HTET परीक्षा - Level 3 PGT - हिंदी
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 3 PGT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 261
नामधातु क्रिया नहीं है :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: नामधातु क्रिया नहीं है :
सही उत्तर: विकल्प 2 (सजाना)
व्याख्या:
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सजाना: यह विकल्प सही उत्तर है क्योंकि "सजाना" एक ऐसी क्रिया है जो किसी वस्तु या स्थान को सुंदर बनाने के कार्य को दर्शाती है। यह क्रिया किसी विशेष नामधातु से नहीं जुड़ी होती है। "सजाना" का अर्थ है किसी चीज़ को सजाना या अलंकृत करना, जो कि एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु के रूप में नहीं देखा जाता।
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लतियाना: यह एक नामधातु क्रिया है। "लतियाना" का अर्थ है किसी को लात मारना। यह क्रिया किसी विशेष क्रिया को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
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झुठलाना: यह भी एक नामधातु क्रिया है। "झुठलाना" का अर्थ है किसी बात को झूठा साबित करना या अस्वीकार करना। यह क्रिया भी एक विशेष कार्य को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
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गलियाना: यह भी एक नामधातु क्रिया है। "गलियाना" का अर्थ है किसी को गाली देना। यह क्रिया भी एक विशेष कार्य को दर्शाती है और इसे नामधातु के रूप में देखा जा सकता है।
इस प्रकार, "सजाना" एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु के रूप में नहीं देखा जाता, जबकि अन्य विकल्प विशेष कार्यों को दर्शाते हैं और नामधातु क्रियाओं के रूप में माने जा सकते हैं। इसलिए, सही उत्तर विकल्प 2 "सजाना" है।
प्रश्न 262
"टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।"वाक्य में प्रयुक्त क्रिया है :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।" में प्रयुक्त क्रिया "टहलना" है। इस वाक्य में "टहलना" एक क्रियार्थक संज्ञा है।
विस्तृत व्याख्या:
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क्रियार्थक संज्ञा (Option 4):
- "टहलना" शब्द यहाँ एक क्रियार्थक संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुआ है। क्रियार्थक संज्ञा वह होती है जो क्रिया के नाम को दर्शाती है। इस वाक्य में "टहलना" क्रिया का नाम है, जो एक गतिविधि को दर्शाता है। यह बताता है कि टहलने की क्रिया स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसलिए, यह क्रियार्थक संज्ञा के रूप में सही है।
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अन्य विकल्पों की गलतियाँ:
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प्रेरणार्थक क्रिया (Option 1):
- प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जो किसी को प्रेरित करने या किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है। उदाहरण के लिए, "करवाना" या "सिखाना"। "टहलना" इस प्रकार की क्रिया नहीं है, क्योंकि यह किसी को प्रेरित करने की क्रिया नहीं दर्शाता।
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संयुक्त क्रिया (Option 2):
- संयुक्त क्रिया वह होती है जिसमें दो क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया का अर्थ देती हैं। उदाहरण के लिए, "देख लेना"। "टहलना" एक अकेली क्रिया है और इसमें कोई अन्य क्रिया नहीं जुड़ी है, इसलिए यह संयुक्त क्रिया नहीं है।
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रंजक क्रिया (Option 3):
- रंजक क्रिया वह होती है जो किसी क्रिया के होने की स्थिति को दर्शाती है। उदाहरण के लिए, "खिलखिलाना"। "टहलना" इस प्रकार की क्रिया नहीं है, क्योंकि यह किसी स्थिति को नहीं दर्शाता।
-
इस प्रकार, "टहलना" को क्रियार्थक संज्ञा के रूप में सही रूप से पहचाना गया है, और यही कारण है कि Option 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 263
सुमेलित कीजिए :
(क) स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (i) लड़का पुस्तक पढ़ता है।
(ख) गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (ii) रामू सो रहा है।
(ग) एककर्मक क्रिया – (iii) माँ बच्चे को फल देती है।
(घ) द्विकर्मक क्रिया – (iv) लड़का तालाब में तैर रहा है।
कूट :
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उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर विकल्प 3 है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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(क) स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (ii) रामू सो रहा है।
- स्थित्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो किसी स्थिति या अवस्था को दर्शाती है और जिसका कोई कर्म नहीं होता। "रामू सो रहा है" एक ऐसी क्रिया है जो रामू की स्थिति को दर्शाती है और इसमें कोई कर्म नहीं है।
-
(ख) गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया – (iv) लड़का तालाब में तैर रहा है।
- गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो गति को दर्शाती है और जिसका कोई कर्म नहीं होता। "लड़का तालाब में तैर रहा है" एक ऐसी क्रिया है जो लड़के की गति को दर्शाती है और इसमें कोई कर्म नहीं है।
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(ग) एककर्मक क्रिया – (i) लड़का पुस्तक पढ़ता है।
- एककर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें एक ही कर्म होता है। "लड़का पुस्तक पढ़ता है" में "पुस्तक" एक कर्म है, जो पढ़ने की क्रिया का लक्ष्य है।
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(घ) द्विकर्मक क्रिया – (iii) माँ बच्चे को फल देती है।
- द्विकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें दो कर्म होते हैं। "माँ बच्चे को फल देती है" में "बच्चे को" और "फल" दोनों ही कर्म हैं, जो देने की क्रिया के लक्ष्य हैं।
अब, अन्य विकल्पों के गलत होने का कारण:
- विकल्प 1: इसमें (क) और (ख) के लिए गलत मिलान किया गया है।
- विकल्प 2: इसमें (क) और (घ) के लिए गलत मिलान किया गया है।
- विकल्प 4: इसमें (ग) और (घ) के लिए गलत मिलान किया गया है।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही है क्योंकि यह सभी क्रियाओं का सही मिलान प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 264
सकर्मक क्रिया युक्त वाक्य चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
बहन ने भाई को मिठाई खिलाई।
व्याख्या:
विकल्प 4, "बहन ने भाई को मिठाई खिलाई," सकर्मक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि इसमें क्रिया (खिलाई) का फल कर्म (मिठाई) पर पड़ रहा है। सकर्मक क्रिया वह होती है जिसमें कर्म उपस्थित होता है, यानी क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु या व्यक्ति पर पड़ता है। इस वाक्य में, 'बहन' कर्ता है, 'खिलाई' क्रिया है, 'भाई' गौण कर्म है और 'मिठाई' मुख्य कर्म है। क्रिया 'खिलाना' का प्रभाव 'मिठाई' पर पड़ रहा है, इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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भिखारी मंदिर के बाहर चिल्ला रहे थे। इस वाक्य में 'चिल्ला रहे थे' अकर्मक क्रिया है क्योंकि क्रिया का फल कर्ता (भिखारी) पर ही पड़ रहा है। कोई कर्म उपस्थित नहीं है।
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मछलियाँ तालाब में तैर रही हैं। इस वाक्य में 'तैर रही हैं' अकर्मक क्रिया है। क्रिया का फल कर्ता (मछलियाँ) पर ही पड़ रहा है। 'तालाब में' अधिकरण कारक है, कर्म नहीं।
-
धावक सड़क पर दौड़ रहे हैं। इस वाक्य में 'दौड़ रहे हैं' अकर्मक क्रिया है। क्रिया का फल कर्ता (धावक) पर ही पड़ रहा है। 'सड़क पर' अधिकरण कारक है, कर्म नहीं।
इसलिए, केवल विकल्प 4 में कर्म उपस्थित है और क्रिया का फल उस पर पड़ रहा है, इसलिए यह सकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
प्रश्न 265
निम्न में से कौन-सी क्रिया 'कर्म' की अपेक्षा रखती है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: निम्न में से कौन-सी क्रिया 'कर्म' की अपेक्षा रखती है?
सही उत्तर: विकल्प 2 (पीना)
विस्तृत व्याख्या:
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पीना (विकल्प 2): 'पीना' एक ऐसी क्रिया है जो 'कर्म' की अपेक्षा रखती है। इसका अर्थ है कि इस क्रिया को पूरा करने के लिए किसी वस्तु की आवश्यकता होती है, जिसे पिया जा सके। उदाहरण के लिए, पानी पीना, दूध पीना आदि। यहाँ 'पानी' या 'दूध' 'कर्म' के रूप में कार्य करता है, जो इस क्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, 'पीना' एक सकर्मक क्रिया है और यह सही उत्तर है।
-
दौड़ना (विकल्प 1): 'दौड़ना' एक अकर्मक क्रिया है, जिसका अर्थ है कि इसे पूरा करने के लिए किसी बाहरी वस्तु या 'कर्म' की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया स्वयं में पूर्ण होती है और किसी वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
-
हँसना (विकल्प 3): 'हँसना' भी एक अकर्मक क्रिया है। इसे करने के लिए किसी बाहरी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया व्यक्ति की आंतरिक भावना को व्यक्त करती है और किसी 'कर्म' की अपेक्षा नहीं रखती।
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रेंगना (विकल्प 4): 'रेंगना' भी एक अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया को करने के लिए किसी बाहरी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती। यह क्रिया स्वयं में पूर्ण होती है और किसी 'कर्म' की अपेक्षा नहीं रखती।
इस प्रकार, 'पीना' एकमात्र ऐसी क्रिया है जो 'कर्म' की अपेक्षा रखती है, और इसलिए विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 266
क्रिया के संबंध में कौन-सा युग्म अनुचित है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 3: "बगीचे में मोर नाच रहा है। - सकर्मक क्रिया" अनुचित है क्योंकि यह वाक्य एक अकर्मक क्रिया का उदाहरण है, न कि सकर्मक क्रिया का।
विस्तृत व्याख्या:
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अकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "भिखारी सड़क पर चिल्ला रहे थे।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "चिल्ला रहे थे" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। इसलिए यह युग्म उचित है।
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द्विकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "राधा श्याम को पत्र लिखती है।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "लिखती है" एक द्विकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें दो कर्म हैं - "श्याम" और "पत्र"। इसलिए यह युग्म भी उचित है।
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सकर्मक क्रिया:
- वाक्य: "बगीचे में मोर नाच रहा है।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "नाच रहा है" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इसे सकर्मक क्रिया कहना अनुचित है, और यही कारण है कि यह युग्म अनुचित है।
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पूर्वकालिक क्रिया:
- वाक्य: "वह विद्यालय से आकर खाना खाएगा।"
- व्याख्या: इस वाक्य में "आकर" पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि यह क्रिया पहले घटित होती है और उसके बाद "खाएगा" क्रिया होती है। इसलिए यह युग्म उचित है।
इस प्रकार, विकल्प 3 अनुचित है क्योंकि "नाच रहा है" को गलत तरीके से सकर्मक क्रिया के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि यह वास्तव में एक अकर्मक क्रिया है।
प्रश्न 267
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'अकर्मक क्रिया' नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जो अपने आप में पूर्ण होती है और जिसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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धावक सड़क पर दौड़ रहे थे। - इस वाक्य में 'दौड़ रहे थे' एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया अपने आप में पूर्ण है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। धावक स्वयं दौड़ रहे हैं, और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
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महेश अध्यापक बन गया। - इस वाक्य में 'बन गया' भी एक अकर्मक क्रिया है। यह क्रिया महेश के स्वयं के परिवर्तन को दर्शाती है और इसके लिए किसी बाहरी कर्म की आवश्यकता नहीं है।
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तुलसीदास जी ने रामायण लिखी। - इस वाक्य में 'लिखी' एक सकर्मक क्रिया है। यह क्रिया 'रामायण' पर निर्भर करती है, जो कि इस क्रिया का कर्म है। तुलसीदास जी ने किसे लिखा? रामायण को। इसलिए, यह वाक्य अकर्मक क्रिया का उदाहरण नहीं है।
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वह तालाब में तैर रही है। - इस वाक्य में 'तैर रही है' एक अकर्मक क्रिया है। यह क्रिया भी अपने आप में पूर्ण है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। वह स्वयं तैर रही है, और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु पर निर्भर नहीं करती।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें 'लिखी' एक सकर्मक क्रिया है, जबकि अन्य सभी विकल्पों में अकर्मक क्रियाएं हैं।
प्रश्न 268
निम्न में से किस विकल्प की सभी क्रियाएँ 'अकर्मक' हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
चलना, मुस्कराना, खिलना - यह विकल्प सही है क्योंकि इसमें दी गई सभी क्रियाएँ 'अकर्मक' हैं। अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिनके साथ कर्म (object) की आवश्यकता नहीं होती। क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता (subject) पर पड़ता है।
- चलना: 'वह चलता है' - इस वाक्य में 'चलता है' क्रिया का प्रभाव सीधे 'वह' (कर्ता) पर पड़ रहा है। कोई कर्म नहीं है।
- मुस्कराना: 'वह मुस्कुराता है' - यहाँ भी क्रिया का प्रभाव कर्ता पर है, कर्म अनुपस्थित है।
- खिलना: 'फूल खिलता है' - इस वाक्य में 'खिलता है' क्रिया का प्रभाव 'फूल' (कर्ता) पर है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि उनमें कम से कम एक क्रिया सकर्मक है (जिसके साथ कर्म की आवश्यकता होती है):
- दौड़ना, रूठना, लिखना: 'लिखना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह पत्र लिखता है' - यहाँ 'पत्र' कर्म है।
- हँसना, खाना, सोना: 'खाना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह खाना खाता है' - यहाँ 'खाना' कर्म है।
- रोना, उठना, काटना: 'काटना' एक सकर्मक क्रिया है। 'वह फल काटता है' - यहाँ 'फल' कर्म है।
इसलिए, केवल विकल्प 1 में सभी क्रियाएँ अकर्मक हैं।
प्रश्न 269
"पिताजी बहुत देर से टहल रहे हैं।" वाक्य
में कौन-सी क्रिया प्रयुक्त हुई है ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "पिताजी बहुत देर से टहल रहे हैं।" में प्रयुक्त क्रिया का विश्लेषण करते हुए, हम यह देख सकते हैं कि यह वाक्य एक ऐसी क्रिया को दर्शाता है जो किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर क्रिया नहीं कर रही है। आइए इसे विस्तार से समझें:
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अकर्मक क्रिया (Option 4):
- अकर्मक क्रिया वह होती है जो अपने आप में पूर्ण होती है और इसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। वाक्य में "टहल रहे हैं" क्रिया का प्रयोग हुआ है, जो यह दर्शाता है कि पिताजी स्वयं टहल रहे हैं और इस क्रिया का कोई सीधा प्रभाव किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं पड़ रहा है। इसलिए, यह क्रिया अकर्मक है। इस कारण से, Option 4 सही उत्तर है।
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सजातीय क्रिया (Option 1):
- सजातीय क्रिया वह होती है जो समान प्रकार की क्रियाओं का समूह बनाती है। इस वाक्य में केवल एक क्रिया "टहल रहे हैं" है, जो किसी सजातीय समूह का हिस्सा नहीं है। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
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पूर्वकालिक क्रिया (Option 2):
- पूर्वकालिक क्रिया वह होती है जो भूतकाल में घटित हुई हो। वाक्य में "टहल रहे हैं" वर्तमान काल को दर्शाता है, न कि भूतकाल को। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
-
सकर्मक क्रिया (Option 3):
- सकर्मक क्रिया वह होती है जो किसी कर्म पर क्रिया करती है। इस वाक्य में कोई कर्म नहीं है जिस पर क्रिया की जा रही हो। "टहल रहे हैं" क्रिया का कोई सीधा कर्म नहीं है, इसलिए यह सकर्मक नहीं है। इसलिए, यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, दिए गए वाक्य में "टहल रहे हैं" एक अकर्मक क्रिया है, और Option 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 270
क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
सही उत्तर: विकल्प 4
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 1: रमेश पत्र लिखवाता है - प्रेरणार्थक क्रिया
- इस वाक्य में "लिखवाता है" प्रेरणार्थक क्रिया है क्योंकि इसमें रमेश किसी अन्य व्यक्ति से पत्र लिखवाने की क्रिया करवा रहा है। प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कोई व्यक्ति किसी अन्य से क्रिया करवाता है।
-
विकल्प 2: बालक छत पर खड़ा है - अकर्मक क्रिया
- "खड़ा है" एक अकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता। बालक स्वयं खड़ा है और यह क्रिया किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं हो रही है।
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विकल्प 3: अध्यापक बालक को हिंदी पढ़ा रहा है - द्विकर्मक क्रिया
- इस वाक्य में "पढ़ा रहा है" द्विकर्मक क्रिया है क्योंकि इसमें दो कर्म हैं: "बालक" और "हिंदी"। अध्यापक बालक को हिंदी पढ़ा रहा है, इसलिए यह द्विकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
-
विकल्प 4: प्रणीता ज़ोर-ज़ोर से हँस रही है - सकर्मक क्रिया
- यह विकल्प असंगत है क्योंकि "हँस रही है" वास्तव में एक अकर्मक क्रिया है, न कि सकर्मक क्रिया। हँसने की क्रिया का प्रभाव किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं पड़ता, इसलिए इसे अकर्मक क्रिया माना जाता है। इस प्रकार, यह विकल्प अन्य विकल्पों की तुलना में असंगत है।
इस प्रकार, विकल्प 4 सही उत्तर है क्योंकि यह क्रिया की दृष्टि से अन्य विकल्पों के साथ मेल नहीं खाता।
प्रश्न 271
कंपाउंडर बीमार को दवा पिलाता है। उक्त
वाक्य में रेखांकित पद है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य "कंपाउंडर बीमार को दवा पिलाता है।" में रेखांकित पद "पिलाता" है। इस पद का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि यह एक प्रेरणार्थक क्रिया है।
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प्रेरणार्थक क्रिया (Option 3): प्रेरणार्थक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। वाक्य में "पिलाता" शब्द यह दर्शाता है कि कंपाउंडर बीमार व्यक्ति को दवा पीने के लिए प्रेरित कर रहा है। यहाँ कंपाउंडर स्वयं दवा नहीं पी रहा है, बल्कि बीमार व्यक्ति को दवा पीने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसलिए, यह प्रेरणार्थक क्रिया का उदाहरण है।
-
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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पूर्वकालिक क्रिया (Option 1): पूर्वकालिक क्रिया वह होती है जो भूतकाल में घटित हुई हो। "पिलाता" वर्तमान काल में हो रही क्रिया को दर्शाता है, इसलिए यह पूर्वकालिक क्रिया नहीं है।
-
नामधातु क्रिया (Option 2): नामधातु क्रिया वह होती है जो संज्ञा और धातु के मिश्रण से बनी हो। "पिलाता" एक क्रिया है जो किसी कार्य को दर्शाती है, न कि नामधातु क्रिया।
-
कृदन्त क्रिया (Option 4): कृदन्त क्रिया वह होती है जो धातु से कृदन्त प्रत्यय लगाकर बनाई जाती है और विशेषण या संज्ञा के रूप में प्रयुक्त होती है। "पिलाता" एक सक्रिय क्रिया है, न कि कृदन्त रूप।
-
इस प्रकार, "पिलाता" शब्द प्रेरणार्थक क्रिया का सही उदाहरण है, और इसलिए Option 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 272
किस विकल्प का वाक्य पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
The correct option is 2:
पूर्वकालिक क्रिया उस क्रिया को कहते हैं जो वाक्य में मुख्य क्रिया से पहले संपन्न होती है, और इस क्रिया के साथ अक्सर 'कर' या 'करके' प्रत्यय जुड़ा होता है। इसका तात्पर्य है कि एक ही कर्ता एक कार्य समाप्त करके तुरंत दूसरा कार्य शुरू करता है।
The correct option is 2:
विकल्प 2, "तुम्हें ऐसा करना शोभा नहीं देता है," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण नहीं है। इस वाक्य में क्रिया 'शोभा नहीं देता है' है, जो मुख्य क्रिया है, और यहाँ कोई अन्य क्रिया उससे पहले 'कर' या 'करके' के रूप में नहीं आई है। यह वाक्य एक सामान्य क्रिया या स्थिति का बोध कराता है, जहाँ 'करना' एक क्रियार्थक संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुआ है, न कि पूर्वकालिक क्रिया के रूप में। इसलिए, यह वाक्य पूर्वकालिक क्रिया के उदाहरण की श्रेणी में नहीं आता है।
The incorrect option is 1:
विकल्प 1, "राम खेलकर चला गया," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। यहाँ 'खेलकर' क्रिया 'चला गया' मुख्य क्रिया से पहले समाप्त हुई है और इसमें 'कर' प्रत्यय जुड़ा है, जो पूर्वकालिक क्रिया की पहचान है।
The incorrect option is 3:
विकल्प 3, "सीता खाना बनाकर जयपुर जाएगी," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। इस वाक्य में 'बनाकर' क्रिया 'जयपुर जाएगी' मुख्य क्रिया से पहले पूरी हुई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सीता ने खाना बनाने का कार्य पहले समाप्त किया, जो कि पूर्वकालिक क्रिया है।
The incorrect option is 4:
विकल्प 4, "अध्यापक उदाहरण देकर छात्रों को पढ़ाते हैं," पूर्वकालिक क्रिया का उदाहरण है। यहाँ 'देकर' क्रिया 'पढ़ाते हैं' मुख्य क्रिया से पहले संपन्न हुई है। 'देकर' में 'कर' प्रत्यय लगा है, जिससे यह सिद्ध होता है कि उदाहरण देने का कार्य पढ़ाने के कार्य से ठीक पहले हुआ है।
प्रश्न 273
क्रिया के संबंध में अनुचित विकल्प चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न 274
वह पुस्तक अच्छी है' में 'वह' शब्द है
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'वह पुस्तक अच्छी है' में 'वह' शब्द का विश्लेषण करते हुए, हम इसे 'सार्वनामिक विशेषण' के रूप में पहचान सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझें:
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सार्वनामिक विशेषण (Option 2):
- 'वह' शब्द यहां 'पुस्तक' संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषण रूप में विशेषित कर रहा है। यह शब्द यह बताता है कि किस विशेष पुस्तक की बात की जा रही है। इस प्रकार, 'वह' शब्द यहां सार्वनामिक विशेषण की भूमिका निभा रहा है क्योंकि यह संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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सर्वनाम (Option 1):
- सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं। हालांकि 'वह' एक सर्वनाम हो सकता है, लेकिन इस वाक्य में यह संज्ञा 'पुस्तक' के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है, इसलिए यह सर्वनाम नहीं है।
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निश्चित गुणवाचक विशेषण (Option 3):
- निश्चित गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो संज्ञा की गुण, मात्रा या संख्या को निश्चित रूप से बताते हैं। 'वह' शब्द यहां किसी गुण, मात्रा या संख्या को नहीं दर्शा रहा है, बल्कि यह संज्ञा को विशेषित कर रहा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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निश्चयवाचक सर्वनाम (Option 4):
- निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करते हैं। हालांकि 'वह' शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम हो सकता है, लेकिन इस वाक्य में यह संज्ञा के पहले आकर उसे विशेषित कर रहा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
-
इस प्रकार, 'वह' शब्द का सही वर्गीकरण 'सार्वनामिक विशेषण' के रूप में किया जाता है, जो कि Option 2 है।
प्रश्न 275
"कोमल गात, मृदुल बसंत, हरे-हरे ये पात" - उक्त पंक्ति में प्रयुक्त पदों में से कौन-सा पद विशेषण नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
उक्त पंक्ति में प्रयुक्त पदों का विश्लेषण करते हुए, हमें यह देखना है कि कौन-सा पद विशेषण नहीं है।
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मृदुल: यह एक विशेषण है जो 'बसंत' की विशेषता बताता है। 'मृदुल' का अर्थ होता है कोमल या सौम्य, जो बसंत ऋतु की विशेषता को दर्शाता है।
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गात: यह एक संज्ञा है। 'गात' का अर्थ होता है शरीर या आकृति। यह किसी विशेषता को नहीं दर्शाता बल्कि एक वस्तु या व्यक्ति का नाम है। इसलिए, यह विशेषण नहीं है।
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हरे-हरे: यह विशेषण है जो 'पात' की विशेषता बताता है। 'हरे-हरे' का अर्थ होता है हरे रंग के, जो पत्तों की विशेषता को दर्शाता है।
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कोमल: यह भी एक विशेषण है जो 'गात' की विशेषता बताता है। 'कोमल' का अर्थ होता है मुलायम या नाजुक, जो गात की विशेषता को दर्शाता है।
इस प्रकार, 'गात' एक संज्ञा है और विशेषण नहीं है। इसलिए, विकल्प 2 सही उत्तर है। अन्य सभी विकल्प विशेषण हैं क्योंकि वे किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषता को दर्शाते हैं।
प्रश्न 276
विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञापद नहीं है :
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उत्तर और व्याख्या
विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञापद नहीं है : आत्मीयता
विस्तृत व्याख्या:
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आत्मीयता (Option 1): 'आत्मीयता' शब्द 'आत्मीय' विशेषण से बना है, जो कि 'आत्मा' से संबंधित है। हालांकि, 'आत्मीयता' का अर्थ होता है 'निकटता' या 'संबंध की गहराई', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। लेकिन प्रश्न के अनुसार, इसे विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा नहीं माना गया है। यह संभवतः इसलिए है क्योंकि 'आत्मीयता' का उपयोग अक्सर एक विशेषण के रूप में भी किया जाता है, जिससे यह भ्रमित हो सकता है।
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नैपुण्य (Option 2): 'नैपुण्य' शब्द 'निपुण' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'कुशल' या 'दक्ष'। 'नैपुण्य' का अर्थ होता है 'कुशलता' या 'दक्षता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
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धैर्यवत्ता (Option 3): 'धैर्यवत्ता' शब्द 'धैर्यवान' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'धैर्य रखने वाला'। 'धैर्यवत्ता' का अर्थ होता है 'धैर्य की विशेषता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
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सारल्य (Option 4): 'सारल्य' शब्द 'सरल' विशेषण से बना है, जिसका अर्थ होता है 'साधारण' या 'आसान'। 'सारल्य' का अर्थ होता है 'सरलता', जो कि एक भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा है।
इस प्रकार, दिए गए विकल्पों में से 'आत्मीयता' को विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा नहीं माना गया है, और इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 277
मोहन 'सातवीं' कक्षा में 'पहले' स्थान पर रहा। रेखांकित पदों में विशेषण का भेद इंगित करें :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न में दिए गए वाक्य "मोहन 'सातवीं' कक्षा में 'पहले' स्थान पर रहा।" में रेखांकित पद 'सातवीं' और 'पहले' क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण उन संख्याओं को दर्शाता है जो किसी क्रम या श्रेणी में स्थिति को इंगित करते हैं। उदाहरण के लिए, 'पहला', 'दूसरा', 'तीसरा', 'सातवां' आदि। वाक्य में 'सातवीं' और 'पहले' दोनों ही क्रम को दर्शाते हैं। 'सातवीं' कक्षा का क्रम बताता है और 'पहले' स्थान का क्रम बताता है। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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पूर्णांकबोधक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण उन संख्याओं को दर्शाता है जो किसी वस्तु या व्यक्ति की कुल संख्या को बताते हैं, जैसे 'एक', 'दो', 'तीन' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो कुल संख्या को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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समुदायवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण किसी समूह या समुदाय की संख्या को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'दोनों', 'सभी', 'कुछ' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो किसी समूह की संख्या को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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आवृत्तिवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण: यह विशेषण किसी क्रिया की आवृत्ति को दर्शाता है, जैसे 'बार-बार', 'कभी-कभी' आदि। वाक्य में ऐसा कोई पद नहीं है जो किसी क्रिया की आवृत्ति को दर्शा रहा हो, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इस प्रकार, 'सातवीं' और 'पहले' क्रमवाचक निश्चित संख्यावाचक विशेषण हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प 1 है।
प्रश्न 278
किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
सार्वनामिक विशेषण वह विशेषण होता है जो संज्ञा या सर्वनाम के पहले आकर उसके बारे में विशेष जानकारी देता है। यह विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता को दर्शाता है और अक्सर प्रश्नवाचक, संकेतवाचक, या अन्य प्रकार के सर्वनामों के रूप में होता है।
अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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तुम सब आ गए; अच्छे कहाँ रह गए।
इस वाक्य में "तुम सब" और "अच्छे" शब्दों का प्रयोग हुआ है, लेकिन इनमें सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग नहीं है। यहाँ "तुम सब" एक सामान्य सर्वनाम है और "अच्छे" एक विशेषण है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण नहीं है। -
जो बाहर खड़ा है उसे अन्दर बुलाओ।
इस वाक्य में "जो" एक संबंधवाचक सर्वनाम है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण के रूप में प्रयोग नहीं हुआ है। यह वाक्य किसी विशेष संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है। -
तुम छात्रों के लिए कुछ किताबें ले आओ।
इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग सार्वनामिक विशेषण के रूप में हुआ है। "कुछ" यहाँ "किताबें" संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि कितनी किताबें लाई जानी हैं। इसलिए यह वाक्य सार्वनामिक विशेषण का सही उदाहरण है। -
कुछ तुम करो; कुछ मैं करूँगा।
इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग हुआ है, लेकिन यह सार्वनामिक विशेषण के रूप में नहीं है। यहाँ "कुछ" एक अनिश्चित सर्वनाम के रूप में प्रयोग हुआ है, जो कार्य की मात्रा को दर्शा रहा है, न कि किसी संज्ञा की विशेषता को।
इस प्रकार, विकल्प 3 सही उत्तर है क्योंकि इसमें "कुछ" शब्द का प्रयोग सार्वनामिक विशेषण के रूप में हुआ है, जो "किताबें" संज्ञा की विशेषता को दर्शा रहा है।
प्रश्न 279
विशेषण पदों' के विकारक तत्त्व कौन-कौन-से हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
विशेषण पदों के विकारक तत्व लिंग और वचन हैं, क्योंकि विशेषण अपने लिंग और वचन के अनुसार संज्ञा शब्दों के साथ बदलते हैं।
Option 1 सही क्यों है:
विशेषण का मुख्य कार्य संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताना है। विशेषण जिस संज्ञा की विशेषता बताता है, उसके लिंग और वचन के अनुसार स्वयं में परिवर्तन करता है। उदाहरण के लिए:
- लिंग: "अच्छा लड़का" (पुल्लिंग) और "अच्छी लड़की" (स्त्रीलिंग)। यहाँ 'अच्छा' विशेषण लिंग के अनुसार 'अच्छी' में बदल गया।
- वचन: "एक लड़का" (एकवचन) और "अच्छे लड़के" (बहुवचन)। यहाँ 'अच्छा' विशेषण वचन के अनुसार 'अच्छे' में बदल गया।
इसलिए, लिंग और वचन विशेषण पदों के विकारक तत्व हैं क्योंकि ये विशेषण के रूप को प्रभावित करते हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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Option 2: लिंग, वचन और कारक: कारक संज्ञा या सर्वनाम के साथ संबंध दर्शाते हैं, विशेषण के साथ नहीं। कारक विशेषण के रूप को सीधे तौर पर नहीं बदलते। उदाहरण के लिए, "अच्छे लड़के को" में 'को' कारक है, लेकिन इसने 'अच्छे' विशेषण के रूप को नहीं बदला।
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Option 3: लिंग और कारक: कारक विशेषण को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते, जैसा कि ऊपर बताया गया है।
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Option 4: काल, वाच्य एवं पुरुष: काल (tense) क्रिया से संबंधित है, विशेषण से नहीं। वाच्य (voice) भी क्रिया का गुण है। पुरुष (person) सर्वनाम से संबंधित है। ये तीनों विशेषण के रूप को प्रभावित नहीं करते।
प्रश्न 280
‘यह बालिका फूल से भी कोमल है’ उक्त वाक्य विशेषण की दृष्टि से किस अवस्था का वाचक है ?
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उत्तर और व्याख्या
‘यह बालिका फूल से भी कोमल है’ उक्त वाक्य विशेषण की दृष्टि से उत्तरावस्था का वाचक है।
व्याख्या:
- उत्तरावस्था (Comparative Degree): उत्तरावस्था में दो वस्तुओं या व्यक्तियों के बीच तुलना की जाती है। दिए गए वाक्य में, बालिका की कोमलता की तुलना फूल की कोमलता से की जा रही है। "से भी" शब्द तुलना को दर्शाता है, जो उत्तरावस्था का सूचक है। इसलिए, यह वाक्य उत्तरावस्था को दर्शाता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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मूलावस्था (Positive Degree): मूलावस्था में विशेषण अपने मूल रूप में होता है और किसी प्रकार की तुलना नहीं की जाती। उदाहरण के लिए, "यह बालिका कोमल है।" इस वाक्य में केवल बालिका की कोमलता बताई गई है, किसी से तुलना नहीं की गई।
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उत्तमावस्था (Superlative Degree): उत्तमावस्था में किसी वस्तु या व्यक्ति को समूह में सबसे श्रेष्ठ या सबसे निम्न बताया जाता है। उदाहरण के लिए, "यह बालिका सबसे कोमल है।" इस वाक्य में बालिका को सभी बालिकाओं में सबसे कोमल बताया गया है।
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इनमें से कोई नहीं: चूंकि उत्तरावस्था सही उत्तर है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इसलिए, दिए गए वाक्य में तुलना की जा रही है, जो उत्तरावस्था का लक्षण है। अतः, विकल्प 2 सही है।