HTET परीक्षा - Level 3 PGT - हिंदी
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 3 PGT की तैयारी
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 141
किस विकल्प के शब्द तत्सम नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 1: बयार, काज
विकल्प 1 सही उत्तर है क्योंकि "बयार" और "काज" शब्द तत्सम नहीं हैं। तत्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से सीधे लिए गए होते हैं और जिनका रूप लगभग अपरिवर्तित रहता है। "बयार" और "काज" दोनों ही शब्द तद्भव शब्द हैं, जो संस्कृत से विकसित होकर हिंदी में आए हैं और जिनका रूप बदल गया है। "बयार" का अर्थ हवा होता है और यह शब्द हिंदी में प्रचलित है, जबकि "काज" का अर्थ काम होता है। ये दोनों शब्द संस्कृत के मूल रूप से भिन्न हैं।
विकल्प 2: आज्ञा, राजा
"आज्ञा" और "राजा" दोनों ही तत्सम शब्द हैं। "आज्ञा" संस्कृत शब्द "आज्ञा" से लिया गया है और "राजा" संस्कृत के "राजन्" से लिया गया है। इनका रूप और अर्थ संस्कृत में भी लगभग समान है।
विकल्प 3: स्वामी, पक्ष
"स्वामी" और "पक्ष" भी तत्सम शब्द हैं। "स्वामी" संस्कृत के "स्वामिन्" से लिया गया है और "पक्ष" संस्कृत के "पक्ष" से लिया गया है। इन शब्दों का रूप और अर्थ संस्कृत में भी समान है।
विकल्प 4: कर्ण, वत्स
"कर्ण" और "वत्स" भी तत्सम शब्द हैं। "कर्ण" संस्कृत के "कर्ण" से लिया गया है और "वत्स" संस्कृत के "वत्स" से लिया गया है। इनका रूप और अर्थ संस्कृत में भी समान है।
इस प्रकार, विकल्प 1 सही उत्तर है क्योंकि इसमें दिए गए शब्द तत्सम नहीं हैं।
प्रश्न 142
कौन-सा युग्म संगत नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न 143
तत्सम तद्भव शब्दों के संदर्भ में अनुपयुक्त विकल्प चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
The correct option is 2:
तत्सम और तद्भव शब्द वे होते हैं जिनमें तत्सम शब्द संस्कृत के मूल शब्द होते हैं और तद्भव शब्द उन्हीं से विकसित होकर हिंदी में आए होते हैं। हमें अनुपयुक्त (गलत) जोड़े को पहचानना है। विकल्प 2, जृम्भिका - जवाँई, अनुपयुक्त है क्योंकि 'जृम्भिका' का तद्भव रूप 'जँभाई' या 'जमाई' (यानी उबासी) होता है, जबकि 'जवाँई' (दामाद) का तत्सम रूप 'जामातृ' होता है। यहाँ 'जृम्भिका' को 'जवाँई' से जोड़ना व्याकरणिक रूप से गलत है, क्योंकि ये दोनों शब्द अलग-अलग अर्थ और मूल रखते हैं। इस प्रकार, यह जोड़ा तत्सम-तद्भव के संदर्भ में सही मेल नहीं खाता है और इसलिए यह अनुपयुक्त विकल्प है।
The incorrect option is 1:
गर्त - गड्ढा एक सही तत्सम-तद्भव युग्म है। यहाँ 'गर्त' संस्कृत का तत्सम शब्द है, जिसका अर्थ 'गड्ढा' होता है, जो उसका हिंदी में विकसित तद्भव रूप है। इन दोनों शब्दों के अर्थ और उत्पत्ति में सामंजस्य है।
The incorrect option is 3:
चर्मचटक - चमगादड़ भी एक उपयुक्त तत्सम-तद्भव युग्म है। 'चर्मचटक' (चर्म/चमड़ी वाला पक्षी) संस्कृत का तत्सम शब्द है, जिसका तद्भव रूप 'चमगादड़' होता है। यह जोड़ा शब्दों के क्रमिक विकास के नियमों का पालन करता है।
The incorrect option is 4:
परिकूट - परकोटा एक सही तत्सम-तद्भव युग्म है। 'परिकूट' तत्सम शब्द है जो चारों ओर की मजबूत दीवार या घेरे को दर्शाता है, जिसका तद्भव रूप 'परकोटा' है। यह जोड़ा भी तत्सम और उसके विकसित तद्भव रूप के संबंध को सही ढंग से स्थापित करता है।
प्रश्न 144
समुद्रगुप्त 'भारत का नेपोलियन' था। यहाँ 'नेपोलियन' किस प्रकार की संज्ञा का उदाहरण है?
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उत्तर और व्याख्या
The correct option is 3:
समुद्रगुप्त 'भारत का नेपोलियन' था, इस वाक्य में 'नेपोलियन' शब्द का प्रयोग किसी विशिष्ट व्यक्ति के नाम के रूप में न होकर, बल्कि 'नेपोलियन' जैसे महान विजेता या पराक्रमी होने के अमूर्त गुण या भाव को दर्शाने के लिए हुआ है। जब कोई व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun) किसी विशेष गुण या विशेषता का प्रतिनिधित्व करने लगती है, तो वह भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) या कभी-कभी जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) बन जाती है। इस विशेष संदर्भ में, 'नेपोलियन' शब्द शौर्य, महानता और विश्व-विजय की अमूर्त भावना का प्रतीक बन गया है, जिसे समुद्रगुप्त में देखा गया। इसलिए, यह यहाँ एक भाव (Quality/Attribute) को दर्शा रहा है, और इस कारण से इसे भाववाचक संज्ञा के रूप में माना गया है। यह प्रयोग संज्ञा के रूढ़िगत नियमों से हटकर, लाक्षणिक अर्थ पर आधारित है, जहाँ गुण को प्रमुखता दी गई है।
The incorrect option is 1:
'व्यक्तिवाचक' संज्ञा किसी एक विशिष्ट व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराती है। यहाँ 'नेपोलियन' शब्द का मौलिक रूप से यह अर्थ होता, यदि वाक्य होता, "नेपोलियन एक महान शासक था।" लेकिन इस वाक्य में ('समुद्रगुप्त 'भारत का नेपोलियन' था।') 'नेपोलियन' का प्रयोग समुद्रगुप्त की तुलना करने और उसके पराक्रमी होने के गुण को बताने के लिए किया गया है। इसलिए, यह शब्द अब किसी विशिष्ट नेपोलियन को इंगित नहीं कर रहा है, बल्कि उस नाम से जुड़े गुणों को व्यक्त कर रहा है, जो इसे व्यक्तिवाचक संज्ञा होने से रोकता है।
The incorrect option is 2:
जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) उन शब्दों को कहते हैं जो किसी पूरी जाति या वर्ग का बोध कराते हैं, जैसे 'राजा', 'नेता' या 'शिक्षक'। कुछ व्याकरणविदों के अनुसार, जब व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग गुणों या विशेषताओं के कारण समूह के लिए होता है, तो वह जातिवाचक बन जाती है (जैसे 'आजकल देश में जयचंदों की कमी नहीं है')। हालांकि, इस वाक्य में 'नेपोलियन' का प्रयोग एक मानक या आदर्श के रूप में किया गया है जो सीधे-सीधे उस अमूर्त गुण की ओर इशारा कर रहा है (यानी 'नेपोलियन' जैसा होना), इसलिए 'भाववाचक' (Option 3) को अधिक सटीक उत्तर माना गया है क्योंकि यहाँ मूलतः पराक्रम के भाव को प्रधानता दी गई है।
The incorrect option is 4:
समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun) वह संज्ञा होती है जो किसी समूह या समुदाय का बोध कराती है, जैसे 'सेना', 'भीड़' या 'कक्षा'। 'नेपोलियन' शब्द यहाँ किसी समूह को नहीं दर्शा रहा है। यह एक व्यक्ति को उपमा देने के लिए प्रयुक्त हुआ है, भले ही इसका अर्थ उसके नाम से जुड़े गुण हों। इसलिए, यह स्पष्ट रूप से समूहवाचक संज्ञा नहीं हो सकता।
प्रश्न 145
निजत्व संज्ञा शब्द है
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उत्तर और व्याख्या
The correct option is 2:
निजत्व संज्ञा शब्द है Options: व्यक्तिवाचक, भाववाचक, द्रव्यवाचक, जातिवाचक. Correct: 2
सही विकल्प है 2: भाववाचक
भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun): 'निजत्व' शब्द भाववाचक संज्ञा का एक उत्तम उदाहरण है। भाववाचक संज्ञा वे शब्द होते हैं जो किसी भाव, गुण, अवस्था या क्रिया के व्यापार का बोध कराते हैं, जिन्हें हम केवल अनुभव कर सकते हैं, छू नहीं सकते। 'निजत्व' शब्द 'निज' (अर्थात अपना) से बना है, जिसमें 'त्व' प्रत्यय का योग हुआ है। 'त्व' प्रत्यय का प्रयोग अक्सर भाव या गुण को दर्शाने के लिए किया जाता है। निजत्व का अर्थ होता है 'अपनापन' या 'स्वयं होने का भाव' (The feeling of selfhood or ownership)। यह एक अदृश्य, अनुभवात्मक गुण है, इसलिए यह स्पष्ट रूप से भाववाचक संज्ञा की श्रेणी में आता है। हिंदी व्याकरण में, 'त्व', 'ता', 'पन', 'ई', 'आस' जैसे प्रत्ययों के योग से बनने वाले शब्द अक्सर भाववाचक संज्ञा होते हैं।
The incorrect option is 1: व्यक्तिवाचक
व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun): व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु के नाम को दर्शाती है, जैसे - राम, दिल्ली, गंगा। 'निजत्व' एक सामान्य भाव है और किसी एक विशिष्ट व्यक्ति या स्थान का नाम नहीं है। यह सार्वभौमिक रूप से अपनापन या स्वयं होने के भाव को व्यक्त करता है, इसलिए इसे व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं माना जा सकता।
The incorrect option is 3: द्रव्यवाचक
द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun): द्रव्यवाचक संज्ञा उन पदार्थों या द्रव्यों को दर्शाती है जिनसे अन्य वस्तुएँ बनती हैं, जैसे - सोना, पानी, तेल। 'निजत्व' न तो कोई पदार्थ है और न ही कोई द्रव्य जिसे मापा या तौला जा सके। यह एक अमूर्त भाव है, जो द्रव्यवाचक संज्ञा की परिभाषा से पूर्णतः भिन्न है।
The incorrect option is 4: जातिवाचक
जातिवाचक संज्ञा (Common Noun): जातिवाचक संज्ञा वे शब्द होते हैं जो किसी पूरी जाति या वर्ग का बोध कराते हैं, जैसे - मनुष्य, शहर, नदी। जबकि 'निजत्व' सभी में पाया जाने वाला एक भाव हो सकता है, लेकिन यह किसी वर्ग के व्यक्तियों या वस्तुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता। यह एक व्यक्तिगत और आंतरिक भावना है, न कि किसी समूह या जाति का नाम।
प्रश्न 146
निम्न में से भाववाचक संज्ञा है
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उत्तर और व्याख्या
The correct option is 3:
भाववाचक संज्ञा वह होती है जो किसी गुण, दशा, अवस्था, या भाव का बोध कराती है, जिसे न तो छुआ जा सकता है और न ही देखा जा सकता है, केवल महसूस किया जा सकता है। हिंदी व्याकरण में, भाववाचक संज्ञाएँ प्रायः जातिवाचक संज्ञाओं, सर्वनामों, विशेषणों, क्रियाओं या अव्ययों में प्रत्यय लगाकर बनाई जाती हैं। शब्द 'जागरण' (जागना या जागृत अवस्था) क्रिया 'जागना' से बना है। यह किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण या क्रियाकलाप की अवस्था (जागने की अवस्था) को दर्शाता है। यह एक भाव है, जिसे केवल अनुभव किया जा सकता है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा का सटीक उदाहरण है।
The incorrect option is 1: सायं
'सायं' (शाम) शब्द कालवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Time) या अव्यय के रूप में प्रयोग होता है, न कि संज्ञा के रूप में। यह समय का बोध कराता है, किसी भाव या वस्तु का नहीं। कुछ व्याकरणिक संदर्भों में इसे समय के नाम के रूप में भी देखा जा सकता है, लेकिन यह किसी भाव, गुण या अवस्था का बोध नहीं कराता।
The incorrect option is 2: गृह
'गृह' (घर) एक वस्तु या स्थान का नाम है। जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराते हैं, वे जातिवाचक संज्ञा या व्यक्तिवाचक संज्ञा (यदि विशिष्ट हो) कहलाते हैं। 'गृह' शब्द सभी प्रकार के घरों का बोध कराता है, इसलिए यह एक जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) है। यह कोई भाव या अवस्था नहीं है।
The incorrect option is 4: सभ्य
'सभ्य' शब्द किसी व्यक्ति के गुण या विशेषता को दर्शाता है (शिष्ट, शिष्टाचार वाला)। जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, वे विशेषण (Adjective) कहलाते हैं। 'सभ्य' एक विशेषण है, न कि भाववाचक संज्ञा। इसकी भाववाचक संज्ञा 'सभ्यता' होती है।
प्रश्न 147
सफेदी' शब्द है
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उत्तर और व्याख्या
सफेदी' शब्द भाववाचक संज्ञा है। भाववाचक संज्ञा वे संज्ञाएँ होती हैं जो किसी भाव, गुण, अवस्था या स्थिति का बोध कराती हैं। 'सफेदी' शब्द से सफेद रंग की अवस्था या गुण का बोध होता है, जो कि एक भाव है। इसलिए, यह शब्द भाववाचक संज्ञा के अंतर्गत आता है।
अब अन्य विकल्पों की गलतियों को समझते हैं:
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जातिवाचक संज्ञा: जातिवाचक संज्ञा वे संज्ञाएँ होती हैं जो किसी जाति, वर्ग या समूह का बोध कराती हैं, जैसे कि 'लड़का', 'कुत्ता', 'पेड़' आदि। 'सफेदी' किसी जाति या समूह का बोध नहीं कराता, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा नहीं है।
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गुणवाचक विशेषण: गुणवाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, रंग, आकार आदि का वर्णन करते हैं, जैसे 'लाल', 'बड़ा', 'सुंदर' आदि। 'सफेदी' किसी संज्ञा का गुण नहीं बताता, बल्कि यह स्वयं एक भाव का नाम है, इसलिए यह गुणवाचक विशेषण नहीं है।
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व्यक्तिवाचक संज्ञा: व्यक्तिवाचक संज्ञा वे संज्ञाएँ होती हैं जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम बताती हैं, जैसे 'राम', 'दिल्ली', 'गंगा' आदि। 'सफेदी' किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम नहीं है, इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है।
इस प्रकार, 'सफेदी' शब्द भाववाचक संज्ञा के रूप में सही विकल्प है।
प्रश्न 148
वह दूध पी रहा है' वाक्य में रेखांकित पद है :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य "वह दूध पी रहा है" में रेखांकित पद "वह" है। अब हम इस पद का विश्लेषण करते हैं और देखते हैं कि क्यों विकल्प 4 सही है।
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विकल्प 1: व्यक्तिवाचक संज्ञा, कर्ताकारक
"वह" शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है। व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम होता है, जैसे राम, दिल्ली, गंगा आदि। "वह" एक सर्वनाम है, जो किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करता है, लेकिन यह किसी विशेष नाम का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इसलिए यह विकल्प गलत है। -
विकल्प 2: व्यक्तिवाचक संज्ञा, कर्मकारक
जैसा कि पहले बताया गया, "वह" व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है। इसके अलावा, "वह" वाक्य में कर्ता का कार्य कर रहा है, न कि कर्म का। "दूध" यहाँ कर्म है, जिसे पीने की क्रिया की जा रही है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है। -
विकल्प 3: जातिवाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी जाति, वर्ग या समूह का बोध कराती है, जैसे आदमी, पशु, पेड़ आदि। "वह" जातिवाचक संज्ञा नहीं है, बल्कि यह एक सर्वनाम है। इसलिए यह विकल्प भी गलत है। -
विकल्प 4: अन्य
"वह" एक सर्वनाम है, जो किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करता है। यह न तो व्यक्तिवाचक संज्ञा है, न ही जातिवाचक संज्ञा। यह वाक्य में कर्ता का कार्य कर रहा है, लेकिन यह किसी विशेष नाम का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इसलिए, इसे "अन्य" श्रेणी में रखा गया है। इस प्रकार, विकल्प 4 सही है।
इस प्रकार, विकल्प 4 "अन्य" सही उत्तर है क्योंकि "वह" एक सर्वनाम है और इसे किसी अन्य श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
प्रश्न 149
ऊँचाइयाँ नापनी हैं तो पर्वतों की सैर करो। रेखांकित पद का संज्ञाभेद इंगित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न में दिए गए वाक्य "ऊँचाइयाँ नापनी हैं तो पर्वतों की सैर करो।" में रेखांकित पद "पर्वतों" है। इस पद का संज्ञाभेद जातिवाचक संज्ञा है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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जातिवाचक संज्ञा (Option 4): जातिवाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो किसी वर्ग, जाति या समूह के सामान्य नाम को दर्शाती है। "पर्वतों" शब्द का प्रयोग यहाँ पर्वतों की एक पूरी श्रेणी या समूह के लिए किया गया है, न कि किसी विशेष पर्वत के लिए। यह शब्द पर्वतों की एक सामान्य श्रेणी को इंगित करता है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है।
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भाववाचक संज्ञा (Option 1): भाववाचक संज्ञा वह होती है जो किसी भाव, गुण, अवस्था या क्रिया के नाम को दर्शाती है। "पर्वतों" शब्द किसी भाव या गुण को नहीं दर्शाता, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा नहीं है।
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समूहवाचक संज्ञा (Option 2): समूहवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी समूह या झुंड का नाम दर्शाती है। हालांकि "पर्वतों" एक से अधिक पर्वतों का समूह दर्शाता है, लेकिन यह विशेष रूप से समूहवाचक संज्ञा की श्रेणी में नहीं आता क्योंकि यह एक सामान्य वर्ग का नाम है।
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व्यक्तिवाचक संज्ञा (Option 3): व्यक्तिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम दर्शाती है। "पर्वतों" किसी विशेष पर्वत का नाम नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य वर्ग का नाम है, इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है।
इस प्रकार, "पर्वतों" शब्द जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत आता है, और इसलिए सही उत्तर विकल्प 4 है।
प्रश्न 150
गरीबों की प्रार्थनाएँ व्यर्थ नहीं जाती हैं' - वाक्य में रेखांकित पद में संज्ञाभेद इंगित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
वाक्य 'गरीबों की प्रार्थनाएँ व्यर्थ नहीं जाती हैं' में रेखांकित पद 'प्रार्थनाएँ' है। इस पद का संज्ञाभेद 'जातिवाचक' है, जो विकल्प 2 के रूप में सही उत्तर है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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जातिवाचक संज्ञा: जातिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी विशेष प्रकार या वर्ग के नाम को दर्शाती है। 'प्रार्थनाएँ' शब्द यहाँ एक विशेष प्रकार की क्रिया या भावना को दर्शाता है, जो कि प्रार्थना करने की क्रिया या भावना का एक सामान्य नाम है। यह किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम नहीं है, बल्कि एक प्रकार की क्रिया का नाम है, जो इसे जातिवाचक संज्ञा बनाता है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- भाववाचक संज्ञा: भाववाचक संज्ञा वह होती है जो किसी भावना, गुण, या अवस्था का नाम हो। 'प्रार्थनाएँ' शब्द यहाँ किसी भावना या गुण का नाम नहीं है, बल्कि एक क्रिया का नाम है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा नहीं है।
- समूहवाचक संज्ञा: समूहवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी समूह या झुंड का नाम हो। 'प्रार्थनाएँ' किसी समूह का नाम नहीं है, बल्कि यह एक क्रिया का नाम है, इसलिए यह समूहवाचक संज्ञा नहीं है।
- व्यक्तिवाचक संज्ञा: व्यक्तिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम हो। 'प्रार्थनाएँ' किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम नहीं है, इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है।
इस प्रकार, 'प्रार्थनाएँ' शब्द का संज्ञाभेद 'जातिवाचक' है, और विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रश्न 151
निम्न में से किस विकल्प में मूल या अयौगिक भाववाचक संज्ञा नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
विकल्प 2, "ममत्व", को सही उत्तर के रूप में चुना गया है क्योंकि यह मूल या अयौगिक भाववाचक संज्ञा नहीं है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
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ममत्व (Option 2): ममत्व का अर्थ है 'ममता' या 'माँ का प्रेम'। यह एक भावनात्मक स्थिति है जो किसी विशेष व्यक्ति या वस्तु के प्रति गहरे प्रेम और स्नेह को दर्शाती है। यह एक अमूर्त भावना है और इसे किसी विशेष वस्तु या व्यक्ति से नहीं जोड़ा जा सकता। इसलिए, यह मूल या अयौगिक भाववाचक संज्ञा नहीं है।
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रोग (Option 1): रोग एक ऐसी स्थिति है जो शरीर या मन की अस्वस्थता को दर्शाती है। यह एक विशेष स्थिति या अवस्था को दर्शाता है और इसे एक संज्ञा के रूप में माना जाता है। यह एक अयौगिक भाववाचक संज्ञा है क्योंकि यह एक विशेष अवस्था को दर्शाता है।
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क्षमा (Option 3): क्षमा का अर्थ है 'माफ करना' या 'दया दिखाना'। यह एक विशेष भावना या गुण को दर्शाता है जो किसी के प्रति दया या सहानुभूति को दर्शाता है। यह भी एक अयौगिक भाववाचक संज्ञा है क्योंकि यह एक विशेष गुण को दर्शाता है।
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सत्य (Option 4): सत्य का अर्थ है 'सच्चाई' या 'वास्तविकता'। यह एक विशेष गुण या अवस्था को दर्शाता है जो किसी वस्तु या घटना की वास्तविकता को दर्शाता है। यह भी एक अयौगिक भाववाचक संज्ञा है।
इस प्रकार, "ममत्व" को सही उत्तर के रूप में चुना गया है क्योंकि यह अन्य विकल्पों की तरह एक विशेष अवस्था या गुण को नहीं दर्शाता है, बल्कि यह एक अमूर्त भावना है।
प्रश्न 152
निम्न में से भाववाचक शब्द छाँटिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
भाववाचक शब्द वे शब्द होते हैं जो किसी भाव, गुण, अवस्था या स्थिति का बोध कराते हैं। दिए गए विकल्पों में से हमें भाववाचक शब्द को पहचानना है।
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युवक: यह शब्द किसी व्यक्ति विशेष की अवस्था या उम्र को दर्शाता है। यह एक संज्ञा है जो किसी युवा व्यक्ति को इंगित करता है, लेकिन यह किसी भाव या गुण का बोध नहीं कराता। इसलिए यह भाववाचक शब्द नहीं है।
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चिकित्सक: यह शब्द एक पेशेवर व्यक्ति को दर्शाता है जो चिकित्सा करता है। यह भी एक संज्ञा है और किसी भाव या गुण का बोध नहीं कराता। इसलिए यह भाववाचक शब्द नहीं है।
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किसानी: यह शब्द खेती करने की क्रिया या अवस्था को दर्शाता है। यह एक भाववाचक संज्ञा है क्योंकि यह खेती करने के कार्य या उससे जुड़े भाव को व्यक्त करता है। इसलिए यह सही उत्तर है।
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ज्ञानी: यह शब्द किसी व्यक्ति के गुण को दर्शाता है जो ज्ञान से परिपूर्ण है। हालांकि यह गुणवाचक विशेषण है, लेकिन यह भाववाचक संज्ञा नहीं है क्योंकि यह किसी भाव या अवस्था का बोध नहीं कराता।
इस प्रकार, "किसानी" एकमात्र ऐसा शब्द है जो भाववाचक संज्ञा के रूप में सही है, क्योंकि यह खेती करने की क्रिया या अवस्था का बोध कराता है। यही कारण है कि विकल्प 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 153
निम्न में से किस भाववाचक संज्ञा शब्द की निर्मिती व्यक्तिवाचक संज्ञा से हुई है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: निम्न में से किस भाववाचक संज्ञा शब्द की निर्मिती व्यक्तिवाचक संज्ञा से हुई है?
सही उत्तर: विकल्प 3 (ऐश्वर्य)
विवरण:
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ऐश्वर्य: यह शब्द 'ईश्वर' से बना है, जो एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है। 'ईश्वर' का अर्थ है भगवान या परमात्मा, जो एक विशिष्ट व्यक्ति या सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है। 'ऐश्वर्य' का अर्थ है समृद्धि, वैभव या शक्ति, जो ईश्वर से संबंधित गुणों का भाववाचक रूप है। इसलिए, 'ऐश्वर्य' की निर्मिती व्यक्तिवाचक संज्ञा 'ईश्वर' से हुई है, और यही कारण है कि विकल्प 3 सही उत्तर है।
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मातृत्व: यह शब्द 'माता' से बना है, जो एक जातिवाचक संज्ञा है, न कि व्यक्तिवाचक संज्ञा। 'मातृत्व' का अर्थ है माँ होने की अवस्था या गुण। चूंकि 'माता' एक जातिवाचक संज्ञा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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आवश्यकता: यह शब्द 'आवश्यक' से बना है, जो एक विशेषण है और किसी व्यक्तिवाचक संज्ञा से संबंधित नहीं है। 'आवश्यकता' का अर्थ है जरूरत या आवश्यकता। यह किसी व्यक्तिवाचक संज्ञा से नहीं बना है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
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कैशोर्य: यह शब्द 'किशोर' से बना है, जो एक जातिवाचक संज्ञा है। 'कैशोर्य' का अर्थ है किशोर अवस्था या युवावस्था। चूंकि 'किशोर' एक जातिवाचक संज्ञा है, इसलिए यह विकल्प सही नहीं है।
इस प्रकार, 'ऐश्वर्य' ही एकमात्र ऐसा शब्द है जिसकी निर्मिती व्यक्तिवाचक संज्ञा 'ईश्वर' से हुई है, और इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
प्रश्न 154
पानी' शब्द किस संज्ञा का उदाहरण है ?
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उत्तर और व्याख्या
'पानी' शब्द जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है। जातिवाचक संज्ञा उन शब्दों को कहते हैं जो किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान या प्राणी की पूरी जाति या वर्ग का बोध कराते हैं। 'पानी' एक ऐसा शब्द है जो तरल पदार्थ की एक पूरी श्रेणी को दर्शाता है, न कि किसी विशेष प्रकार के पानी को। इसलिए, यह जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है।
अब हम अन्य विकल्पों को देखते हैं और समझते हैं कि वे क्यों गलत हैं:
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व्यक्तिवाचक: व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम होता है। उदाहरण के लिए, 'राम', 'दिल्ली', 'गंगा' आदि। 'पानी' किसी विशेष प्रकार के पानी का नाम नहीं है, इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है।
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भाववाचक: भाववाचक संज्ञा उन शब्दों को कहते हैं जो किसी भाव, गुण, अवस्था या क्रिया का बोध कराते हैं। उदाहरण के लिए, 'सुख', 'दुख', 'सत्य' आदि। 'पानी' किसी भाव या गुण का बोध नहीं कराता, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा नहीं है।
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गणनावाचक: गणनावाचक संज्ञा उन शब्दों को कहते हैं जिनसे किसी वस्तु की संख्या का बोध होता है। उदाहरण के लिए, 'दो', 'तीन', 'कई' आदि। 'पानी' किसी संख्या का बोध नहीं कराता, इसलिए यह गणनावाचक संज्ञा नहीं है।
इस प्रकार, 'पानी' शब्द जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है, और यही कारण है कि विकल्प 3 सही है।
प्रश्न 155
संज्ञाओं की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
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उत्तर और व्याख्या
Option 3 सही है क्योंकि "ईर्ष्या, रोग, जन्म, मृत्यु" यौगिक भाववाचक संज्ञाएँ नहीं हैं। ये सभी रूढ़ भाववाचक संज्ञाएँ हैं। यौगिक भाववाचक संज्ञाएँ वे होती हैं जो किसी अन्य शब्द (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) में प्रत्यय लगाकर बनाई जाती हैं। "ईर्ष्या, रोग, जन्म, मृत्यु" मूल शब्द हैं और किसी अन्य शब्द से नहीं बने हैं।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 1 गलत है: व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ सामान्यतः एकवचन में प्रयुक्त होती हैं, यह सही है। उदाहरण के लिए, "राम", "गंगा", "भारत" हमेशा एकवचन में ही प्रयुक्त होते हैं।
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Option 2 गलत है: व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ अनन्त होती हैं, यह भी सही है। दुनिया में व्यक्तियों, स्थानों, और वस्तुओं के नाम अनगिनत हैं।
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Option 4 गलत है: व्यक्तिवाचक एवं भाववाचक संज्ञाओं का जातिवाचक संज्ञाओं में रूपान्तरण किया जा सकता है, यह भी सही है। उदाहरण के लिए, "विभीषण" (व्यक्तिवाचक) का प्रयोग "घर में विभीषणों की कमी नहीं है" में जातिवाचक संज्ञा के रूप में होता है। इसी प्रकार, "बुराई" (भाववाचक) का प्रयोग "बुराइयाँ समाज को खोखला कर रही हैं" में जातिवाचक संज्ञा के रूप में होता है।
इसलिए, केवल Option 3 ही असंगत है क्योंकि इसमें दी गई संज्ञाएँ यौगिक नहीं, बल्कि रूढ़ भाववाचक संज्ञाएँ हैं।
प्रश्न 156
इनमें कौन-सी भाववाचक संज्ञा का निर्माण विशेषणवाचक शब्द से नहीं हुआ है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 3 सही उत्तर है क्योंकि 'अपनापन' भाववाचक संज्ञा का निर्माण 'अपना' सर्वनाम से हुआ है, न कि विशेषण से।
यहां अन्य विकल्पों के गलत होने का कारण बताया गया है:
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नकटापन: 'नकटा' एक विशेषण है (जिसका अर्थ है बिना नाक वाला या बेढंगा)। 'नकटापन' भाववाचक संज्ञा का निर्माण विशेषण 'नकटा' से हुआ है।
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सयानापन: 'सयाना' एक विशेषण है (जिसका अर्थ है समझदार या बुद्धिमान)। 'सयानापन' भाववाचक संज्ञा का निर्माण विशेषण 'सयाना' से हुआ है।
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गोरापन: 'गोरा' एक विशेषण है (जो रंग का वर्णन करता है)। 'गोरापन' भाववाचक संज्ञा का निर्माण विशेषण 'गोरा' से हुआ है।
इसलिए, केवल 'अपनापन' ही ऐसा विकल्प है जिसका निर्माण विशेषण से नहीं हुआ है, बल्कि सर्वनाम 'अपना' से हुआ है। इसलिए Option 3 सही है।
प्रश्न 157
भाववाचक संज्ञा पद है :
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उत्तर और व्याख्या
भाववाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो किसी भाव, गुण, अवस्था या स्थिति का बोध कराती है। यह किसी भौतिक वस्तु या व्यक्ति का नाम नहीं होती, बल्कि किसी अमूर्त विचार या भावना का नाम होती है।
- बचपन (Option 3): बचपन एक भाववाचक संज्ञा है क्योंकि यह जीवन के एक विशेष अवस्था या काल का बोध कराता है। यह किसी व्यक्ति या वस्तु का नाम नहीं है, बल्कि जीवन के उस समय का नाम है जब व्यक्ति बच्चा होता है। यह एक अमूर्त अवस्था है और इसलिए इसे भाववाचक संज्ञा कहा जाता है।
अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं:
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भूकंप (Option 1): भूकंप एक प्राकृतिक घटना है और यह किसी विशेष भावना या अवस्था का बोध नहीं कराता। यह एक भौतिक घटना है जो पृथ्वी की सतह पर होती है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा नहीं है।
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विधायक (Option 2): विधायक एक व्यक्ति का नाम है जो किसी विधानमंडल का सदस्य होता है। यह एक व्यक्ति विशेष का नाम है और इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है, न कि भाववाचक संज्ञा।
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परस्पर (Option 4): परस्पर एक क्रिया विशेषण है जो आपसी संबंध या क्रिया का बोध कराता है। यह किसी भावना या अवस्था का नाम नहीं है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा नहीं है।
इस प्रकार, दिए गए विकल्पों में से "बचपन" ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जो भाववाचक संज्ञा के रूप में सही है।
प्रश्न 158
जातिवाचक संज्ञा युक्त वाक्य नहीं है :
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उत्तर और व्याख्या
जातिवाचक संज्ञा युक्त वाक्य नहीं है: मैंने अनुभव किया है कि उसे ऊँचाई से डर लगता है।
व्याख्या:
जातिवाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो किसी संपूर्ण जाति, वर्ग या समुदाय का बोध कराती है। दिए गए विकल्पों में से, केवल विकल्प 4 में प्रयुक्त संज्ञा "ऊँचाई" भाववाचक संज्ञा है, न कि जातिवाचक। यह एक भाव, अवस्था या गुण को दर्शाती है, न कि किसी विशेष प्रकार की वस्तुओं या व्यक्तियों के समूह को।
- मैंने अनुभव किया है कि उसे ऊँचाई से डर लगता है: यहाँ "ऊँचाई" एक भाव है, डर का कारण है, और यह किसी विशेष प्रकार की ऊँचाई (जैसे पर्वत, इमारत) को नहीं दर्शाती। इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा नहीं है।
अब, अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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आजकल की पढ़ाइयाँ बहुत महँगी हैं: यहाँ "पढ़ाइयाँ" जातिवाचक संज्ञा है। यह विभिन्न प्रकार की शिक्षाओं या अध्ययन के क्षेत्रों को संदर्भित करती है (जैसे विज्ञान की पढ़ाई, कला की पढ़ाई)। यह एक विशेष प्रकार की पढ़ाई को नहीं, बल्कि पढ़ाई के पूरे वर्ग को दर्शाती है।
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उँचाइयाँ नापनी हैं तो पर्वतों की सैर कीजिए: यहाँ "उँचाइयाँ" जातिवाचक संज्ञा है। यह विभिन्न प्रकार की ऊँचाइयों को संदर्भित करती है (जैसे पहाड़ों की ऊँचाई, इमारतों की ऊँचाई)। यह एक विशेष ऊँचाई को नहीं, बल्कि ऊँचाई के पूरे वर्ग को दर्शाती है।
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कभी-कभी बुराइयाँ ही अच्छाइयाँ बन जाती हैं: यहाँ "बुराइयाँ" और "अच्छाइयाँ" दोनों जातिवाचक संज्ञाएँ हैं। ये विभिन्न प्रकार की बुराइयों और अच्छाइयों को संदर्भित करती हैं (जैसे झूठ बोलना एक बुराई है, सच बोलना एक अच्छाई है)। ये किसी विशेष बुराई या अच्छाई को नहीं, बल्कि बुराई और अच्छाई के पूरे वर्ग को दर्शाती हैं।
इसलिए, केवल विकल्प 4 में जातिवाचक संज्ञा का प्रयोग नहीं हुआ है, बल्कि भाववाचक संज्ञा का प्रयोग हुआ है। यही कारण है कि विकल्प 4 सही उत्तर है।
प्रश्न 159
किस विकल्प के सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रश्न: किस विकल्प के सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं?
सही उत्तर: विकल्प 3
विस्तृत व्याख्या:
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विकल्प 3: राधेश्याम, पन्नालाल, हिमालय
- इस विकल्प में दिए गए सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं।
- राधेश्याम और पन्नालाल दोनों ही व्यक्तियों के नाम हैं, जो कि व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ होती हैं क्योंकि वे किसी विशेष व्यक्ति का नाम दर्शाते हैं।
- हिमालय एक विशेष पर्वत श्रृंखला का नाम है, जो इसे एक विशिष्ट स्थान बनाता है और इसलिए यह भी व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
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विकल्प 1: आम, साधना, ऊँचाई
- आम एक फल का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
- साधना एक क्रिया या प्रक्रिया का नाम हो सकता है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
- ऊँचाई एक विशेषता का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
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विकल्प 2: गाय, मूर्खता, चालाकी
- गाय एक जानवर का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
- मूर्खता और चालाकी दोनों ही गुणों के नाम हैं, जो जातिवाचक संज्ञाएँ हैं।
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विकल्प 4: ममता, बैल, लम्बाई
- ममता एक भावना का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
- बैल एक जानवर का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
- लम्बाई एक माप का नाम है, जो जातिवाचक संज्ञा है।
इस प्रकार, केवल विकल्प 3 में दिए गए सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं, इसलिए यह सही उत्तर है।
प्रश्न 160
किस भाववाचक संज्ञा का निर्माण व्यक्तिवाचक संज्ञा से हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
भाववाचक संज्ञा का निर्माण व्यक्तिवाचक संज्ञा से तब होता है जब किसी व्यक्ति के नाम या विशेषता से संबंधित भाव को व्यक्त करने के लिए एक नया शब्द बनाया जाता है।
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ऐश्वर्य (Option 3): ऐश्वर्य का निर्माण 'ईश्वर' से हुआ है। 'ईश्वर' एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है जो किसी विशेष व्यक्ति या शक्ति को दर्शाता है। 'ऐश्वर्य' का अर्थ है समृद्धि, वैभव या शक्ति, जो ईश्वर से संबंधित भाव को व्यक्त करता है। इसलिए, ऐश्वर्य एक भाववाचक संज्ञा है जो व्यक्तिवाचक संज्ञा 'ईश्वर' से उत्पन्न हुई है।
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बचपन (Option 1): बचपन का निर्माण 'बच्चा' से होता है, जो एक सामान्य संज्ञा है न कि व्यक्तिवाचक संज्ञा। यह किसी विशेष व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि एक अवस्था को दर्शाता है।
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कैशोर्य (Option 2): कैशोर्य का निर्माण 'किशोर' से होता है, जो एक अवस्था को दर्शाता है और यह भी एक सामान्य संज्ञा है, न कि व्यक्तिवाचक संज्ञा।
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मातृत्व (Option 4): मातृत्व का निर्माण 'माता' से होता है, जो एक सामान्य संज्ञा है और किसी विशेष व्यक्ति का नाम नहीं है। यह मातृत्व के भाव को दर्शाता है।
इस प्रकार, ऐश्वर्य ही एकमात्र ऐसा शब्द है जो व्यक्तिवाचक संज्ञा 'ईश्वर' से भाववाचक संज्ञा के रूप में निर्मित हुआ है। यही कारण है कि विकल्प 3 सही उत्तर है।