HTET परीक्षा - Level 3 PGT - हिंदी
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 3 PGT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 221
"दस करोड़ की लागत से बना महाविद्यालय उजड़ गया है।"
रेखांकित वाक्यांश किस विशेषण का उदाहरण है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
"दस करोड़" रेखांकित वाक्यांश पूर्णांकबोधक विशेषण का उदाहरण है क्योंकि यह एक निश्चित और पूरी संख्या (दस करोड़) को दर्शाता है। पूर्णांकबोधक विशेषण वे विशेषण होते हैं जो निश्चित संख्या का बोध कराते हैं। यहाँ, "दस करोड़" एक स्पष्ट और पूर्ण संख्या है, जो महाविद्यालय की लागत को दर्शाती है।
अब, अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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अपूर्णांकबोधक: अपूर्णांकबोधक विशेषण वे होते हैं जो पूरी संख्या का बोध नहीं कराते, बल्कि किसी संख्या के अंश या भाग को दर्शाते हैं, जैसे "आधा," "चौथाई," या "कुछ।" "दस करोड़" एक पूर्ण संख्या है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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समुदायवाचक: समुदायवाचक विशेषण किसी समूह या समुदाय को दर्शाते हैं, जैसे "दोनों," "तीनों," या "चारों।" "दस करोड़" किसी समूह को नहीं दर्शाता, बल्कि एक निश्चित संख्या को दर्शाता है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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क्रमवाचक: क्रमवाचक विशेषण किसी क्रम या स्थान को दर्शाते हैं, जैसे "पहला," "दूसरा," या "दसवाँ।" "दस करोड़" किसी क्रम को नहीं दर्शाता, बल्कि एक निश्चित संख्या को दर्शाता है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
इसलिए, केवल पूर्णांकबोधक विशेषण ही रेखांकित वाक्यांश "दस करोड़" के लिए सही विकल्प है, क्योंकि यह एक निश्चित और पूरी संख्या को दर्शाता है।
प्रश्न 222
इनमें से किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 2 सही है क्योंकि "वह लड़का नहीं आया" वाक्य में, "वह" शब्द 'लड़का' संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बता रहा है। यहाँ "वह" शब्द सार्वनामिक विशेषण के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जो किसी सर्वनाम का विशेषण के रूप में प्रयोग होने पर बनता है। यह 'लड़का' को निश्चित कर रहा है कि किस लड़के की बात हो रही है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
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"यह राम की क़लम है" में, "यह" शब्द सर्वनाम है, लेकिन यह 'क़लम' की विशेषता नहीं बता रहा, बल्कि उसे इंगित कर रहा है। यह सार्वनामिक विशेषण नहीं है, बल्कि संकेतवाचक सर्वनाम है।
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"किसी को बुलाकर सफाई करा लो" में, "किसी" शब्द अनिश्चित सर्वनाम है, लेकिन यह किसी संज्ञा की विशेषता नहीं बता रहा है। यह वाक्य किसी अनिश्चित व्यक्ति को बुलाने की बात कर रहा है, लेकिन "किसी" विशेषण के रूप में प्रयुक्त नहीं हुआ है।
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"बच्चे के साथ कोई था" में, "कोई" शब्द अनिश्चित सर्वनाम है, लेकिन यह 'बच्चे' या 'था' में से किसी की भी विशेषता नहीं बता रहा है। यह वाक्य सिर्फ बच्चे के साथ किसी व्यक्ति के होने की जानकारी दे रहा है।
प्रश्न 223
निम्नांकित में प्रेरणार्थक धातु नहीं है -
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उत्तर और व्याख्या
Option 4 सही उत्तर है क्योंकि 'जगना' एक मूल धातु है, प्रेरणार्थक धातु नहीं।
यहाँ अन्य विकल्पों की व्याख्या दी गई है:
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समझाना: यह 'समझना' क्रिया का प्रेरणार्थक रूप है। प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी और को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। 'समझाना' में, कोई व्यक्ति किसी और को समझने के लिए प्रेरित कर रहा है।
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पिलाना: यह 'पीना' क्रिया का प्रेरणार्थक रूप है। इसमें कर्ता स्वयं न पीकर किसी और को पिला रहा है।
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धुलवाना: यह 'धोना' क्रिया का प्रेरणार्थक रूप है। इसमें कर्ता स्वयं न धोकर किसी और से धुलवा रहा है।
'जगना' एक अकर्मक क्रिया है और इसका कोई प्रेरणार्थक रूप नहीं है। इसलिए, 'जगना' प्रेरणार्थक धातु नहीं है।
प्रश्न 224
इनमें से कौन-सा शब्द 'समुच्चयबोधक' अव्यय नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
'एकाएक' शब्द समुच्चयबोधक अव्यय नहीं है, क्योंकि यह एक क्रियाविशेषण (adverb) है। क्रियाविशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, जैसे कि 'वह एकाएक चला गया'। यहाँ 'एकाएक' क्रिया 'चला गया' की विशेषता बता रहा है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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यद्यपि: यह एक समुच्चयबोधक अव्यय है जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ता है, और विरोधाभास दर्शाता है। उदाहरण: "यद्यपि वह गरीब है, फिर भी ईमानदार है।"
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मगर: यह भी एक समुच्चयबोधक अव्यय है जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ता है, और विरोध या अंतर दर्शाता है। उदाहरण: "मैं जाना चाहता था, मगर जा नहीं पाया।"
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अर्थात्: यह एक समुच्चयबोधक अव्यय है जो स्पष्टीकरण या परिभाषा देने के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण: "उसे बुखार है, अर्थात् वह बीमार है।"
इसलिए, केवल 'एकाएक' ही समुच्चयबोधक अव्यय नहीं है, बल्कि एक क्रियाविशेषण है। इसलिए विकल्प 1 सही है।
प्रश्न 225
किस विकल्प में ‘क्रियाविशेषण’ प्रयुक्त नहीं हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 2 सही है क्योंकि इसमें क्रियाविशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है।
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Option 2 सही क्यों है: "मैं बैंगलोर से दिल्ली जा रहा हूँ।" इस वाक्य में, "बैंगलोर" और "दिल्ली" दोनों स्थान के नाम हैं और "जा रहा हूँ" क्रिया है। "से" एक कारक चिह्न है जो दो स्थानों के बीच संबंध दर्शाता है। इस वाक्य में कोई भी शब्द क्रिया की विशेषता नहीं बता रहा है, इसलिए इसमें क्रियाविशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है।
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अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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Option 1: मैंने बहुत समझाया परन्तु वह नहीं माना। इस वाक्य में "बहुत" शब्द "समझाया" क्रिया की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण है। "बहुत" क्रिया की मात्रा बता रहा है।
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Option 3: वह बिना बताए अचानक चला गया। इस वाक्य में "अचानक" शब्द "चला गया" क्रिया की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण है। "अचानक" क्रिया के होने के तरीके को बता रहा है।
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Option 4: यह पत्रिका प्रतीमाह छपती है। इस वाक्य में "प्रतीमाह" शब्द "छपती है" क्रिया की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण है। "प्रतीमाह" क्रिया के होने की आवृत्ति बता रहा है।
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प्रश्न 226
क्रिया शब्दों के विषय में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
क्रिया शब्दों के विषय में कथन 4 सही नहीं है, क्योंकि सभी प्रेरणार्थक क्रियाएँ अकर्मक नहीं होती हैं। प्रेरणार्थक क्रियाएँ वे होती हैं जिनमें कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी और को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
कथन 4 सही क्यों है:
प्रेरणार्थक क्रियाएँ सकर्मक और अकर्मक दोनों हो सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मूल क्रिया सकर्मक है या अकर्मक। यदि मूल क्रिया सकर्मक है, तो प्रेरणार्थक क्रिया भी सकर्मक होगी। उदाहरण के लिए:
- मूल क्रिया (सकर्मक): खाना (राम खाना खाता है)
- प्रेरणार्थक क्रिया (सकर्मक): खिलाना (माँ राम को खाना खिलाती है)
यहाँ 'खिलाना' प्रेरणार्थक क्रिया है और यह सकर्मक है क्योंकि इसमें कर्म (खाना) मौजूद है।
यदि मूल क्रिया अकर्मक है, तो प्रेरणार्थक क्रिया भी अकर्मक हो सकती है, लेकिन यह आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए:
- मूल क्रिया (अकर्मक): उठना (राम उठता है)
- प्रेरणार्थक क्रिया (सकर्मक): उठाना (माँ राम को उठाती है)
यहाँ 'उठाना' प्रेरणार्थक क्रिया है और यह सकर्मक है क्योंकि इसमें कर्म (राम) मौजूद है।
इसलिए, यह कहना गलत है कि सभी प्रेरणार्थक क्रियाएँ अकर्मक होती हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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विकल्प 1: कर्म के आधार पर, क्रियाएँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं - सकर्मक और अकर्मक। यह कथन सही है। सकर्मक क्रियाओं में कर्म होता है, जबकि अकर्मक क्रियाओं में कर्म नहीं होता।
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विकल्प 2: प्रयोग के आधार पर कुछ क्रिया शब्द सकर्मक और अकर्मक दोनों तरह से प्रयुक्त होते हैं। यह कथन भी सही है। कुछ क्रियाएँ वाक्य में प्रयोग के आधार पर सकर्मक या अकर्मक हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, 'पढ़ना' क्रिया सकर्मक (राम किताब पढ़ता है) और अकर्मक (राम पढ़ता है) दोनों हो सकती है।
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विकल्प 3: द्विकर्मक क्रियाओं में एक कर्म प्राणिबोधक और दूसरा कर्म पदार्थबोधक होता है। यह कथन भी सही है। द्विकर्मक क्रियाओं में दो कर्म होते हैं - एक प्रत्यक्ष कर्म (पदार्थबोधक) और एक अप्रत्यक्ष कर्म (प्राणिबोधक)। उदाहरण के लिए, "शिक्षक ने छात्रों को पुस्तक दी" में 'पुस्तक' पदार्थबोधक है और 'छात्रों' प्राणिबोधक है।
प्रश्न 227
निम्नलिखित में विशेषणयुक्त वाक्य कौन-सा है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 1 सही है क्योंकि इसमें विशेषण का प्रयोग हुआ है। वाक्य "मोहन अनेक कलाओं में पारंगत है" में, "अनेक" शब्द "कलाओं" की विशेषता बता रहा है। "अनेक" एक संख्यावाचक विशेषण है जो कलाओं की संख्या को निर्दिष्ट करता है। इसलिए, यह वाक्य विशेषणयुक्त है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
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Option 2: हमें बुराई से बचना चाहिए। इस वाक्य में कोई भी शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता नहीं बता रहा है। "बुराई" एक भाववाचक संज्ञा है, लेकिन वाक्य में कोई विशेषण नहीं है जो इसकी विशेषता बताए।
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Option 3: बच्चों की सफलता से माता-पिता को प्रसन्नता होती है। इस वाक्य में "सफलता" एक संज्ञा है और "प्रसन्नता" एक भाव है, लेकिन कोई भी शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता नहीं बता रहा है।
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Option 4: वह बिना बताए अचानक चला गया। इस वाक्य में "अचानक" एक क्रियाविशेषण है, जो क्रिया "चला गया" की विशेषता बता रहा है, न कि किसी संज्ञा या सर्वनाम की। इसलिए, यह वाक्य विशेषणयुक्त नहीं है।
इसलिए, केवल Option 1 ही विशेषणयुक्त वाक्य है।
प्रश्न 228
कौन-सा कथन सही नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
कथन 1 सही नहीं है क्योंकि सभी विद्वानों ने क्रियाविशेषणों के केवल दो भेद (रीतिवाचक और कालवाचक) नहीं माने हैं। क्रियाविशेषणों के मुख्यतः चार भेद माने जाते हैं: रीतिवाचक, कालवाचक, स्थानवाचक और परिमाणवाचक। कुछ विद्वान इन्हें और भी उपभेदों में विभाजित करते हैं, लेकिन मूल रूप से चार भेद सर्वमान्य हैं। इसलिए, यह कहना कि सभी विद्वानों ने केवल दो भेद माने हैं, गलत है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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विकल्प 2: प्रयोग के अनुसार संबंधसूचक अव्यय दो प्रकार के होते हैं - संबद्ध और अनुबद्ध या असंबद्ध। यह कथन सही है। संबंधसूचक अव्यय वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम के साथ संबंध दर्शाते हैं और प्रयोग के आधार पर इन्हें संबद्ध (जो संज्ञा के साथ आते हैं) और अनुबद्ध (जो संज्ञा से अलग आते हैं) में वर्गीकृत किया जा सकता है।
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विकल्प 3: समुच्चयबोधक अव्ययों के मुख्यतः दो भेद हैं – समानाधिकरण और व्यधिकरण। यह कथन भी सही है। समुच्चयबोधक अव्यय दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं और इन्हें समानाधिकरण (समान स्तर के वाक्यों को जोड़ने वाले) और व्यधिकरण (आश्रित वाक्यों को जोड़ने वाले) में विभाजित किया जाता है।
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विकल्प 4: विस्मयादिबोधक शब्द वाक्य से स्वतंत्र होते हैं। यह कथन भी सही है। विस्मयादिबोधक शब्द आश्चर्य, हर्ष, शोक आदि भावों को व्यक्त करते हैं और इनका वाक्य की संरचना पर सीधा प्रभाव नहीं होता; ये स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होते हैं।
इसलिए, केवल विकल्प 1 गलत है क्योंकि यह क्रियाविशेषणों के भेदों की संख्या को गलत बताता है।
प्रश्न 229
सर्वनाम विषयक कौन-सा विवरण गलत है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 4 सही है क्योंकि 'आप' का प्रयोग केवल आदर दर्शाने के लिए ही नहीं होता, बल्कि मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम के रूप में स्वयं के लिए भी होता है। उदाहरण के लिए, "आप क्या कर रहे हैं?" में 'आप' आदर दर्शाने के साथ-साथ सुनने वाले व्यक्ति को संदर्भित करता है।
अब अन्य विकल्पों की गलत व्याख्या:
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ये संज्ञा के स्थानापन्न होते हैं। यह कथन सही है क्योंकि सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है। उदाहरण के लिए, "राम एक अच्छा लड़का है। वह हमेशा सच बोलता है।" यहाँ 'वह' सर्वनाम है जो 'राम' संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।
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'यह' निश्चयवाचक और पुरुषवाचक सर्वनाम है। 'यह' निश्चयवाचक सर्वनाम तो है, लेकिन पुरुषवाचक सर्वनाम नहीं है। पुरुषवाचक सर्वनाम 'मैं', 'तुम', 'वह' आदि होते हैं। 'यह' किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति की ओर संकेत करता है, इसलिए निश्चयवाचक है।
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'कोई' अनिश्चयवाचक सर्वनाम है। यह कथन सही है क्योंकि 'कोई' अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, "दरवाजे पर कोई है।" यहाँ 'कोई' अनिश्चित है।
प्रश्न 230
किस वाक्य में विशेषण संबंधिनी अशुद्धि है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 4 सही है क्योंकि इसमें विशेषण संबंधी अशुद्धि है। वाक्य "यह चित्र सबसे सर्वोत्तम सुन्दर है" में "सबसे" और "सर्वोत्तम" दोनों का प्रयोग एक साथ किया गया है। "सर्वोत्तम" का अर्थ ही होता है "सबसे उत्तम" या "सबसे अच्छा"। इसलिए, "सबसे" का प्रयोग अनावश्यक है और वाक्य को व्याकरणिक रूप से गलत बनाता है। सही वाक्य होना चाहिए "यह चित्र सर्वोत्तम सुन्दर है" या "यह चित्र सबसे सुन्दर है"।
अब, अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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किसी दूसरे लड़के को बुलाओ: इस वाक्य में कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "दूसरे" शब्द का प्रयोग लड़के की विशेषता बताने के लिए सही ढंग से किया गया है।
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सब लोग अपना-अपना काम करो: इस वाक्य में भी कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "अपना-अपना" शब्द का प्रयोग प्रत्येक व्यक्ति के काम को दर्शाने के लिए सही है।
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अंगूर बहुत खट्टे हैं: इस वाक्य में भी कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "खट्टे" शब्द अंगूर की विशेषता बता रहा है और इसका प्रयोग सही है।
इसलिए, केवल Option 4 में विशेषण संबंधी अशुद्धि है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 231
किस वाक्य में 'संबंधसूचक अव्यय' का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
'आज विराट की जगह रोहित खेलेगा' वाक्य में 'संबंधसूचक अव्यय' का प्रयोग हुआ है क्योंकि 'की जगह' शब्द विराट और रोहित के बीच संबंध स्थापित कर रहा है। यह बता रहा है कि रोहित, विराट के स्थान पर खेलेगा। 'की जगह' एक संबंधसूचक अव्यय है जो दो संज्ञाओं या सर्वनामों के बीच संबंध दर्शाता है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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मैं भली-भाँति जानता हूँ।: इस वाक्य में 'भली-भाँति' क्रियाविशेषण है, जो जानने की क्रिया की विशेषता बता रहा है। इसमें संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है।
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यदि तुम सत्य बोलोगे तो इनाम पाओगे।: इस वाक्य में 'यदि...तो' समुच्चयबोधक अव्यय हैं, जो दो वाक्यों को जोड़ रहे हैं। यह शर्त और परिणाम के बीच संबंध दिखा रहा है, लेकिन यह संबंधसूचक अव्यय नहीं है।
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बाप रे! अँधेरे में कोई खड़ा है।: इस वाक्य में 'बाप रे!' विस्मयादिबोधक अव्यय है, जो आश्चर्य या विस्मय का भाव व्यक्त कर रहा है। इसमें संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है।
इसलिए, केवल विकल्प 2 में ही 'संबंधसूचक अव्यय' का सही प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 232
निम्न में से किस वाक्य में अकर्मक क्रिया का प्रयोग हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
लड़के मैदान में दौड़ रहे हैं।
व्याख्या:
अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसका कर्म नहीं होता, अर्थात क्रिया का फल कर्ता पर ही पड़ता है।
- विकल्प 3 सही है क्योंकि: "लड़के मैदान में दौड़ रहे हैं" वाक्य में 'दौड़ रहे हैं' क्रिया है। इस क्रिया का कोई कर्म नहीं है। दौड़ने का प्रभाव सीधे लड़कों पर पड़ रहा है। 'मैदान में' क्रिया का स्थान बता रहा है, कर्म नहीं। इसलिए यह अकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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विकल्प 1: गीता विद्यालय जाती है। इस वाक्य में 'जाती है' क्रिया है। 'विद्यालय' कर्म है, क्योंकि गीता के जाने का प्रभाव विद्यालय पर पड़ रहा है (वह विद्यालय पहुँच रही है)। इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
-
विकल्प 2: सोहन भोजन कर रहा है। इस वाक्य में 'कर रहा है' क्रिया है। 'भोजन' कर्म है, क्योंकि सोहन के करने का प्रभाव भोजन पर पड़ रहा है (वह भोजन खा रहा है)। इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
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विकल्प 4: अंजलि ने अध्यापक को कविता सुनाई। इस वाक्य में 'सुनाई' क्रिया है। 'कविता' कर्म है, क्योंकि अंजलि के सुनाने का प्रभाव कविता पर पड़ रहा है (कविता सुनाई जा रही है)। 'अध्यापक को' भी कर्म है (द्विकर्मक क्रिया)। इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
अतः, केवल विकल्प 3 में अकर्मक क्रिया का प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 233
‘सर्वनाम’ विकारी पद है। इसके विकारक माने जाते हैं :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
‘सर्वनाम’ विकारी पद है। इसके विकारक वचन तथा कारक माने जाते हैं, क्योंकि:
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वचन (Number): सर्वनाम शब्दों का रूप वचन के अनुसार बदलता है। उदाहरण के लिए, 'मैं' एकवचन है, जबकि 'हम' बहुवचन है। इसी प्रकार, 'यह' एकवचन और 'ये' बहुवचन हैं। वचन के बदलने से सर्वनाम का रूप बदल जाता है, इसलिए वचन सर्वनाम का विकारक है।
-
कारक (Case): सर्वनाम शब्दों का रूप कारक के अनुसार बदलता है। कारक, संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य शब्दों के साथ संबंध दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 'मैं' कर्ता कारक में है, लेकिन 'मुझे' कर्म कारक में है। इसी प्रकार, 'वह' कर्ता कारक में है, लेकिन 'उसने' कर्ता कारक में (भूतकाल में) और 'उसको' कर्म कारक में है। कारक के बदलने से सर्वनाम का रूप बदल जाता है, इसलिए कारक सर्वनाम का विकारक है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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विकल्प 2: वचन तथा लिंग: वचन सर्वनाम का विकारक है, यह सही है। लेकिन, सर्वनाम शब्दों में लिंग के कारण प्रत्यक्ष रूप से परिवर्तन नहीं होता। कुछ सर्वनाम (जैसे 'यह', 'वह') लिंग के अनुसार बदलते हुए प्रतीत होते हैं, लेकिन यह परिवर्तन विशेषण के कारण होता है जो सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होता है, न कि सर्वनाम के अपने रूप में। उदाहरण के लिए, "यह लड़का" और "यह लड़की" में 'यह' सर्वनाम समान है, लिंग का प्रभाव 'लड़का' और 'लड़की' पर है। इसलिए, लिंग सर्वनाम का मुख्य विकारक नहीं है।
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विकल्प 3: लिंग, काल तथा पुरुष: लिंग सर्वनाम का विकारक नहीं है (जैसा कि ऊपर बताया गया है)। काल (Tense) क्रिया का विकारक है, सर्वनाम का नहीं। पुरुष (Person) सर्वनाम का एक पहलू है (जैसे प्रथम पुरुष, मध्यम पुरुष, उत्तम पुरुष), लेकिन यह विकारक नहीं है। विकारक वे तत्व हैं जिनके कारण शब्द का रूप बदलता है।
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विकल्प 4: वाच्य, कारक तथा वचन: कारक और वचन सर्वनाम के विकारक हैं, यह सही है। लेकिन, वाच्य (Voice) क्रिया का विकारक है, सर्वनाम का नहीं। वाच्य परिवर्तन से वाक्य की संरचना बदलती है, लेकिन सर्वनाम के रूप में प्रत्यक्ष परिवर्तन नहीं होता।
इसलिए, केवल विकल्प 1: वचन तथा कारक ही सर्वनाम के विकारक हैं।
प्रश्न 234
स्वर्ण श्रृंखला और लाल किरण' में रेखांकित शब्द हैं :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
सही विकल्प 1 है:
दिए गए वाक्यांश 'स्वर्ण श्रृंखला' और 'लाल किरण' में 'स्वर्ण' (सोने जैसी) और 'लाल' शब्द क्रमशः 'श्रृंखला' और 'किरण' की विशेषता बता रहे हैं। व्याकरण की दृष्टि से, जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार या दशा का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहा जाता है। यहाँ 'स्वर्ण' श्रृंखला के रंग और मूल्यवान होने के गुण को दर्शाता है, जबकि 'लाल' शब्द किरण के रंग रूपी गुण को स्पष्ट कर रहा है। अतः ये दोनों शब्द संज्ञा की आंतरिक या बाह्य विशेषता प्रकट करने के कारण गुणवाचक विशेषण की श्रेणी में आते हैं।
गलत विकल्प 2 है:
संख्यावाचक विशेषण उन शब्दों को कहते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं, जैसे- चार, पाँच, सातवाँ या दुगुना। 'स्वर्ण' और 'लाल' शब्दों से किसी भी प्रकार की गिनती या क्रम का पता नहीं चलता है। ये शब्द यह नहीं बताते कि श्रृंखलाएँ कितनी हैं या किरणें कितनी संख्या में हैं। चूँकि यहाँ गणना संबंधी कोई भी सूचना प्राप्त नहीं हो रही है, इसलिए इसे संख्यावाचक विशेषण नहीं माना जा सकता। यह विकल्प केवल तभी सही होता जब वाक्य में 'दो श्रृंखला' या 'तीन किरण' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया होता।
गलत विकल्प 3 है:
परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग वस्तुओं की नाप, तौल या मात्रा बताने के लिए किया जाता है, जैसे- दो लीटर दूध या थोड़ा पानी। 'स्वर्ण' और 'लाल' शब्द किसी वस्तु की भौतिक मात्रा या वजन को नहीं माप रहे हैं। ये केवल संज्ञा के रंग और प्रकृति के बारे में जानकारी दे रहे हैं, न कि उनके परिमाण के बारे में। चूँकि स्वर्ण और लाल से किसी वजन या लंबाई-चौड़ाई का बोध नहीं होता, इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा पर खरा नहीं उतरता। अतः इस विकल्प को सही उत्तर के रूप में नहीं चुना जा सकता।
गलत विकल्प 4 है:
सार्वनामिक विशेषण वे सर्वनाम शब्द होते हैं जो संज्ञा से पहले आकर विशेषण की तरह कार्य करते हैं, जैसे- 'वह' घर या 'यह' लड़का। यहाँ 'स्वर्ण' और 'लाल' मूलतः विशेषण शब्द हैं, न कि सर्वनाम जो संज्ञा की ओर संकेत कर रहे हों। ये शब्द स्वतंत्र रूप से विशेषण का कार्य कर रहे हैं और किसी संकेतवाचक सर्वनाम की भूमिका में नहीं हैं। सार्वनामिक विशेषण होने के लिए शब्द का सर्वनाम होना अनिवार्य शर्त है, जो यहाँ पूरी नहीं होती। इसलिए, इसे सार्वनामिक विशेषण कहना तर्कसंगत नहीं होगा।
प्रश्न 235
यह घर मेरा है' वाक्य में रेखांकित पद है ('यह' शब्द रेखांकित पद है):
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
वाक्य "यह घर मेरा है" में 'यह' शब्द रेखांकित पद है। इस वाक्य में 'यह' शब्द का विश्लेषण करते हुए हम निम्नलिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हैं:
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निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण (Option 2): 'यह' शब्द एक निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण है क्योंकि यह किसी विशेष संज्ञा 'घर' की ओर संकेत करता है और उसे विशेष रूप से पहचानता है। निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के पहले आकर उसे विशेष रूप से पहचानने का कार्य करते हैं। यहाँ 'यह' शब्द 'घर' की विशेषता को स्पष्ट कर रहा है कि यह विशेष घर किसका है। इसलिए, यह विकल्प सही है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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निश्चयवाचक सर्वनाम (Option 1): निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं, लेकिन यहाँ 'यह' शब्द विशेषण के रूप में कार्य कर रहा है, न कि केवल सर्वनाम के रूप में। इसलिए, यह विकल्प सही नहीं है।
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अन्यपुरुष सर्वनाम (Option 3): अन्यपुरुष सर्वनाम वे होते हैं जो तीसरे व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं, जैसे 'वह', 'वे' आदि। 'यह' शब्द प्रथम पुरुष की ओर संकेत करता है, इसलिए यह अन्यपुरुष सर्वनाम नहीं है। अतः यह विकल्प गलत है।
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गुणवाचक विशेषण (Option 4): गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की गुण, मात्रा, या संख्या बताते हैं। 'यह' शब्द किसी गुण, मात्रा, या संख्या को नहीं दर्शा रहा है, बल्कि यह एक निश्चित वस्तु की पहचान कर रहा है। इसलिए, यह विकल्प भी सही नहीं है।
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इस प्रकार, 'यह' शब्द निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण के रूप में सही विकल्प है, जो विशेष रूप से 'घर' की पहचान कर रहा है।
प्रश्न 236
आप भला तो जग भला' वाक्य किस सर्वनाम का उदाहरण बनेगा ?
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "आप भला तो जग भला" में 'आप' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो निजवाचक सर्वनाम का उदाहरण है। निजवाचक सर्वनाम वे सर्वनाम होते हैं जो व्यक्ति विशेष के लिए प्रयोग किए जाते हैं और जिनका संबंध स्वयं से होता है। यहाँ 'आप' का प्रयोग व्यक्ति विशेष के लिए किया गया है, जो यह दर्शाता है कि यदि व्यक्ति स्वयं अच्छा है, तो पूरा संसार अच्छा है। इस प्रकार, यह निजवाचक सर्वनाम का सही उदाहरण है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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संबंधवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम उन शब्दों के लिए प्रयोग होता है जो किसी संबंध को दर्शाते हैं, जैसे 'जो', 'जिसने', 'जिसका' आदि। वाक्य में ऐसा कोई संबंधवाचक सर्वनाम नहीं है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
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निश्चयवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम निश्चितता को दर्शाने के लिए प्रयोग होता है, जैसे 'यह', 'वह', 'ये', 'वे' आदि। वाक्य में 'आप' का प्रयोग निश्चितता के लिए नहीं किया गया है, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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पुरुषवाचक सर्वनाम: यह सर्वनाम व्यक्ति के लिंग या संख्या को दर्शाने के लिए प्रयोग होता है, जैसे 'वह', 'वे', 'यह', 'ये' आदि। 'आप' का प्रयोग यहाँ किसी विशेष लिंग या संख्या को दर्शाने के लिए नहीं किया गया है, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
इस प्रकार, 'आप भला तो जग भला' वाक्य में 'आप' का प्रयोग निजवाचक सर्वनाम के रूप में किया गया है, जो विकल्प 2 को सही ठहराता है।
प्रश्न 237
निम्न में से किस विकल्प में अविकारी पद नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: निम्न में से किस विकल्प में अविकारी पद नहीं है?
सही उत्तर: विकल्प 2 (सर्वनाम)
विस्तृत व्याख्या:
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सर्वनाम (विकल्प 2): सर्वनाम एक विकारी पद है। विकारी पद वे शब्द होते हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार परिवर्तन होता है। सर्वनाम शब्द जैसे "वह", "यह", "मैं", "तुम" आदि वाक्य में अपने स्थान और संदर्भ के अनुसार बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, "वह" का प्रयोग एकवचन में होता है जबकि "वे" का प्रयोग बहुवचन में होता है। इस प्रकार, सर्वनाम में परिवर्तन होता है, इसलिए यह अविकारी पद नहीं है।
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संबंधसूचक (विकल्प 1): संबंधसूचक शब्द अविकारी पद होते हैं। ये शब्द वाक्य में संबंध को दर्शाते हैं और इनमें कोई परिवर्तन नहीं होता। जैसे "का", "की", "के" आदि। ये शब्द अपने स्वरूप में स्थिर रहते हैं और किसी भी प्रकार का लिंग, वचन या कारक परिवर्तन नहीं दर्शाते।
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समुच्चयबोधक (विकल्प 3): समुच्चयबोधक शब्द भी अविकारी पद होते हैं। ये शब्द वाक्य में विभिन्न पदों या वाक्यांशों को जोड़ने का कार्य करते हैं, जैसे "और", "लेकिन", "या" आदि। इन शब्दों में भी कोई परिवर्तन नहीं होता है, इसलिए ये अविकारी पद हैं।
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क्रिया-विशेषण (विकल्प 4): क्रिया-विशेषण भी अविकारी पद होते हैं। ये शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं और इनमें कोई परिवर्तन नहीं होता। जैसे "धीरे", "जल्दी", "अच्छी तरह" आदि। ये शब्द अपने स्वरूप में स्थिर रहते हैं और किसी भी प्रकार का लिंग, वचन या कारक परिवर्तन नहीं दर्शाते।
इस प्रकार, विकल्प 2 (सर्वनाम) सही उत्तर है क्योंकि यह एक विकारी पद है, जबकि अन्य सभी विकल्प अविकारी पद हैं।
प्रश्न 238
यह समस्या मैं आप ही हल कर लूँगा। रेखांकित पद का सर्वनामभेद बताइए :
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उत्तर और व्याख्या
रेखांकित पद "मैं" का सर्वनामभेद "निजवाचक" है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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निजवाचक सर्वनाम: निजवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी व्यक्ति के स्वयं के बारे में बात करते हैं। उदाहरण के लिए, "मैं", "तुम", "हम" आदि। वाक्य में "मैं" का प्रयोग वक्ता के स्वयं के लिए किया गया है, जो यह दर्शाता है कि वक्ता स्वयं उस कार्य को करने की बात कर रहा है। इसलिए, "मैं" यहाँ निजवाचक सर्वनाम है।
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अन्य विकल्पों की गलतियाँ:
- संबंधवाचक: संबंधवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ने का काम करते हैं, जैसे "जो", "जिसने", "जिसे" आदि। यहाँ "मैं" का प्रयोग किसी संबंध को जोड़ने के लिए नहीं किया गया है, इसलिए यह संबंधवाचक नहीं है।
- पुरुषवाचक: पुरुषवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के लिए प्रयुक्त होते हैं, जैसे "वह", "यह", "वे" आदि। "मैं" का प्रयोग वक्ता के लिए किया गया है, जो पुरुषवाचक की श्रेणी में नहीं आता।
- निश्चयवाचक: निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चितता या निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान को दर्शाते हैं, जैसे "यह", "वह" आदि। "मैं" का प्रयोग किसी निश्चितता को दर्शाने के लिए नहीं किया गया है, इसलिए यह निश्चयवाचक नहीं है।
इस प्रकार, दिए गए वाक्य में "मैं" का प्रयोग निजवाचक सर्वनाम के रूप में किया गया है, जो विकल्प 3 को सही ठहराता है।
प्रश्न 239
किस वाक्य में सर्वनाम पदबंध का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
सर्वनाम पदबंध का प्रयोग उस स्थिति में होता है जब वाक्य में किसी संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है।
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मेरे रिश्तेदारों में से कोई समय पर नहीं पहुँचा।
इस वाक्य में "कोई" शब्द का प्रयोग सर्वनाम के रूप में किया गया है। "कोई" यहाँ पर "रिश्तेदारों" के लिए प्रयुक्त हुआ है, जो कि एक संज्ञा है। इस प्रकार, यह वाक्य सर्वनाम पदबंध का सही उदाहरण है। -
रिश्तों में स्वार्थ देखने वाले युवा सान्निध्य की ऊष्मा पहचानें।
इस वाक्य में कोई सर्वनाम पदबंध नहीं है। यहाँ पर "रिश्तों" और "युवा" जैसे शब्द संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुए हैं, और कोई सर्वनाम का प्रयोग नहीं किया गया है। -
राम ने लंका के अत्याचारी, राक्षस-राज रावण को मार डाला।
इस वाक्य में भी कोई सर्वनाम पदबंध नहीं है। यहाँ पर "राम", "लंका", "राक्षस-राज रावण" जैसे शब्द संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुए हैं। -
पाँचवीं मंजिल से गिरा, मरेगा नहीं तो क्या जिंदा रहेगा।
इस वाक्य में भी कोई सर्वनाम पदबंध नहीं है। यहाँ पर "पाँचवीं मंजिल" और "मरेगा", "जिंदा रहेगा" जैसे शब्द संज्ञा और क्रिया के रूप में प्रयुक्त हुए हैं।
इस प्रकार, केवल विकल्प 1 में ही सर्वनाम पदबंध का प्रयोग हुआ है, इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 240
सामने जो बड़ा-सा मकान दिखाई दे रहा है, वह मेरा है – रेखांकित पद का सर्वनाम भेद इंगित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
रेखांकित पद "वह" का सर्वनाम भेद संबंधवाचक है, और इसे सही विकल्प के रूप में इंगित किया गया है। आइए इसे विस्तार से समझें:
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संबंधवाचक सर्वनाम: संबंधवाचक सर्वनाम वह होता है जो किसी विशेष संज्ञा या सर्वनाम के साथ संबंध स्थापित करता है। वाक्य में "वह" शब्द उस मकान की ओर इशारा कर रहा है जो पहले से ही संदर्भित है। यह मकान और वक्ता के बीच संबंध को दर्शाता है, इसलिए यह संबंधवाचक सर्वनाम है।
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अन्य विकल्पों की गलतियाँ:
- प्रश्नवाचक सर्वनाम: प्रश्नवाचक सर्वनाम वह होता है जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे "कौन", "क्या" आदि। चूंकि "वह" किसी प्रश्न को नहीं दर्शा रहा है, इसलिए यह प्रश्नवाचक नहीं है।
- निजवाचक सर्वनाम: निजवाचक सर्वनाम वह होता है जो व्यक्ति विशेष के लिए प्रयोग होता है, जैसे "मैं", "तुम" आदि। "वह" किसी व्यक्ति विशेष को नहीं दर्शा रहा है, इसलिए यह निजवाचक नहीं है।
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम: अनिश्चयवाचक सर्वनाम वह होता है जो किसी अनिश्चित वस्तु या व्यक्ति को दर्शाता है, जैसे "कोई", "कुछ" आदि। "वह" एक निश्चित मकान की ओर इशारा कर रहा है, इसलिए यह अनिश्चयवाचक नहीं है।
इस प्रकार, "वह" का सही सर्वनाम भेद संबंधवाचक है, और विकल्प 2 सही है।