोजन की बात करता है, जबकि मुहावरा विशेष रूप से उन वस्तुओं के बारे में है जो एक-दूसरे के साथ मेल नहीं खाते।
- विकल्प 4: अनमेल प्रवृत्ति वाले लोग साथ नहीं रहते - यह विकल्प भी सही नहीं है क्योंकि यह मुहावरे का अर्थ नहीं है। मुहावरा वस्तुओं के असंगत संयोजन के बारे में है, न कि लोगों की प्रवृत्तियों के बारे में।
इस प्रकार, "आधा तीतर आधा बटेर" का सही अर्थ "अनमेल वस्तुओं का संयोग" है, जो विकल्प 2 को सही ठहराता है।
Question 672
अर्थ की दृष्टि से असंगत मुहावरे का चयन कीजिए :
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Answer & Explanation
प्रश्न: अर्थ की दृष्टि से असंगत मुहावरे का चयन कीजिए :
सही उत्तर: विकल्प 4 - अरमान निकालना - अपनी ही बात करते रहना
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 4: अरमान निकालना - अपनी ही बात करते रहना
यह मुहावरा अर्थ की दृष्टि से असंगत है क्योंकि "अरमान निकालना" का सही अर्थ होता है अपनी इच्छाओं या सपनों को पूरा करना। इसका अर्थ "अपनी ही बात करते रहना" नहीं होता है। इसीलिए यह विकल्प सही उत्तर है क्योंकि यह अर्थ की दृष्टि से असंगत है। -
विकल्प 1: आँख का पानी गिर जाना - बेशर्म हो जाना
यह मुहावरा सही अर्थ में प्रयोग किया गया है। "आँख का पानी गिर जाना" का अर्थ होता है बेशर्म हो जाना या लज्जा का अभाव होना। इसलिए यह विकल्प अर्थ की दृष्टि से संगत है। -
विकल्प 2: आँखों पर बिठाना - बहुत आदर करना
यह मुहावरा भी सही अर्थ में प्रयोग किया गया है। "आँखों पर बिठाना" का अर्थ होता है किसी को बहुत आदर देना या सम्मान करना। इसलिए यह विकल्प भी अर्थ की दृष्टि से संगत है। -
विकल्प 3: आँख का काजल चुराना - सफ़ाई से चुराना
यह मुहावरा भी सही अर्थ में प्रयोग किया गया है। "आँख का काजल चुराना" का अर्थ होता है बहुत सफाई से या चालाकी से कुछ चुराना। इसलिए यह विकल्प भी अर्थ की दृष्टि से संगत है।
इस प्रकार, विकल्प 4 "अरमान निकालना - अपनी ही बात करते रहना" अर्थ की दृष्टि से असंगत है और सही उत्तर है।
Question 673
चोर की दाढ़ी में तिनका' लोकोक्ति का उचित भावार्थ चुनिए :
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लोकोक्ति 'चोर की दाढ़ी में तिनका' का अर्थ है कि अपराधी व्यक्ति हमेशा शंका में रहता है कि कहीं उसका अपराध उजागर न हो जाए। यह लोकोक्ति इस बात को दर्शाती है कि जिसने कोई गलत काम किया होता है, वह हमेशा डर और संदेह में रहता है कि कहीं उसका अपराध पकड़ा न जाए। इस संदर्भ में, विकल्प 1 "अपराधी सदैव शंकित रहता है" सही उत्तर है। आइए अब अन्य विकल्पों पर विचार करें और देखें कि वे क्यों गलत हैं:
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विकल्प 1: अपराधी सदैव शंकित रहता है।
यह सही उत्तर है क्योंकि यह सीधे-सीधे उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है जिसमें अपराधी हमेशा अपने अपराध के उजागर होने के डर से शंकित रहता है। -
विकल्प 2: छोटे लोगों का बढ़-चढ़कर बोलना।
यह विकल्प गलत है क्योंकि इसका अर्थ है कि छोटे लोग अपनी क्षमता से अधिक दिखावा करते हैं या बढ़-चढ़कर बातें करते हैं। यह 'चोर की दाढ़ी में तिनका' के भावार्थ से मेल नहीं खाता। -
विकल्प 3: विजातीय स्वभाव जीवन भर रहता है।
यह विकल्प गलत है क्योंकि यह कहता है कि किसी का स्वभाव जीवन भर नहीं बदलता। यह लोकोक्ति के अर्थ से संबंधित नहीं है, जो अपराधी की शंका और डर को दर्शाता है। -
विकल्प 4: अपराध करके निरपराध बनना।
यह विकल्प गलत है क्योंकि यह उस स्थिति को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति अपराध करने के बाद भी निर्दोष बनने का प्रयास करता है। यह 'चोर की दाढ़ी में तिनका' के भावार्थ से मेल नहीं खाता, जो अपराधी की शंका और डर को दर्शाता है।
इस प्रकार, 'चोर की दाढ़ी में तिनका' का सही अर्थ है कि अपराधी हमेशा शंकित रहता है, और इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
Question 674
‘विपत्ति के समय थोड़ी सहायता भी बड़ी होती है’ उक्त भाव की व्यंजक लोकोक्ति चुनिए :
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लोकोक्ति 'डूबते को तिनके का सहारा' का अर्थ है कि जब कोई व्यक्ति संकट में होता है, तो उसे थोड़ी सी भी सहायता बहुत महत्वपूर्ण और सहायक लगती है। यह लोकोक्ति इस बात को व्यक्त करती है कि विपत्ति के समय में छोटी से छोटी मदद भी बड़ी राहत प्रदान कर सकती है। इसलिए, यह लोकोक्ति 'विपत्ति के समय थोड़ी सहायता भी बड़ी होती है' के भाव को सही तरीके से व्यक्त करती है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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चुपड़ी और दो-दो: यह लोकोक्ति उस स्थिति को दर्शाती है जब किसी को एक ही समय में दो लाभ मिलते हैं। यह विपत्ति के समय सहायता के महत्व को नहीं दर्शाती है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात: यह लोकोक्ति अस्थायी सुख या खुशी के बारे में है, जो जल्दी समाप्त हो जाती है। यह विपत्ति के समय सहायता के महत्व से संबंधित नहीं है, इसलिए यह विकल्प भी सही नहीं है।
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आम के आम गुठलियों के दाम: यह लोकोक्ति उस स्थिति को दर्शाती है जब किसी को एक ही प्रयास में दो लाभ मिलते हैं। यह भी विपत्ति के समय सहायता के महत्व को नहीं दर्शाती है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
इस प्रकार, 'डूबते को तिनके का सहारा' ही सही लोकोक्ति है जो 'विपत्ति के समय थोड़ी सहायता भी बड़ी होती है' के भाव को व्यक्त करती है।
Question 675
निम्न में से किस मुहावरे का अर्थ संगत नहीं है ?
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मुहावरे और उनके अर्थ भाषा की समृद्धि को दर्शाते हैं। दिए गए प्रश्न में हमें यह पहचानना है कि कौन सा मुहावरा अपने अर्थ के साथ संगत नहीं है।
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नहले पर दहला मारना - करारा जवाब देना: यह मुहावरा सही अर्थ के साथ संगत है। इसका अर्थ होता है किसी के द्वारा किए गए कार्य या बात का उससे भी अधिक प्रभावशाली जवाब देना।
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बत्तीसी बंद होना - चुप हो जाना: यह मुहावरा भी सही अर्थ के साथ संगत है। इसका अर्थ होता है किसी व्यक्ति का अचानक चुप हो जाना या बोलना बंद कर देना।
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सिर का पसीना पाँव तक आना - कठिन परिश्रम करना: यह मुहावरा भी सही अर्थ के साथ संगत है। इसका अर्थ होता है अत्यधिक मेहनत करना, जिससे शरीर का पसीना सिर से पाँव तक बहने लगे।
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थाली का बैंगन होना - सर्व सुलभ होना: यह मुहावरा अपने अर्थ के साथ संगत नहीं है। "थाली का बैंगन होना" का सही अर्थ होता है ऐसा व्यक्ति जो हर परिस्थिति में अपना पक्ष बदल लेता है, यानी जो स्थिर विचारों का नहीं होता। यह सर्व सुलभ होने का अर्थ नहीं देता।
इस प्रकार, विकल्प 4 का अर्थ मुहावरे के सही अर्थ के साथ मेल नहीं खाता है, इसलिए यह सही उत्तर है।
Question 676
किस विकल्प में मुहावरे का भावार्थ सही है ?
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Answer & Explanation
Option 4, "दाल न गलना – वश न चलना," सही उत्तर है। इस मुहावरे का अर्थ है कि किसी कार्य में सफलता न मिलना या किसी की योजना का सफल न होना। जब किसी व्यक्ति की योजना या प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो कहा जाता है कि उसकी "दाल नहीं गली।" यह वाक्यांश इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति की कोशिशें बेकार गईं और वह अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सका।
अब हम अन्य विकल्पों की गलतियों को समझते हैं:
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"अंगारों पर लोटना – क्रोध प्रकट करना।" यह मुहावरा वास्तव में अत्यधिक पीड़ा या कष्ट सहने के लिए प्रयोग होता है, न कि क्रोध प्रकट करने के लिए। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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"जान के लाले पड़ना – जान को जोखिम में डालना।" इस मुहावरे का सही अर्थ है कि किसी व्यक्ति की जान पर बन आना या बहुत बड़ी मुसीबत में फंस जाना। यह जान को जोखिम में डालने के संदर्भ में नहीं है, बल्कि जान पर संकट आने के संदर्भ में है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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"हाथ-पाँव मारना – अनुनय-विनय करना।" इस मुहावरे का सही अर्थ है कठिन परिश्रम करना या किसी कार्य को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करना। यह अनुनय-विनय करने के संदर्भ में नहीं है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, विकल्प 4 "दाल न गलना – वश न चलना" सही उत्तर है क्योंकि यह मुहावरे का सही अर्थ प्रस्तुत करता है।
Question 677
किस विकल्प में लोकोक्ति का भावार्थ सही नहीं है ?
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Option 3, "नेकी कर और दरिया में डाल – भलाई का बदला बुराई," का भावार्थ सही नहीं है। इस लोकोक्ति का सही अर्थ है कि भलाई का काम करके उसे भूल जाना चाहिए, अर्थात् बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा किए अच्छे कार्य करना। इस लोकोक्ति का यह अर्थ नहीं है कि भलाई का बदला बुराई होता है। इसलिए, यह विकल्प सही नहीं है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या करते हैं:
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"तीन में न तेरह में – जो किसी गिनती में न हो, नगण्य।" यह लोकोक्ति सही है क्योंकि इसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति या वस्तु इतनी महत्वहीन है कि उसे किसी भी गिनती में नहीं रखा जाता।
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"लाठी टूटे न सांप मरे – बिना किसी की हानि हुए स्वार्थ सिद्ध हो जाए।" यह लोकोक्ति सही है क्योंकि इसका अर्थ है कि बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अपना काम निकाल लेना।
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"आ बैल मुझे मार – जान-बूझकर विपत्ति में पड़ना।" यह लोकोक्ति सही है क्योंकि इसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति जानबूझकर खुद को मुसीबत में डाल रहा है।
इस प्रकार, केवल विकल्प 3 का भावार्थ गलत है, और यही कारण है कि इसे सही उत्तर के रूप में चुना गया है।
Question 678
चिकना मुँह पेट खाली' लोकोक्ति का सही अर्थ है :
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Answer & Explanation
'चिकना मुँह पेट खाली' लोकोक्ति का सही अर्थ "देखने में सुखी भीतर से दुःखी" है, क्योंकि:
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Option 2 सही क्यों है: यह लोकोक्ति उस स्थिति को दर्शाती है जब कोई व्यक्ति बाहरी रूप से खुशहाल और समृद्ध दिखता है, लेकिन वास्तव में वह अंदर से दुखी या अभावग्रस्त होता है। "चिकना मुँह" बाहरी दिखावे को दर्शाता है, जो कि अच्छा और स्वस्थ प्रतीत होता है, जबकि "पेट खाली" आंतरिक अभाव या दुख को दर्शाता है। यह लोकोक्ति उन लोगों पर लागू होती है जो अपनी समस्याओं को छिपाते हैं और दूसरों को यह दिखाते हैं कि वे खुश हैं, जबकि वास्तव में वे अंदर से संघर्ष कर रहे होते हैं।
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अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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Option 1: अपने हाथ से दान देना: यह लोकोक्ति दान करने की क्रिया को दर्शाती है, जो कि 'चिकना मुँह पेट खाली' के अर्थ से बिल्कुल अलग है। दान देना एक परोपकारी कार्य है, जबकि लोकोक्ति आंतरिक दुख को छिपाने की बात करती है।
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Option 3: अत्यधिक प्यारा होना: यह लोकोक्ति किसी के प्रति अत्यधिक स्नेह या प्रेम को दर्शाती है, जो कि 'चिकना मुँह पेट खाली' के अर्थ से मेल नहीं खाता।
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Option 4: ज़बरदस्ती गले पड़ना: यह लोकोक्ति किसी के साथ जबरदस्ती मित्रता करने या चिपकने को दर्शाती है, जो कि 'चिकना मुँह पेट खाली' के अर्थ से पूरी तरह से अलग है। यह लोकोक्ति किसी की आंतरिक स्थिति के बारे में नहीं बताती है।
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इसलिए, 'चिकना मुँह पेट खाली' लोकोक्ति का सबसे सटीक अर्थ "देखने में सुखी भीतर से दुःखी" ही है।
Question 679
अर्थ की दृष्टि से कौन-सा मुहावरा संगत नहीं है ?
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Answer & Explanation
Option 4 सही है क्योंकि मुहावरा "ऊँट का सूई की नोक से निकलना" का अर्थ है किसी असंभव कार्य का होना या करना। यह "शक्तिशाली का कमजोर होना" अर्थ से मेल नहीं खाता। "शक्तिशाली का कमजोर होना" एक अलग अवधारणा है, जबकि "ऊँट का सूई की नोक से निकलना" असंभवता को दर्शाता है।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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ख़याली पुलाव पकाना – व्यर्थ की बातें करना: यह मुहावरा सही अर्थ दर्शाता है। "ख़याली पुलाव पकाना" का अर्थ है बिना किसी ठोस आधार के केवल कल्पना में डूबे रहना और व्यर्थ की बातें करना।
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अपना-सा मुँह लेकर रह जाना – असफल होने पर लज्जित होना: यह मुहावरा भी सही अर्थ दर्शाता है। "अपना-सा मुँह लेकर रह जाना" का अर्थ है किसी कार्य में असफल होने पर शर्मिंदा होना और कुछ न कह पाना।
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अँधेरे घर का उजाला – एकमात्र सहारा: यह मुहावरा भी सही अर्थ दर्शाता है। "अँधेरे घर का उजाला" का अर्थ है किसी परिवार या व्यक्ति के लिए एकमात्र आशा या सहारा होना।
इसलिए, केवल Option 4 ही अर्थ की दृष्टि से संगत नहीं है, क्योंकि इसका अर्थ "शक्तिशाली का कमजोर होना" नहीं है, बल्कि असंभव कार्य का होना है।
Question 680
हवा हो जाना' मुहावरे का सही अर्थ बताएँ :
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मुहावरा 'हवा हो जाना' का सही अर्थ है 'गायब हो जाना', जो विकल्प 3 के रूप में दिया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति या वस्तु अचानक से अदृश्य या अनुपस्थित हो जाती है। यह एक सामान्य हिंदी मुहावरा है जो किसी के अचानक गायब होने की स्थिति को दर्शाता है।
अब हम अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं और समझते हैं कि वे क्यों गलत हैं:
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बहुत तेज दौड़ना: यह अर्थ 'हवा हो जाना' मुहावरे के संदर्भ में सही नहीं है। 'बहुत तेज दौड़ना' का अर्थ है तेजी से दौड़ना, जो कि गायब होने से संबंधित नहीं है।
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बहुत उन्नति करना: यह अर्थ भी 'हवा हो जाना' के लिए उपयुक्त नहीं है। 'बहुत उन्नति करना' का मतलब है किसी व्यक्ति या संस्था का प्रगति करना या सफलता प्राप्त करना, जो कि गायब होने के विपरीत है।
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धोखा देना: यह अर्थ भी 'हवा हो जाना' के लिए सही नहीं है। 'धोखा देना' का मतलब है किसी को छलना या धोखा देना, जो कि गायब होने के अर्थ से मेल नहीं खाता।
इस प्रकार, 'हवा हो जाना' का सही अर्थ 'गायब हो जाना' ही है, जो विकल्प 3 के रूप में सही उत्तर है।