HTET परीक्षा - Level 3 PGT - हिंदी
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 3 PGT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 241
‘श्री पुनीत जी शर्मा भारत के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् हैं। आप इतिहास पढ़ाते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम है :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम "आप" है। यह सर्वनाम "पुरुषवाचक सर्वनाम" के अंतर्गत आता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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पुरुषवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम उन शब्दों को कहते हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु का सीधा उल्लेख करते हैं। वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग श्री पुनीत जी शर्मा के लिए किया गया है, जो एक व्यक्ति का सीधा उल्लेख है। इसलिए, यह पुरुषवाचक सर्वनाम है।
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अन्य विकल्पों की व्याख्या:
- निजवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम उन शब्दों को कहते हैं जो किसी व्यक्ति के अपने संबंध को व्यक्त करते हैं, जैसे "स्वयं", "अपना" आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है।
- निश्चयवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम उन शब्दों को कहते हैं जो किसी निश्चितता को व्यक्त करते हैं, जैसे "यह", "वह" आदि। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है।
- प्रसिद्धिवाचक सर्वनाम: यह एक काल्पनिक विकल्प है और हिंदी व्याकरण में ऐसा कोई सर्वनाम नहीं होता।
इस प्रकार, दिए गए वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग पुरुषवाचक सर्वनाम के रूप में किया गया है, जो विकल्प 2 को सही ठहराता है।
प्रश्न 242
‘कमरे में कोई हँस रहा है’ वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम है :
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उत्तर और व्याख्या
‘कमरे में कोई हँस रहा है’ वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम अनिश्चयवाचक है क्योंकि 'कोई' शब्द किसी निश्चित व्यक्ति की ओर संकेत नहीं कर रहा है। यह अनिश्चित है कि कमरे में कौन हँस रहा है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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निश्चयवाचक: निश्चयवाचक सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करता है, जैसे 'यह', 'वह', 'ये', 'वे'। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो किसी निश्चित व्यक्ति की ओर इशारा कर रहा हो। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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प्रश्नवाचक: प्रश्नवाचक सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होते हैं, जैसे 'कौन', 'क्या', 'किसने'। वाक्य में कोई प्रश्न नहीं पूछा जा रहा है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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पुरुषवाचक: पुरुषवाचक सर्वनाम वक्ता (बोलने वाला), श्रोता (सुनने वाला) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होते हैं, जैसे 'मैं', 'तुम', 'वह'। वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो किसी व्यक्ति विशेष को संदर्भित कर रहा हो। इसलिए यह विकल्प गलत है।
इसलिए, 'कोई' शब्द अनिश्चितता का बोध कराता है, इसलिए सही उत्तर अनिश्चयवाचक सर्वनाम है।
प्रश्न 243
जो सोता है सो खोता है।' वाक्य में रेखांकित शब्द किस सर्वनाम के उदाहरण हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'जो सोता है सो खोता है।' में रेखांकित शब्द 'जो' और 'सो' संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं। संबंधवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ने का कार्य करते हैं और किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करते हैं। यहाँ 'जो' और 'सो' का प्रयोग एक ही व्यक्ति या वस्तु के लिए किया गया है, जो दो अलग-अलग क्रियाओं (सोना और खोना) को जोड़ता है। इसलिए, यह संबंधवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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प्रश्नवाचक: प्रश्नवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे 'कौन', 'क्या', 'किसका' आदि। यहाँ 'जो' और 'सो' का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए नहीं किया गया है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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निजवाचक: निजवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो व्यक्ति के स्वामित्व या संबंध को दर्शाते हैं, जैसे 'मेरा', 'तेरा', 'उसका' आदि। 'जो' और 'सो' निजवाचक सर्वनाम नहीं हैं, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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अनिश्चयवाचक: अनिश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का संकेत देते हैं, जैसे 'कोई', 'कुछ', 'किसी' आदि। 'जो' और 'सो' अनिश्चितता का संकेत नहीं देते हैं, बल्कि एक निश्चित संबंध को दर्शाते हैं, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, 'जो' और 'सो' संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं, और इसलिए विकल्प 3 सही है।
प्रश्न 244
संबंधसूचक सर्वनाम पद छाँटिए :
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उत्तर और व्याख्या
संबंधसूचक सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के साथ संबंध को दर्शाते हैं। दिए गए विकल्पों में से हमें संबंधसूचक सर्वनाम पहचानना है।
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कुछ: यह एक अनिश्चित सर्वनाम है जो किसी अज्ञात या अनिश्चित मात्रा को दर्शाता है। यह किसी संबंध को नहीं दर्शाता है।
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जो: यह संबंधसूचक सर्वनाम है। यह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के साथ संबंध को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, "वह व्यक्ति जो वहाँ खड़ा है।" यहाँ 'जो' उस व्यक्ति के साथ संबंध को दर्शा रहा है।
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कितना: यह प्रश्नवाचक सर्वनाम है जो मात्रा या संख्या के बारे में पूछताछ करता है। यह किसी संबंध को नहीं दर्शाता है।
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कैसा: यह भी प्रश्नवाचक सर्वनाम है जो गुण या प्रकार के बारे में पूछताछ करता है। यह किसी संबंध को नहीं दर्शाता है।
इस प्रकार, विकल्प 2 "जो" सही उत्तर है क्योंकि यह संबंधसूचक सर्वनाम है और अन्य विकल्प संबंध को नहीं दर्शाते हैं।
प्रश्न 245
अनिश्चयवाचक सर्वनाम वाला वाक्य चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "दाल में कुछ काला है।" अनिश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण है। अनिश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी अनिश्चित या अस्पष्ट वस्तु, व्यक्ति या स्थिति का संकेत देते हैं। इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग किया गया है, जो यह स्पष्ट नहीं करता कि दाल में क्या काला है, केवल यह संकेत देता है कि कुछ तो गड़बड़ है। इस प्रकार, यह वाक्य अनिश्चितता को व्यक्त करता है और इसलिए यह अनिश्चयवाचक सर्वनाम का सही उदाहरण है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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"मैं कुछ पुस्तकें लाया हूँ, इन्हें तुम रख लो।" - इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग किया गया है, लेकिन यह अनिश्चितता को नहीं दर्शाता। यहाँ "कुछ पुस्तकें" का अर्थ है कि कुछ निश्चित संख्या में पुस्तकें लाई गई हैं, लेकिन यह संख्या स्पष्ट नहीं है। यह वाक्य अनिश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण नहीं है।
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"केवल वही तुम्हारी प्रशंसा कर सकता है।" - इस वाक्य में कोई अनिश्चयवाचक सर्वनाम नहीं है। यह वाक्य स्पष्ट रूप से एक निश्चित व्यक्ति की ओर इशारा करता है जो प्रशंसा कर सकता है।
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"वह चाहता है कि तुम सदैव आगे बढ़ो।" - इस वाक्य में भी कोई अनिश्चयवाचक सर्वनाम नहीं है। यह वाक्य एक निश्चित इच्छा को व्यक्त करता है।
इस प्रकार, केवल विकल्प 2 ही अनिश्चयवाचक सर्वनाम का सही उदाहरण है।
प्रश्न 246
निम्नलिखित में से किस वाक्य में अनिश्चयवाचक सर्वनाम नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 2 सही उत्तर है क्योंकि इस वाक्य में कोई अनिश्चयवाचक सर्वनाम नहीं है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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विकल्प 1: कोई-न-कोई तो मेरी बात सुनेगा।
- इस वाक्य में "कोई-न-कोई" एक अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, जो किसी अनिश्चित व्यक्ति की ओर इशारा करता है जो वक्ता की बात सुनेगा।
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विकल्प 2: सब लोगों ने एक-दूसरे को अपने-अपने पते दिए।
- इस वाक्य में "सब लोगों" और "एक-दूसरे" का प्रयोग किया गया है, जो निश्चितता को दर्शाते हैं। यहां कोई अनिश्चितता नहीं है, क्योंकि यह स्पष्ट है कि सभी लोग एक-दूसरे को पते दे रहे हैं। इसलिए, इस वाक्य में अनिश्चयवाचक सर्वनाम का प्रयोग नहीं हुआ है।
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विकल्प 3: किसी ने पत्थर मार दिया।
- इस वाक्य में "किसी" एक अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, जो किसी अनिश्चित व्यक्ति की ओर इशारा करता है जिसने पत्थर मारा।
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विकल्प 4: हमने भारत में रहकर बहुत कुछ सीखा।
- इस वाक्य में "बहुत कुछ" एक अनिश्चित मात्रा को दर्शाता है, जो अनिश्चयवाचक सर्वनाम के रूप में कार्य करता है।
इस प्रकार, विकल्प 2 में कोई अनिश्चयवाचक सर्वनाम नहीं है, और यही कारण है कि यह सही उत्तर है।
प्रश्न 247
निजवाचक सर्वनाम युक्त वाक्य छाँटिए :
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उत्तर और व्याख्या
Option 2 सही है क्योंकि "लड़के आप ही चले जाएँगे" वाक्य में "आप ही" शब्द निजवाचक सर्वनाम है। निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग कर्ता के अपनेपन का बोध कराने के लिए होता है। इस वाक्य में "आप ही" शब्द लड़कों के स्वयं जाने की बात पर जोर दे रहा है, अर्थात कर्ता (लड़के) स्वयं ही यह क्रिया (चले जाएँगे) करेंगे।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
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Option 1: आप अत्यन्त आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी हैं। इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग आदरसूचक सर्वनाम के रूप में हुआ है, निजवाचक सर्वनाम के रूप में नहीं। यह किसी दूसरे व्यक्ति को संबोधित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
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Option 3: आप लोग शान्त हो जाएँ। इस वाक्य में भी "आप" शब्द का प्रयोग आदरसूचक सर्वनाम के रूप में हुआ है और यह एक समूह को संबोधित कर रहा है। यह निजवाचक सर्वनाम नहीं है।
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Option 4: आप हुजूर ज़रूर पधारें। इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग आदरसूचक सर्वनाम के रूप में हुआ है और यह किसी व्यक्ति को आमंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। यह निजवाचक सर्वनाम नहीं है।
इसलिए, केवल Option 2 ही निजवाचक सर्वनाम का सही उदाहरण है।
प्रश्न 248
किस वाक्य में सर्वनाम संबंधिनी अशुद्धि है ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "मेरे को कुछ भी याद नहीं आ रहा।" में सर्वनाम संबंधिनी अशुद्धि है। इस वाक्य में "मेरे को" का प्रयोग गलत है। सही प्रयोग "मुझे" होना चाहिए। हिंदी में "मुझे" का उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति के लिए कुछ महसूस करने या अनुभव करने की बात होती है। इसलिए, सही वाक्य होगा "मुझे कुछ भी याद नहीं आ रहा।"
अब अन्य विकल्पों की बात करें:
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"तुम्हारी पुस्तक यह नहीं वह है।" - इस वाक्य में सर्वनाम का प्रयोग सही है। "यह" और "वह" का उपयोग सही तरीके से किया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस पुस्तक की बात हो रही है।
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"मैं अपना कार्य कर रहा हूँ।" - इस वाक्य में भी सर्वनाम का प्रयोग सही है। "अपना" का उपयोग सही तरीके से किया गया है जो कि वक्ता के कार्य को इंगित करता है।
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"जिसने भी खाया है, सराहा है।" - इस वाक्य में "जिसने" का प्रयोग सही है, जो कि किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी देने के लिए प्रयुक्त होता है जिसने कुछ किया है।
इस प्रकार, विकल्प 4 में सर्वनाम संबंधिनी अशुद्धि है, और यही कारण है कि यह सही उत्तर है।
प्रश्न 249
“सामने जो बड़ा-सा घर दिखाई दे रहा है, वह मेरा है।” वाक्य में किस सर्वनाम का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य “सामने जो बड़ा-सा घर दिखाई दे रहा है, वह मेरा है।” में निश्चयवाचक सर्वनाम का प्रयोग हुआ है। निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान की ओर संकेत करते हैं। इस वाक्य में "वह" शब्द का प्रयोग किया गया है, जो एक निश्चित घर की ओर संकेत कर रहा है। इसलिए, यह निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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पुरुषवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम व्यक्ति के लिए प्रयोग होते हैं, जैसे कि "वह", "वे", "मैं", "तुम" आदि। हालांकि "वह" पुरुषवाचक भी हो सकता है, लेकिन इस वाक्य में इसका प्रयोग एक निश्चित वस्तु (घर) के लिए किया गया है, इसलिए इसे निश्चयवाचक के रूप में देखा जाता है।
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निजवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम स्वयं के लिए प्रयोग होते हैं, जैसे "स्वयं", "अपना" आदि। इस वाक्य में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो निजवाचक सर्वनाम के रूप में प्रयोग हुआ हो।
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अनिश्चयवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम किसी अनिश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान की ओर संकेत करते हैं, जैसे "कोई", "कुछ", "किसी" आदि। इस वाक्य में "वह" एक निश्चित घर की ओर संकेत कर रहा है, इसलिए यह अनिश्चयवाचक नहीं है।
इस प्रकार, दिए गए वाक्य में "वह" का प्रयोग निश्चयवाचक सर्वनाम के रूप में किया गया है, जो विकल्प 3 को सही ठहराता है।
प्रश्न 250
किस विकल्प में निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 1 सही है क्योंकि इसमें "स्वयं" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो निजवाचक सर्वनाम है। निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग कर्ता के अपनेपन का बोध कराने के लिए किया जाता है। वाक्य "हमें अपना काम स्वयं करना चाहिए" में "स्वयं" शब्द यह दर्शाता है कि काम किसी और के द्वारा नहीं, बल्कि कर्ता (हमें) द्वारा खुद किया जाना चाहिए। यह कर्ता के 'अपने' होने का भाव दर्शाता है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 2: तेते पाँव पसारिये, जेती लॉबी सौर। इस वाक्य में कोई भी शब्द निजवाचक सर्वनाम नहीं है। यह एक लोकोक्ति है जो अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करने की सलाह देती है।
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Option 3: हम किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इस वाक्य में "हम" पुरुषवाचक सर्वनाम है, निजवाचक नहीं। यह वाक्य कर्ता (हम) के बारे में सामान्य जानकारी दे रहा है, न कि उसके अपनेपन का बोध करा रहा है।
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Option 4: जैसा करोगे, वैसा ही भरोगे। यह वाक्य संबंधवाचक सर्वनाम का उदाहरण है। "जैसा" और "वैसा" शब्द दो वाक्यों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं। यह निजवाचक सर्वनाम नहीं है।
इसलिए, केवल Option 1 में ही निजवाचक सर्वनाम का सही प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 251
निम्न में से कौन-सा भेद 'पुरुषवाचक सर्वनाम' का नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
'पुरुषवाचक सर्वनाम' का अर्थ है वे सर्वनाम जो व्यक्ति के पुरुष (व्यक्ति, वक्ता, श्रोता) को इंगित करते हैं। 'पुरुषवाचक सर्वनाम' के तीन भेद होते हैं: उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष, और अन्य पुरुष।
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उत्तम पुरुष: यह वह पुरुषवाचक सर्वनाम है जो वक्ता को इंगित करता है, जैसे 'मैं', 'हम'।
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मध्यम पुरुष: यह वह पुरुषवाचक सर्वनाम है जो श्रोता को इंगित करता है, जैसे 'तू', 'तुम', 'आप'।
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अन्य पुरुष: यह वह पुरुषवाचक सर्वनाम है जो किसी तीसरे व्यक्ति को इंगित करता है, जैसे 'वह', 'वे'।
अब, विकल्प 1: व्यक्तिवाचक को देखें। व्यक्तिवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम लेते हैं, जैसे 'राम', 'दिल्ली', 'गंगा'। ये सर्वनाम नहीं होते, बल्कि संज्ञा होते हैं। इसलिए, व्यक्तिवाचक 'पुरुषवाचक सर्वनाम' का भेद नहीं है।
इस प्रकार, विकल्प 1 सही उत्तर है क्योंकि व्यक्तिवाचक 'पुरुषवाचक सर्वनाम' का भेद नहीं है, जबकि अन्य विकल्प (उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष, अन्य पुरुष) 'पुरुषवाचक सर्वनाम' के भेद हैं।
प्रश्न 252
सर्वनाम के संबंध में कौन-सा युग्म संगत नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर विकल्प 3 है: "इसी ने मेरी जिंदगी बचाई थी - प्रश्नवाचक सर्वनाम"। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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विकल्प 3: "इसी ने मेरी जिंदगी बचाई थी - प्रश्नवाचक सर्वनाम"
- यहाँ पर "इसी" शब्द का प्रयोग किया गया है। "इसी" एक निश्चयवाचक सर्वनाम है, जो किसी विशेष व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करता है। यह प्रश्नवाचक सर्वनाम नहीं है। प्रश्नवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे "कौन", "क्या", "किसने" आदि। इसलिए, यह युग्म संगत नहीं है और यही कारण है कि यह सही उत्तर है।
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विकल्प 1: "मैंने आज व्याकरण पढ़ा - पुरुषवाचक सर्वनाम"
- "मैंने" शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो प्रथम पुरुष को दर्शाता है। यह सही युग्म है क्योंकि "मैं" का प्रयोग स्वयं वक्ता के लिए होता है।
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विकल्प 2: "कमरे में कोई हँस रहा है - अनिश्चयवाचक सर्वनाम"
- "कोई" शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, जो किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करता है। यह सही युग्म है क्योंकि "कोई" का प्रयोग तब होता है जब व्यक्ति या वस्तु की पहचान स्पष्ट नहीं होती।
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विकल्प 4: "वह स्वयं को सुधार रहा है - निजवाचक सर्वनाम"
- "स्वयं" शब्द निजवाचक सर्वनाम है, जो आत्मनिर्देश के लिए प्रयोग होता है। यह सही युग्म है क्योंकि "स्वयं" का प्रयोग व्यक्ति के अपने ऊपर होता है।
इस प्रकार, विकल्प 3 का युग्म गलत है क्योंकि "इसी" को प्रश्नवाचक सर्वनाम के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि यह वास्तव में निश्चयवाचक सर्वनाम है। यही कारण है कि विकल्प 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 253
सर्वनाम के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न 254
सर्वनाम की दृष्टि से असुमेलित को छाँटिए :
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उत्तर और व्याख्या
सर्वनाम की दृष्टि से असुमेलित को छाँटने के लिए हमें यह देखना होगा कि दिए गए विकल्पों में से कौन सा सर्वनाम के प्रकार के अनुसार सही नहीं है।
विकल्प 3: "दाल में कुछ काला है - प्रश्नवाचक सर्वनाम" को असुमेलित के रूप में चुना गया है। इसका कारण यह है कि इस वाक्य में "कुछ" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि अनिश्चितवाचक सर्वनाम है, न कि प्रश्नवाचक सर्वनाम। प्रश्नवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे "कौन", "क्या", "किसका" आदि। इसलिए, यह विकल्प असुमेलित है क्योंकि यह गलत तरीके से प्रश्नवाचक सर्वनाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं:
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"लड़के आप ही चले जाएँगे - निजवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि निजवाचक सर्वनाम है। निजवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो व्यक्ति विशेष को इंगित करते हैं, जैसे "मैं", "तुम", "आप" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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"आप एक प्रतिष्ठित समाजसेवी हैं - पुरुषवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "आप" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि पुरुषवाचक सर्वनाम है। पुरुषवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु को इंगित करते हैं, जैसे "वह", "यह", "वे" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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"मेरी वह पुस्तक खो गई, जिसे मैंने कल ही खरीदा था - संबंधवाचक सर्वनाम": इस वाक्य में "जिसे" शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि संबंधवाचक सर्वनाम है। संबंधवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ते हैं, जैसे "जो", "जिसे", "जिसका" आदि। इसलिए, यह विकल्प सही है।
इस प्रकार, विकल्प 3 को असुमेलित के रूप में सही तरीके से चुना गया है क्योंकि यह गलत तरीके से प्रश्नवाचक सर्वनाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
प्रश्न 255
निम्न में से कौन-सी सकर्मक क्रिया है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
The correct option is 3:
सकर्मक क्रिया वह होती है जिसके कार्य का फल कर्ता को छोड़कर कर्म पर पड़ता है, यानी जिसे अपने अर्थ को पूर्ण करने के लिए कर्म (object) की आवश्यकता होती है। क्रिया से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न करने पर यदि उत्तर मिलता है, तो वह क्रिया सकर्मक होती है। यहाँ क्रिया 'लेना' (to take) है। जब हम पूछते हैं कि "क्या लिया?" (What was taken?), तो हमें एक कर्म की आवश्यकता होती है, जैसे "मैंने पुस्तक ली" (I took the book) या "उसने पैसे लिए" (He took the money)। इस प्रकार, 'लेना' क्रिया अपने साथ कर्म को अपेक्षित करती है, इसलिए यह एक सकर्मक क्रिया है। यह क्रिया व्यापार और फल दोनों को प्रकट करती है, जहाँ फल कर्म पर पड़ता है।
The incorrect option is 1:
'आना' (to come) एक अकर्मक क्रिया (Intransitive verb) है। अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिन्हें कर्म की आवश्यकता नहीं होती है और जिनका कार्य या फल सीधे कर्ता पर पड़ता है। यदि हम 'आना' से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न करते हैं, जैसे "क्या आया?" या "किसे आया?", तो हमें कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिलता है जो कर्म हो। उदाहरण के लिए, "वह आया।" इस वाक्य में क्रिया का फल सीधे 'वह' (कर्ता) पर पड़ रहा है। इसलिए, 'आना' सकर्मक नहीं, बल्कि अकर्मक क्रिया है।
The incorrect option is 2:
'जाना' (to go) भी एक अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया के लिए भी कर्म की आवश्यकता नहीं होती है। जब हम कहते हैं "रमेश जा रहा है," तो क्रिया का फल सीधे कर्ता (रमेश) तक सीमित रहता है। हालांकि, कुछ वाक्यों में 'जाना' का प्रयोग स्थान सूचक शब्दों के साथ हो सकता है, लेकिन वह स्थान कर्म नहीं होता। जैसे "वह घर गया।" यहाँ 'घर' कर्म नहीं, बल्कि अधिकरण कारक है। चूँकि 'जाना' का प्रयोग बिना कर्म के संभव है और इसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती, यह एक अकर्मक क्रिया है।
The incorrect option is 4:
'मरना' (to die) एक पूर्ण रूप से अकर्मक क्रिया है। इस क्रिया का व्यापार और फल दोनों ही कर्ता तक सीमित रहते हैं। 'मरना' क्रिया से 'क्या' या 'किसे' प्रश्न पूछने पर कोई कर्म रूपी उत्तर नहीं मिलता। "पक्षी मर गया।" इस वाक्य में क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता ('पक्षी') पर पड़ रहा है। यह एक स्वाभाविक क्रिया है जिसके लिए किसी बाहरी वस्तु या कर्म की आवश्यकता नहीं होती है। अतः, 'मरना' सकर्मक क्रिया नहीं है।
प्रश्न 256
क्रिया के मूलरूप को क्या कहते हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
क्रिया के मूलरूप को "धातु" कहते हैं। धातु वह मूल रूप है जिससे विभिन्न प्रकार की क्रियाएँ बनती हैं। यह संस्कृत और हिंदी व्याकरण में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। धातु से ही क्रिया के विभिन्न रूप जैसे कि काल, वचन, पुरुष आदि बनते हैं। उदाहरण के लिए, "खाना" क्रिया की धातु "खा" है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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क्रियाविशेषण: यह विकल्प गलत है क्योंकि क्रियाविशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया की विशेषता बताता है, जैसे "तेजी से" दौड़ना। यह क्रिया के मूलरूप से संबंधित नहीं है।
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कारक: यह विकल्प भी गलत है। कारक वह शब्द होता है जो वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम के साथ क्रिया के संबंध को दर्शाता है, जैसे "राम ने खाना खाया" में "राम" कर्ता कारक है। यह क्रिया के मूलरूप से संबंधित नहीं है।
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इनमें से कोई नहीं: यह विकल्प भी गलत है क्योंकि सही उत्तर "धातु" है, जो विकल्प 3 में दिया गया है।
इस प्रकार, "धातु" ही वह सही उत्तर है जो क्रिया के मूलरूप को दर्शाता है।
प्रश्न 257
किस विकल्प में 'नामधातु' क्रिया है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 4 'गरमाना' को 'नामधातु' क्रिया के रूप में सही उत्तर माना गया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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गरमाना (विकल्प 4): 'गरमाना' एक नामधातु क्रिया है। नामधातु वे क्रियाएँ होती हैं जो किसी विशेष क्रिया या अवस्था को व्यक्त करती हैं और जिनका उपयोग संज्ञा के रूप में भी किया जा सकता है। 'गरमाना' का अर्थ है किसी वस्तु को गरम करना या गरम होना। यह क्रिया किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को दर्शाती है, जैसे पानी को गरमाना।
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धड़धड़ाहट (विकल्प 1): 'धड़धड़ाहट' एक संज्ञा है जो किसी वस्तु या स्थिति से उत्पन्न होने वाली ध्वनि को व्यक्त करती है। यह कोई क्रिया नहीं है, बल्कि एक ध्वनि का वर्णन है, इसलिए यह नामधातु क्रिया नहीं हो सकती।
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खिलवाना (विकल्प 2): 'खिलवाना' एक क्रिया है जो किसी को खिलाने की क्रिया को दर्शाती है। यह एक सामान्य क्रिया है और इसे नामधातु क्रिया के रूप में नहीं देखा जा सकता क्योंकि यह किसी विशेष अवस्था या प्रक्रिया को व्यक्त नहीं करती।
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उठना (विकल्प 3): 'उठना' भी एक सामान्य क्रिया है जो किसी वस्तु या व्यक्ति के ऊपर उठने की क्रिया को दर्शाती है। यह नामधातु क्रिया नहीं है क्योंकि यह किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को व्यक्त नहीं करती।
इस प्रकार, 'गरमाना' (विकल्प 4) सही उत्तर है क्योंकि यह एक नामधातु क्रिया है जो किसी विशेष प्रक्रिया या अवस्था को व्यक्त करती है।
प्रश्न 258
एककर्मक क्रिया वाला वाक्य है :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
एककर्मक क्रिया वह होती है जिसमें क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता पर पड़ता है और उसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
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महर्षि वेदव्यास ने जयसंहिता लिखी।
यह वाक्य एककर्मक क्रिया का उदाहरण है क्योंकि इसमें "लिखी" क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता "महर्षि वेदव्यास" पर पड़ता है। इस वाक्य में कोई कर्म नहीं है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े। इसलिए यह वाक्य एककर्मक क्रिया वाला है। -
उसने हमें पुस्तकें दी।
इस वाक्य में "दी" क्रिया का प्रभाव "पुस्तकें" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। यहाँ पर "हमें" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य सकर्मक क्रिया का उदाहरण है, न कि एककर्मक क्रिया का। -
बहन ने भाई को राखी बाँधी।
इस वाक्य में "बाँधी" क्रिया का प्रभाव "राखी" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। "भाई को" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य भी सकर्मक क्रिया का उदाहरण है। -
मैंने पिताजी को पत्र लिखा।
इस वाक्य में "लिखा" क्रिया का प्रभाव "पत्र" पर पड़ता है, जो कि कर्म है। "पिताजी को" भी एक अन्य कर्म है। इसलिए यह वाक्य भी सकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
इस प्रकार, केवल विकल्प 1 "महर्षि वेदव्यास ने जयसंहिता लिखी।" ही एककर्मक क्रिया का सही उदाहरण है।
प्रश्न 259
क्रिया के संबंध में असंगत कथन चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
क्रिया के संबंध में असंगत कथन है: यदि वाक्य में दो कर्म हों, तो क्रिया से 'किसे' या 'किसको' प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलता है वह 'मुख्य कर्म' होता है।
व्याख्या:
यह कथन असंगत है क्योंकि यदि वाक्य में दो कर्म हों, तो क्रिया से 'किसे' या 'किसको' प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलता है, वह गौण कर्म होता है, न कि मुख्य कर्म। मुख्य कर्म वह होता है जो क्रिया से 'क्या' प्रश्न करने पर प्राप्त होता है। गौण कर्म प्रायः सजीव होता है और मुख्य कर्म निर्जीव।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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गौणकर्म के साथ सदैव 'को' चिन्ह जुड़ा रहता है तथा क्रिया से अपेक्षाकृत दूर रहता है। यह कथन सत्य है। गौण कर्म में 'को' विभक्ति का प्रयोग होता है और यह मुख्य कर्म की तुलना में क्रिया से दूर स्थित होता है।
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जिन्हें कर्म के अतिरिक्त अन्य किसी पूरक शब्द की आवश्यकता नहीं पड़ती है उन्हें 'पूर्ण सकर्मक क्रिया' कहते हैं। यह कथन भी सत्य है। पूर्ण सकर्मक क्रियाओं को अर्थ पूर्ण करने के लिए किसी पूरक शब्द की आवश्यकता नहीं होती।
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आना, उड़ना एवं तैरना गत्यर्थक पूर्ण अकर्मक क्रियाएँ होती हैं। यह कथन भी सत्य है। ये क्रियाएँ गति का बोध कराती हैं और अकर्मक होती हैं, अर्थात इनके साथ कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 260
"राम ने किसान की ज़मीन हथिया ली।" रेखांकित शब्द में प्रयुक्त क्रिया चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न में दिए गए वाक्य "राम ने किसान की ज़मीन हथिया ली।" में "हथिया" शब्द का विश्लेषण करते हुए हमें यह समझना होगा कि यह किस प्रकार की क्रिया है। सही उत्तर विकल्प 3, "नामधातु क्रिया" है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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नामधातु क्रिया: नामधातु क्रिया वह होती है जिसमें संज्ञा या विशेषण के रूप में प्रयुक्त शब्द को क्रिया के रूप में प्रयोग किया जाता है। "हथिया" शब्द "हथियाना" से बना है, जो एक नामधातु क्रिया है। यह क्रिया किसी वस्तु या संपत्ति को अपने अधिकार में लेने की क्रिया को दर्शाती है। इस वाक्य में "हथिया" का प्रयोग इसी अर्थ में किया गया है, जो इसे नामधातु क्रिया बनाता है।
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प्रेरणार्थक क्रिया: प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें किसी अन्य व्यक्ति से कोई कार्य करवाया जाता है। उदाहरण के लिए, "राम ने मोहन से काम करवाया।" यहाँ "हथिया" में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि राम ने किसी और से ज़मीन हथियाने का कार्य करवाया हो, इसलिए यह प्रेरणार्थक क्रिया नहीं है।
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संयुक्त क्रिया: संयुक्त क्रिया वह होती है जिसमें दो क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया का अर्थ प्रकट करती हैं। उदाहरण के लिए, "खाना खा लिया।" यहाँ "हथिया" एक स्वतंत्र क्रिया है और इसके साथ कोई अन्य क्रिया नहीं जुड़ी है, इसलिए यह संयुक्त क्रिया नहीं है।
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अकर्मक क्रिया: अकर्मक क्रिया वह होती है जिसमें क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता। उदाहरण के लिए, "राम सो गया।" यहाँ "हथिया" का प्रयोग एक कर्म (ज़मीन) पर प्रभाव डालने के लिए किया गया है, इसलिए यह अकर्मक क्रिया नहीं है।
इस प्रकार, "हथिया" शब्द का प्रयोग नामधातु क्रिया के रूप में किया गया है, जो इसे विकल्प 3 के अनुसार सही उत्तर बनाता है।